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Lalitpur News: तरसते रहो झांसी वालों...चार साल से पानी-पानी खेल रहीं 2400 करोड़ की पेयजल योजनाएं
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झांसी। पेयजल की समस्या खत्म करने के लिए झांसी में करीब 2400 करोड़ रुपये की पेयजल योजनाएं चार साल से चल रही हैं। इसमें महानगर के इलाकों के लिए अमृत योजना है, जबकि ग्रामीण इलाकों के लिए हर घर जल के जरिए सीधे घर तक पीने का पानी पहुंचाने की योजना संचालित है। लेकिन, अफसरों के ढीले रवैये के चलते दोनों परियोजनाएं फिलहाल आधी-अधूरी हैं। इनकी डेडलाइन भी खत्म हो चुकी है। वहीं, झांसी की तीन लाख से अधिक आबादी पानी के लिए तरस रही है।
गर्मी की शुरूआत होते ही 40 वार्ड के लोग पानी के लिए परेशान हैं। कई मोहल्लों में एक-एक बाल्टी पानी के लिए लोगों को कई किलोमीटर दूर तक जाना पड़ रहा है। लोग गाड़ियों और ठेलों पर पानी ढो रहे हैं। वहीं, महिलाएं और बच्चे हैंडपंपों पर सुबह से लाइन लगा रहे हैं। जबकि घर तक साफ पानी पहुंचाने के लिए अमृत (झांसी पेयजल पुनर्गठन योजना) के जरिए 600.42 करोड़ रुपये से 21 जून 2019 को काम शुरू हुआ था। इस काम को 20 जून 2022 तक पूरा हो जाना चाहिए था लेकिन, लेटलतीफी के चलते अभी महज 55 प्रतिशत काम ही पूरा हो पाया है। योजना की रफ्तार इससे ही समझी जा सकती है कि महानगर के भीतर 288.25 किलोमीटर में पाइपलाइन बिछाने और जल संयोजन का काम होना था। लेकिन, अभी तक सिर्फ 97 किलोमीटर में ही काम हो सका है।
यही हाल ग्रामीण इलाकों के लिए चल रही 1800 करोड़ की हर घर जल योजना का है। इसका काम मार्च 2023 तक पूरा होना था लेकिन, यह भी अधूरा है। हर घर जल योजना के तहत गुलारा, बचावली, तिलैथा, बुढ़पुरा, बरथरी, टेहरका, इमलौटा, कुरैचा, पुरवा व बढ़वार में परियोजनाएं आरंभ हुईं थी। इन परियोजनाओं के अधूरा पड़ा होने से सैकड़ों गांव तक इस सीजन में भी पेयजल नहीं पहुंच सकेगा।
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अमृत योजना में अब तक हुआ काम
24 प्रतिशत इंटेक वेल
50 प्रतिशत सीपी टैंक निर्माण
60 प्रतिशत जल शोधन संयंत्र 195 एमएलडी
72 प्रतिशत भूमिगत जलाशय
50 प्रतिशत ओवर हेड जलाशय
30 प्रतिशत वितरण प्रणाली
12 प्रतिशत गृह संयोजन
अब तक हुए महज 1500 कनेक्शन
अमृत योजना के जरिए महानगर में 21144 घरों में कनेक्शन होना था लेकिन, अभी तक महज 1500 कनेक्शन ही किए जा सके हैं। पाइपलाइन न बिछ पाने से कनेक्शन करने की रफ्तार नहीं बढ़ पा रही है।
कहीं रात एक बजे आता है पानी, कई मोहल्लों में नहीं टपकती बूंद
