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ललितपुर-पाली मार्ग पर मात्र तीन बसों का हो रहा संचालन

Fri, 27 Aug 2021 01:32 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 27 Aug 2021 01:32 AM IST
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only three buses regulate on lalitpur pali route
bus stand.jpg - फोटो : bus stand.jpg
पाली(ललितपुर)। जिला मुख्यालय ललितपुर से तहसील पाली आने जाने के लिए मात्र तीन बसें ही संचालित हो रही हैं। क्षेत्रवासियों को पाली से ललितपुर जाने के लिए दो निजी और एक रोडवेज बस का ही सहारा है। उधर, यात्रियों की आवाजाही कम हो जाने से बाजार भी प्रभावित हो रहा है। तहसील आने वाले लोगों को भी काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है, बताते चलें कि पाली से बंगरिया रूट पर एक भी बस नहीं चलने से तहसील के कार्य से आ रहे लोग बहुत परेशान हो जाते हैं, जहां ऑटो ही एक मात्र साधन है, वह भी समय से नहीं मिलता है और किराया भी मनमाना लिया जा रहा है।
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तहसील बनने से पहले कस्बा में 12 से ज्यादा बसें चलती थीं। जिससे लोग आसानी से अपने गंतव्य स्थान तक पहुंच जाते थे। बीते सालों से जाखलौन, धौर्रा, बंगरिया, बिरधा व पीरघाट जाने वाली बसों में पूरी तरह से ब्रेक लग गया है। कस्बा पाली में अब मात्र दो निजी और एक रोडवेज बस का संचालन हो रहा है, जो घटवार के रास्ते होकर पाली से बालावेहट तक जाती हैं, ऐसे में यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा हैं। पूर्व में इस रूट पर ग्यारह प्राइवेट बसें चलती थीं, लेकिन पहले के उबड़-खाबड़ वाले रास्ते के अलावा व टैक्सी वालों की वजह से घाटे का सौदा देख बस संचालकों ने बसों को चलाना बंद कर दिया है, जिससे यात्रियों में असुविधा बढ़ने लगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों ने पाली आना बंद सा कर दिया। मजबूरी में तहसील कार्य को आना पड़ता है। आलम है कि कस्बा बालबेहट व ग्रामीण क्षेत्र के लोग खरीदारी करने पाली न आकर मध्यप्रदेश के खुरई खिमलासा, बीना आदि जगहों पर जा रहे हैं। पाली से पांच किलोमीटर की दूरी पर बसे ग्राम बछलापुर, निवाई व ऐरावनी के लोग अब सीधे ललितपुर जाना पसंद कर रहे हैं। लोगों की आवाजाही कम होने से पाली के बाजार की रौनक भी फीकी पड़ी रहती है। वहीं बसों का संचालन घटने से टैक्सी चालकों द्वारा मनमाना किराया वसूला जाता है। यहां से चलने वाली बसों में दस किलोमीटर का सफर तय करने में 20-30 रुपये और ललितपुर का किराया 40-50 रुपये टैक्सी वाले वसूलते हैं। इसके अलावा इनका कोई रवानगी का समय भी निर्धारित नहीं है, जिससे यात्री घंटों परेशान होते हैं।
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परिवहन विभाग जारी करे परमिट
12 से ज्यादा बस नहीं चलने का खामियाजा यहां के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। परिवहन विभाग को नए सिरे से परमिट जारी कर यहां के लोगों को सुविधा मुहैया करानी चाहिए। अब तो पाली को आने जाने वाली सड़कें भी एकदम चकाचक हो गई हैं।
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-नरेंद्र ताम्रकार।
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आएगी बाजार में रौनक
उत्तर प्रदेश की सीमा पर बसे पाली व बालावेहट अति पिछड़े क्षेत्र हैं। लोग छोटी बड़ी दुकानें खोलकर अपनी आजीविका चलाने में लगे हैं। बसों का संचालन कम होने से यहां का व्यापार भी खास प्रगति नहीं कर पा रहा है। ऐसे में बसों का संचालन होना जरूरी है।
-सौरभ चौरसिया।
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