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पहाड़ों का सीना कर रहे छलनी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 09 May 2017 01:35 AM IST
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police, jhansi news
- फोटो : demo
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तालबेहट। खनन माफिया अवैध तरीके से पहाड़ों को काटकर पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहे हैं। यहां से बढ़े पैमाने पर पत्थर, बालू और मिट्टी का खनन किया जा रहा है। अधिकारियों ने खनन करने वालों पर कार्रवाई करने का दावा किया है।
तहसील क्षेत्र में प्रकृति मेहरबान है। यहां पहाड़ और बजरी-मिट्टी के टीले भी खूब हैं। यह खनन माफिया के निशाने पर हैं। क्षेत्र में जगह-जगह नदी, नालों से बालू का खनन तथा वन विभाग की पहाड़ियों से पत्थर एवं मिट्टी (मौरंग) का उठान जारी है। इसके चलते ग्राम सभा और वन विभाग की कई पहाड़ियां जमींदोज हो गई हैं और कई होने की कगार पर हैं। क्षेत्रवासियों के मुताबिक इस कार्य में लेखपालों एवं वन विभाग के कुछ कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध नजर आती है। पिछले एक माह में प्रशासन एक अवैध बालू से भरे डंपर के अलावा आज तक एक भी वाहन नहीं पकड़ सका, जबकि प्रतिदिन दर्जनों वाहन बालू, पत्थर लेकर राजमार्ग से गुजर रहे हैं। फिर भी खनन और वन विभाग पूरी तरह से मौन है। ऐसे में पर्यावरण को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
पुलिस क्षेत्राधिकारी कुंवर बहादुर सिंह ने बताया कि इस संबंध में उन्हें जब भी जानकारी मिली है, तुरंत कार्रवाई की गई है। किसी भी सूरत में अवैध खनन नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की पहाड़ियों पर की जा रही अवैध खुदाई पर वन विभाग और राजस्व विभाग को कार्रवाई करनी चाहिए। उनकी मदद के लिए पुलिस उपलब्ध रहेगी।
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खनन माफिया पर होगी कार्रवाई
अवैध खनन किसी भी हालत में नहीं होने दिया जाएगा। इस बारे में जो भी हमें सूचना देगा, उसे पूरी तरह से गुप्त रखा जाएगा। खनन माफियाओं पर कार्रवाई अवश्य की जाएगी।
- महेश प्रसाद दीक्षित, उपजिलाधिकारी
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तहसील क्षेत्र में प्रकृति मेहरबान है। यहां पहाड़ और बजरी-मिट्टी के टीले भी खूब हैं। यह खनन माफिया के निशाने पर हैं। क्षेत्र में जगह-जगह नदी, नालों से बालू का खनन तथा वन विभाग की पहाड़ियों से पत्थर एवं मिट्टी (मौरंग) का उठान जारी है। इसके चलते ग्राम सभा और वन विभाग की कई पहाड़ियां जमींदोज हो गई हैं और कई होने की कगार पर हैं। क्षेत्रवासियों के मुताबिक इस कार्य में लेखपालों एवं वन विभाग के कुछ कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध नजर आती है। पिछले एक माह में प्रशासन एक अवैध बालू से भरे डंपर के अलावा आज तक एक भी वाहन नहीं पकड़ सका, जबकि प्रतिदिन दर्जनों वाहन बालू, पत्थर लेकर राजमार्ग से गुजर रहे हैं। फिर भी खनन और वन विभाग पूरी तरह से मौन है। ऐसे में पर्यावरण को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
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पुलिस क्षेत्राधिकारी कुंवर बहादुर सिंह ने बताया कि इस संबंध में उन्हें जब भी जानकारी मिली है, तुरंत कार्रवाई की गई है। किसी भी सूरत में अवैध खनन नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की पहाड़ियों पर की जा रही अवैध खुदाई पर वन विभाग और राजस्व विभाग को कार्रवाई करनी चाहिए। उनकी मदद के लिए पुलिस उपलब्ध रहेगी।
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खनन माफिया पर होगी कार्रवाई
अवैध खनन किसी भी हालत में नहीं होने दिया जाएगा। इस बारे में जो भी हमें सूचना देगा, उसे पूरी तरह से गुप्त रखा जाएगा। खनन माफियाओं पर कार्रवाई अवश्य की जाएगी।
- महेश प्रसाद दीक्षित, उपजिलाधिकारी