महानगर के 60 वार्डों में 40 से अधिक वार्डों में पानी की किल्लत शुरू हो गई है। गर्मी आते ही बाहर बड़ागांव गेट, सराय मोहल्ला, दरीगरान, भांडेरी गेट, सिजरिया कॉलोनी, अलीगोल, कसाई मंडी, ओरछा गेट, आईटीआई कैंपस के पास, प्रेमनगर, पुरानी पुलिस चौकी, ताज कंपाउंड, मद्रासी कॉलोनी, सत्यम कॉलोनी, अन्नपूर्णा कॉलोनी, चार खंभा, बाहर उन्नाव गेट, ऋषिकुंज स्कूल के पास, मास्टर कॉलोनी सहित अन्य कई मोहल्लों में पानी की बूंद भी नहीं टपकती। यहां पर कई जगह पाइपलाइन पड़ी है तो पानी नहीं आता। जबकि कई जगह पाइपलाइन ही नहीं डाली गई है। ऐसे में यहां के लोग सुबह से ही पानी के लिए डिब्बे लेकर यहां-वहां भटकते हैं। लोगों को साइकिल, ठेला और गाड़ियों से पानी ढोना पड़ता है। जबकि महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे पैदल ही पानी भरकर लाने को मजबूर हैं। वहीं, सीपरी बाजार समेत नैनागढ़ के कई इलाकों में रात एक बजे बाद पानी की जलापूर्ति आरंभ होती है।
काम की धीमी रफ्तार के चलते कार्यदायी एजेंसी पर जुर्माना लगाया है। उसे जून तक काम पूरा करने के लिए कहा गया है। इस काम की निगरानी की जा रही है। काम के पूरा हो जाने से पानी की समस्या खत्म हो जाएगी।
-मुकेश पाल सिंह, अधिशासी अभियंता
बातचीत
गर्मी शुरू होते ही पानी की समस्या शुरू हो गई। पीने का पानी करीब चार किलोमीटर दूर से गाड़ियों में लादकर लाना पड़ता है। अभी टैंकर भी नहीं चल रहे।
अनुग्र भार्गव
पाइपलाइन बिछने के बाद पिछले साल कनेक्शन भी कर दिया गया लेकिन, अभी तक पूरे बड़ागांव गेट बाहर इलाके में पानी की आपूर्ति आरंभ नहीं हुई है।
रोहित साहू
पानी के लिए बहुत परेशानी उठानी पड़ती है। टैंकर का संचालन भी अभी आरंभ नहीं हुआ। गर्मी आरंभ हो जाने से बोरिंग का पानी भी नीचे जा रहा है।
धर्मेंद्र वर्मा
कई महीने पहले बड़ागांव गेट बाहर पाइपलाइन डाली गई लेकिन, अभी तक पानी नहीं आया। लोगों को चार किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ता है।
कुसुम
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गर्मी की शुरूआत होते ही 40 वार्ड के लोग पानी के लिए परेशान हैं। कई मोहल्लों में एक-एक बाल्टी पानी के लिए लोगों को कई किलोमीटर दूर तक जाना पड़ रहा है। लोग गाड़ियों और ठेलों पर पानी ढो रहे हैं। वहीं, महिलाएं और बच्चे हैंडपंपों पर सुबह से लाइन लगा रहे हैं। जबकि घर तक साफ पानी पहुंचाने के लिए अमृत (झांसी पेयजल पुनर्गठन योजना) के जरिए 600.42 करोड़ रुपये से 21 जून 2019 को काम शुरू हुआ था। इस काम को 20 जून 2022 तक पूरा हो जाना चाहिए था लेकिन, लेटलतीफी के चलते अभी महज 55 प्रतिशत काम ही पूरा हो पाया है। योजना की रफ्तार इससे ही समझी जा सकती है कि महानगर के भीतर 288.25 किलोमीटर में पाइपलाइन बिछाने और जल संयोजन का काम होना था। लेकिन, अभी तक सिर्फ 97 किलोमीटर में ही काम हो सका है।
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यही हाल ग्रामीण इलाकों के लिए चल रही 1800 करोड़ की हर घर जल योजना का है। इसका काम मार्च 2023 तक पूरा होना था लेकिन, यह भी अधूरा है। हर घर जल योजना के तहत गुलारा, बचावली, तिलैथा, बुढ़पुरा, बरथरी, टेहरका, इमलौटा, कुरैचा, पुरवा व बढ़वार में परियोजनाएं आरंभ हुईं थी। इन परियोजनाओं के अधूरा पड़ा होने से सैकड़ों गांव तक इस सीजन में भी पेयजल नहीं पहुंच सकेगा।
