{"_id":"58e0016f4f1c1be8046403c1","slug":"parallel-markets-in-the-market","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाजार में चल रहीं समानांतर मंडियां ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाजार में चल रहीं समानांतर मंडियां
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 02 Apr 2017 01:07 AM IST
विज्ञापन
mandi news lalitpur
- फोटो : demo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कहने को तो महरौनी में कृषि उपज मंडी है लेकिन महरौनी के बाजार में इसके समानांतर कई मंडियां चल रही है। खास बात यह हैं कि अधिकारी यह सब जानते हुए भी मूकदर्शक बने हुए हैं। इससे जहां एक ओर किसान ठगी का शिकार हो रहे हैं वही शासन को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों को अपनी उपज का सही दाम मिले इसके लिए महरौनी कृषि उपज मंडी स्थापित की गई थी, लेकिन किसान अपनी उपज लेकर मंडी तक नहीं पहुंच पा रहा हैं क्योंकि बाजार में संचालित अनाज के खरीददार किसान को बीच में ही रोककर उनकी उपज को औने पौने दाम पर खरीद लेते हैं।
मंडी समिति द्वारा बाजार में फुटकर अनाज खरीद के लिए एक वर्ष का लाइसेंस दिया जाता है, इसके तहत व्यापारी एक दिन में 30 क्विंटल अनाज का क्रय कर सकता है। इसके पीछे मंडी समिति का उद्देश्य यह रहता है कि फुटकार लाइसेंसी व्यापारी अनाज की फुटकर खरीद करके उसे कृषि उत्पादन मंडी में बेचे, लेकिन ऐसा नहीं होता हैं। फुटकर लाइसेंस की आड़ में अनाज माफिया महरौनी मंडी में अनाज नहीं बेचते बल्कि अनाज को ट्रक, पिकअप, व ट्रैक्टरों के माध्यम से न सिर्फ प्रदेश के जनपदों में बल्कि अन्य प्रदेशों में ले जाकर बेच देते है। ऐसा करके वह बिना गेटपास बनवाए मंडी शुल्क बचा लेते हैं।
नाम न छापने की शर्त पर एक व्यापारी बताता हैं कि ऐसा बिना विभागीय अधिकारियों और कर्मचारी के सांठगांठ के संभव नहीं होता हैं। अनाज को अन्य जनपद ले जाते समय यदि पकड़े जाते हैं तो तुरंत अधिकारी को अवगत करा दिया जाता हैं जो अनाज से संबंधित सारे वैध प्रपत्र तैयार कर भिजवा देते हैं। इससे व्यापारी कार्रवाई से बच जाते हैं। ऐसा करने से जहां महरौनी मंडी में लाखों की चपत लगाई जा रही हैं वही शासन को राजस्व की हानि भी उठानी पड़ रही हैं।
विज्ञापन
ई-उपार्जन के माध्यम से होगी गेहूं खरीद
समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदने के लिए शनिवार से गेहूं क्रय केन्द्र सक्रिय हो गए हैं। वर्ष 2017 के लिए गेहूं का समर्थन मूल्य 1625 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित किया हैं। साथ ही साथ किसानों को बिचौलियों से बचाने के लिए ई-उपार्जन के माध्यम से गेंहू खरीद की जाएगी। इसकी जानकारी देते हुए खाद्य एवं रसद विभाग (विपणन शाखा) गेंहू खरीद केन्द्र मंडी परिसर महरौनी प्रभारी संजय कुमार ने बताया कि इसमें प्रत्येक दिन एवं किसान वार बिक्री का विवरण फीड किया जाना अनिवार्य हैं।
