{"_id":"57bb50694f1c1bcc59d4f08e","slug":"parents-of-children-at-social-media","type":"story","status":"publish","title_hn":"सोशल मीडिया से बालक को मिले अभिभावक ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सोशल मीडिया से बालक को मिले अभिभावक
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 23 Aug 2016 12:50 AM IST
विज्ञापन
boys missing case, lalitpur news
- फोटो : amar ujala, lalitpur news
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ललितपुर। भटके हुए बालक को सोशल मीडिया के जरिए उसके परिजनों तक पहुंचा दिया गया। हमीरपुर की तहसील राठ के कस्बा मौदहा में भटकता हुआ एक बालक पुलिस कर्मी को मिला। उसे पुलिस द्वारा बाल कल्याण समिति बांदा के सुपुर्द कर दिया गया। सीडब्ल्यूसी बांदा ने बालक को ललितपुर जनपद के दैलवारा स्थित बाल गृह भेज दिया।
महिला थाना प्रभारी प्रीति दीक्षित द्वारा बालक के परिजनों की खोजबीन शुरू की गयी। बालक ने अपना नाम राज बताया, जिसकी उम्र करीब 8 वर्ष बतायी गई। बालक की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज होने की जानकारी उरई क्षेत्राधिकारी व एचएसओ को दी गई। कोई भी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज न होने की बात सामने आयी।
इस पर महिला थानाध्यक्ष द्वारा बच्चे का वीडियो व फोटो सोशल मीडिया के जरिए भेजा गया। पुलिस ने उरई से प्रकाशित सभी समाचार पत्रों में फोटो प्रकाशित करायी। इस पर कालपी निवासी बालक के परिजनों ने उरई पुलिस से संपर्क किया। बालक की मां भागवती ने पुलिस को बताया कि राज के पिता अशोक की मृत्यु हो चुकी है। उसका पुत्र अचानक कहीं गायब हो गया था। उरई में बालक के परिजनों को राज के ललितपुर स्थित दैलवारा बाल गृह में निरूद्ध होने की जानकारी दी गयी।
विज्ञापन
इस पर उरई व कालपी पुलिस ने ललितपुर महिला थानाध्यक्ष से सम्पर्क किया। ललितपुर आने के बाद बालक के परिजनों व बालक को कल्याण समिति के राजेन्द्र कुमार रजक व अजय बरया के समक्ष पेश किया गया। चाचा संजय व भाई रवि से प्राप्त दस्तावेज जांचने के बाद बाल कल्याण समिति के आदेश पर बालक को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
विज्ञापन
महिला थाना प्रभारी प्रीति दीक्षित द्वारा बालक के परिजनों की खोजबीन शुरू की गयी। बालक ने अपना नाम राज बताया, जिसकी उम्र करीब 8 वर्ष बतायी गई। बालक की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज होने की जानकारी उरई क्षेत्राधिकारी व एचएसओ को दी गई। कोई भी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज न होने की बात सामने आयी।
विज्ञापन
इस पर महिला थानाध्यक्ष द्वारा बच्चे का वीडियो व फोटो सोशल मीडिया के जरिए भेजा गया। पुलिस ने उरई से प्रकाशित सभी समाचार पत्रों में फोटो प्रकाशित करायी। इस पर कालपी निवासी बालक के परिजनों ने उरई पुलिस से संपर्क किया। बालक की मां भागवती ने पुलिस को बताया कि राज के पिता अशोक की मृत्यु हो चुकी है। उसका पुत्र अचानक कहीं गायब हो गया था। उरई में बालक के परिजनों को राज के ललितपुर स्थित दैलवारा बाल गृह में निरूद्ध होने की जानकारी दी गयी।
विज्ञापन
इस पर उरई व कालपी पुलिस ने ललितपुर महिला थानाध्यक्ष से सम्पर्क किया। ललितपुर आने के बाद बालक के परिजनों व बालक को कल्याण समिति के राजेन्द्र कुमार रजक व अजय बरया के समक्ष पेश किया गया। चाचा संजय व भाई रवि से प्राप्त दस्तावेज जांचने के बाद बाल कल्याण समिति के आदेश पर बालक को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।