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अमृत योजना में अब तक हुआ काम
24 प्रतिशत इंटेक वेल
50 प्रतिशत सीपी टैंक निर्माण
60 प्रतिशत जल शोधन संयंत्र 195 एमएलडी
72 प्रतिशत भूमिगत जलाशय
50 प्रतिशत ओवर हेड जलाशय
30 प्रतिशत वितरण प्रणाली
12 प्रतिशत गृह संयोजन
अब तक हुए महज 1500 कनेक्शन
अमृत योजना के जरिए महानगर में 21144 घरों में कनेक्शन होना था लेकिन, अभी तक महज 1500 कनेक्शन ही किए जा सके हैं। पाइपलाइन न बिछ पाने से कनेक्शन करने की रफ्तार नहीं बढ़ पा रही है।
कहीं रात एक बजे आता है पानी, कई मोहल्लों में नहीं टपकती बूंद
महानगर के 60 वार्डों में 40 से अधिक वार्डों में पानी की किल्लत शुरू हो गई है। गर्मी आते ही बाहर बड़ागांव गेट, सराय मोहल्ला, दरीगरान, भांडेरी गेट, सिजरिया कॉलोनी, अलीगोल, कसाई मंडी, ओरछा गेट, आईटीआई कैंपस के पास, प्रेमनगर, पुरानी पुलिस चौकी, ताज कंपाउंड, मद्रासी कॉलोनी, सत्यम कॉलोनी, अन्नपूर्णा कॉलोनी, चार खंभा, बाहर उन्नाव गेट, ऋषिकुंज स्कूल के पास, मास्टर कॉलोनी सहित अन्य कई मोहल्लों में पानी की बूंद भी नहीं टपकती। यहां पर कई जगह पाइपलाइन पड़ी है तो पानी नहीं आता। जबकि कई जगह पाइपलाइन ही नहीं डाली गई है। ऐसे में यहां के लोग सुबह से ही पानी के लिए डिब्बे लेकर यहां-वहां भटकते हैं। लोगों को साइकिल, ठेला और गाड़ियों से पानी ढोना पड़ता है। जबकि महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे पैदल ही पानी भरकर लाने को मजबूर हैं। वहीं, सीपरी बाजार समेत नैनागढ़ के कई इलाकों में रात एक बजे बाद पानी की जलापूर्ति आरंभ होती है।
काम की धीमी रफ्तार के चलते कार्यदायी एजेंसी पर जुर्माना लगाया है। उसे जून तक काम पूरा करने के लिए कहा गया है। इस काम की निगरानी की जा रही है। काम के पूरा हो जाने से पानी की समस्या खत्म हो जाएगी।
-मुकेश पाल सिंह, अधिशासी अभियंता
बातचीत
गर्मी शुरू होते ही पानी की समस्या शुरू हो गई। पीने का पानी करीब चार किलोमीटर दूर से गाड़ियों में लादकर लाना पड़ता है। अभी टैंकर भी नहीं चल रहे।
अनुग्र भार्गव
पाइपलाइन बिछने के बाद पिछले साल कनेक्शन भी कर दिया गया लेकिन, अभी तक पूरे बड़ागांव गेट बाहर इलाके में पानी की आपूर्ति आरंभ नहीं हुई है।
रोहित साहू
पानी के लिए बहुत परेशानी उठानी पड़ती है। टैंकर का संचालन भी अभी आरंभ नहीं हुआ। गर्मी आरंभ हो जाने से बोरिंग का पानी भी नीचे जा रहा है।
धर्मेंद्र वर्मा
कई महीने पहले बड़ागांव गेट बाहर पाइपलाइन डाली गई लेकिन, अभी तक पानी नहीं आया। लोगों को चार किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ता है।
कुसुम