{"_id":"68b7563a6f065ae2d709ba27","slug":"opd-of-orthopedics-started-on-the-ground-floor-lalitpur-news-c-131-1-ltp1004-141916-2025-09-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lalitpur News: भूतल पर शुरू हुई अस्थि रोग की ओपीडी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lalitpur News: भूतल पर शुरू हुई अस्थि रोग की ओपीडी
विज्ञापन
ललितपुर। मेडिकल कॉलेज में अस्थि रोग के मरीजों को भटकना नहीं होगा। कॉलेज प्रशासन ने अस्थि रोग विभाग की ओपीडी भूतल पर पुरानी इमरजेंसी कक्ष के सामने बनाई है। मंगलवार से सुविधा शुरू कर दी गई है।
अब तक चार कक्षों में अस्थि रोग विभाग की ओपीडी संचालित हो रही थीं। ऐसे में मरीजों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा था। फरवरी में भूतल परिसर की मरम्मत के चलते ओपीडी को प्रथम तल पर शिफ्ट कर दिया था। फ्रैक्चर के मरीजों को ऊपर तक पहुंचने में परेशानी हो रही थी। कारण, स्ट्रेचर व व्हीलचेयर खींचना पड़ता था।
लेकिन, अब मरीजों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। भूतल पर अस्थि रोग की ओपीडी मरम्मत के बाद तैयार हो गई है। अब एक ही स्थान पर मरीजों को परामर्श मिल रहा है। इसी कक्ष में प्लास्टर की भी व्यवस्था की गई है। चिकित्सक की निगरानी में गंभीर मरीजों को प्लास्टर लगाया जाएगा। वहीं, सामान्य रोगियों को सामने के प्लास्टर कक्ष में लगाया जाएगा।
विज्ञापन
-- -
अस्थि रोग की ओपीडी भूतल पर स्थापित करा दी गई है। एक ही कक्ष में दो यूनिट मरीजों को परामर्श देगी।
- डॉ. विशाल जैन, सहायक आचार्य, मेडिकल कॉलेज
विज्ञापन
अब तक चार कक्षों में अस्थि रोग विभाग की ओपीडी संचालित हो रही थीं। ऐसे में मरीजों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा था। फरवरी में भूतल परिसर की मरम्मत के चलते ओपीडी को प्रथम तल पर शिफ्ट कर दिया था। फ्रैक्चर के मरीजों को ऊपर तक पहुंचने में परेशानी हो रही थी। कारण, स्ट्रेचर व व्हीलचेयर खींचना पड़ता था।
विज्ञापन
लेकिन, अब मरीजों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। भूतल पर अस्थि रोग की ओपीडी मरम्मत के बाद तैयार हो गई है। अब एक ही स्थान पर मरीजों को परामर्श मिल रहा है। इसी कक्ष में प्लास्टर की भी व्यवस्था की गई है। चिकित्सक की निगरानी में गंभीर मरीजों को प्लास्टर लगाया जाएगा। वहीं, सामान्य रोगियों को सामने के प्लास्टर कक्ष में लगाया जाएगा।
विज्ञापन
अस्थि रोग की ओपीडी भूतल पर स्थापित करा दी गई है। एक ही कक्ष में दो यूनिट मरीजों को परामर्श देगी।
- डॉ. विशाल जैन, सहायक आचार्य, मेडिकल कॉलेज