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पास्को एक्ट के अपराधी को चार वर्ष की सजा
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ललितपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (प्रथम/पॉक्सो) उमेश कुमार सिरोही की अदालत ने मध्य प्रदेश के मालथौन निवासी एक युवक को पांच वर्ष पूर्व थाना बालाबेहट के एक गांव में बालिका के साथ छेड़खानी व अश्लील हरकतें करने के मामले में दोषी पाते हुए चार वर्ष के कठोर कारावास एवं चालीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
पांच वर्ष पूर्व थाना बालाबेहट निवासी एक व्यक्ति ने बालाबेहट थाने में एक रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि 28 अगस्त 2014 की रात करीब 11 बजे वह अपने घर के दरवाजे पर सोया हुआ था, तभी गांव के ही एक व्यक्ति की पुत्री आई और उसकी पुत्री को तीज पर्व मनाने के लिए अपने साथ ले गई। उसकी पुत्री भी उसके साथ चली गई। काफी देर बाद वह और उसका पुत्र अपनी पुत्री को लिवाने के लिए उसके घर गया, जहां उस व्यक्ति के साले का लड़का थाना मालथौन के कुंवरपुर निवासी बल्लू ने उसकी पुत्री को रात करीब साढ़े बारह बजे उसे अपनी ओर खींच लिया और अश्लील हरकतें करने लगा। उसने जब मना किया तो वह उसे पकड़ने के लिए आगे बढ़ा और अपने फूफा के घर में घुसते समय समय दरवाजे से टकरा गया। उसकी पुत्री इसी खींचतान में गिर गई, जिससे उसे चोटें भी आईं। पुलिस ने बालिका के पिता की तहरीर पर उक्त आरोपी बल्लू के खिलाफ छेड़खानी करने और पाक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत कर दिए थे।
तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था। शनिवार को न्यायालय ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए अभियुक्त बल्लू को पॉक्सो एक्ट में दोषी पाते हुए चार वर्ष के सश्रम कारवास एवं चालीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। न्यायालय ने यह भी आदेश दिया कि जुर्माना अदा होने पर वसूली गई आधी राशि पीड़िता को दिलाई जाएगी। पैरवी अपर जिला शासकीय अधिवक्ता खु्शीलाल लोधी ने की।
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पांच वर्ष पूर्व थाना बालाबेहट निवासी एक व्यक्ति ने बालाबेहट थाने में एक रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि 28 अगस्त 2014 की रात करीब 11 बजे वह अपने घर के दरवाजे पर सोया हुआ था, तभी गांव के ही एक व्यक्ति की पुत्री आई और उसकी पुत्री को तीज पर्व मनाने के लिए अपने साथ ले गई। उसकी पुत्री भी उसके साथ चली गई। काफी देर बाद वह और उसका पुत्र अपनी पुत्री को लिवाने के लिए उसके घर गया, जहां उस व्यक्ति के साले का लड़का थाना मालथौन के कुंवरपुर निवासी बल्लू ने उसकी पुत्री को रात करीब साढ़े बारह बजे उसे अपनी ओर खींच लिया और अश्लील हरकतें करने लगा। उसने जब मना किया तो वह उसे पकड़ने के लिए आगे बढ़ा और अपने फूफा के घर में घुसते समय समय दरवाजे से टकरा गया। उसकी पुत्री इसी खींचतान में गिर गई, जिससे उसे चोटें भी आईं। पुलिस ने बालिका के पिता की तहरीर पर उक्त आरोपी बल्लू के खिलाफ छेड़खानी करने और पाक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत कर दिए थे।
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तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था। शनिवार को न्यायालय ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए अभियुक्त बल्लू को पॉक्सो एक्ट में दोषी पाते हुए चार वर्ष के सश्रम कारवास एवं चालीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। न्यायालय ने यह भी आदेश दिया कि जुर्माना अदा होने पर वसूली गई आधी राशि पीड़िता को दिलाई जाएगी। पैरवी अपर जिला शासकीय अधिवक्ता खु्शीलाल लोधी ने की।
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