इसके माध्यम से क्रय केन्द्रों पर सीधे किसानों से गेंहू खरीद की व्यवस्था सुनिश्चित की गई हैं। किसानों की पहचान एवं कृषि क्षेत्रफल की जानकारी के लिए उनके आधार नंबर तथा किसान बही की मदद ली जाएगी। इसके साथ ही समर्थन मूल्य की धनराशि सीधे किसान के बैंक खाते में भेजी जाएगी। क्रय केन्द्र पर किसानों को असुविधा न हो इसके लिए क्रय केंद्रों पर छाया एवं पीने के पानी की व्यवस्था के साथ अन्य सुविधाओं का ध्यान रखा गया हैं।
समय समय पर ऐसे व्यापारियों पर कार्रवाई कर जुर्माना करते रहते हैं। यदि कहीं से कोई शिकायत आती है तो कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए सचल गल का गठन भी किया गया है।
कृष्णा नंद याज्ञिक, वरिष्ठ मंडी निरीक्षक, महरौनी
विज्ञापन
मंडी समिति द्वारा बाजार में फुटकर अनाज खरीद के लिए एक वर्ष का लाइसेंस दिया जाता है, इसके तहत व्यापारी एक दिन में 30 क्विंटल अनाज का क्रय कर सकता है। इसके पीछे मंडी समिति का उद्देश्य यह रहता है कि फुटकार लाइसेंसी व्यापारी अनाज की फुटकर खरीद करके उसे कृषि उत्पादन मंडी में बेचे, लेकिन ऐसा नहीं होता हैं। फुटकर लाइसेंस की आड़ में अनाज माफिया महरौनी मंडी में अनाज नहीं बेचते बल्कि अनाज को ट्रक, पिकअप, व ट्रैक्टरों के माध्यम से न सिर्फ प्रदेश के जनपदों में बल्कि अन्य प्रदेशों में ले जाकर बेच देते है। ऐसा करके वह बिना गेटपास बनवाए मंडी शुल्क बचा लेते हैं।
विज्ञापन
नाम न छापने की शर्त पर एक व्यापारी बताता हैं कि ऐसा बिना विभागीय अधिकारियों और कर्मचारी के सांठगांठ के संभव नहीं होता हैं। अनाज को अन्य जनपद ले जाते समय यदि पकड़े जाते हैं तो तुरंत अधिकारी को अवगत करा दिया जाता हैं जो अनाज से संबंधित सारे वैध प्रपत्र तैयार कर भिजवा देते हैं। इससे व्यापारी कार्रवाई से बच जाते हैं। ऐसा करने से जहां महरौनी मंडी में लाखों की चपत लगाई जा रही हैं वही शासन को राजस्व की हानि भी उठानी पड़ रही हैं।
विज्ञापन
ई-उपार्जन के माध्यम से होगी गेहूं खरीद
समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदने के लिए शनिवार से गेहूं क्रय केन्द्र सक्रिय हो गए हैं। वर्ष 2017 के लिए गेहूं का समर्थन मूल्य 1625 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित किया हैं। साथ ही साथ किसानों को बिचौलियों से बचाने के लिए ई-उपार्जन के माध्यम से गेंहू खरीद की जाएगी। इसकी जानकारी देते हुए खाद्य एवं रसद विभाग (विपणन शाखा) गेंहू खरीद केन्द्र मंडी परिसर महरौनी प्रभारी संजय कुमार ने बताया कि इसमें प्रत्येक दिन एवं किसान वार बिक्री का विवरण फीड किया जाना अनिवार्य हैं।
इसके माध्यम से क्रय केन्द्रों पर सीधे किसानों से गेंहू खरीद की व्यवस्था सुनिश्चित की गई हैं। किसानों की पहचान एवं कृषि क्षेत्रफल की जानकारी के लिए उनके आधार नंबर तथा किसान बही की मदद ली जाएगी। इसके साथ ही समर्थन मूल्य की धनराशि सीधे किसान के बैंक खाते में भेजी जाएगी। क्रय केन्द्र पर किसानों को असुविधा न हो इसके लिए क्रय केंद्रों पर छाया एवं पीने के पानी की व्यवस्था के साथ अन्य सुविधाओं का ध्यान रखा गया हैं।
समय समय पर ऐसे व्यापारियों पर कार्रवाई कर जुर्माना करते रहते हैं। यदि कहीं से कोई शिकायत आती है तो कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए सचल गल का गठन भी किया गया है।
कृष्णा नंद याज्ञिक, वरिष्ठ मंडी निरीक्षक, महरौनी