{"_id":"6193f8dd153e1a5030279226","slug":"partiality-to-payment-farmers-fund-lalitpur-news-jhs2089316112","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसानों के साथ राहत राशि भुगतान में किया जा रहा भेदभाव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसानों के साथ राहत राशि भुगतान में किया जा रहा भेदभाव
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ललितपुर। मंगलवार को प्रगतिशील किसान जन मोर्चा ने खरीफ 2021 की नष्ट फसल की राहत राशि भुगतान में अनियमितताएं व भेदभाव करने के आरोप को लेकर डीएम को ज्ञापन देकर कार्रवाई करने की मांग की है।
पत्र में बताया कि वर्ष 2021 में खरीफ की फसल नष्ट हो गई थी, जिसकी राहत राशि का वितरण किया जा रहा है। इसमें संबंधित कर्मचारियों द्वारा अनियमितताएं की गई हैं। दो हेक्टेयर के किसान को एक हजार व 15 सौ रुपये का भुगतान किया जा रहा है जबकि एक एकड़ से दो एकड़ के किसान को दो से तीन हजार का भुगतान किया जा रहा है। इससे किसानों में असंतोष पनप रहा है।
बताया कि बीमा क्लेम की तत्कालिक राशि का भुगतान 15 दिनों में किया जाता है, लेकिन अब तक भुगतान नहीं किया जा रहा है। किसानों को बीमा क्लेम से वंचित करने के लिए षडयंत्र किया जा रहा है। इसकी जांच कर बीमा क्लेम दिलाया जाए। साथ ही बताया कि जाखलौन पंप कैनाल का संचालन ठीक तरह से नहीं किया जा रहा है। इससे रजवाहा व माइनरों में पानी नहीं पहुंच रहा है। इससे रबी की बुवाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने मांग की है कि राहत राशि का वितरण नियमानुसार किया जा रहा है। ज्ञापन पर अध्यक्ष बाबूलाल दुबे, आनंद देवलिया, आशीष कौशिक, जानकी प्रसाद लिटौरिया, भगवानदास आदि के हस्ताक्षर हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
पत्र में बताया कि वर्ष 2021 में खरीफ की फसल नष्ट हो गई थी, जिसकी राहत राशि का वितरण किया जा रहा है। इसमें संबंधित कर्मचारियों द्वारा अनियमितताएं की गई हैं। दो हेक्टेयर के किसान को एक हजार व 15 सौ रुपये का भुगतान किया जा रहा है जबकि एक एकड़ से दो एकड़ के किसान को दो से तीन हजार का भुगतान किया जा रहा है। इससे किसानों में असंतोष पनप रहा है।
विज्ञापन
बताया कि बीमा क्लेम की तत्कालिक राशि का भुगतान 15 दिनों में किया जाता है, लेकिन अब तक भुगतान नहीं किया जा रहा है। किसानों को बीमा क्लेम से वंचित करने के लिए षडयंत्र किया जा रहा है। इसकी जांच कर बीमा क्लेम दिलाया जाए। साथ ही बताया कि जाखलौन पंप कैनाल का संचालन ठीक तरह से नहीं किया जा रहा है। इससे रजवाहा व माइनरों में पानी नहीं पहुंच रहा है। इससे रबी की बुवाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने मांग की है कि राहत राशि का वितरण नियमानुसार किया जा रहा है। ज्ञापन पर अध्यक्ष बाबूलाल दुबे, आनंद देवलिया, आशीष कौशिक, जानकी प्रसाद लिटौरिया, भगवानदास आदि के हस्ताक्षर हैं।
विज्ञापन