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Lalitpur News: 15 फीसदी किसानों की ही हो सकी ई-फार्मर रजिस्ट्री
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। कृषि विभाग में पंजीकृत किसानों को अब अपनी जमीनों की ई-फार्मर रजिस्ट्री कराना अनिवार्य किया गया है। इसके तहत अभी तक लगभग साढ़े चार सौ केंद्रों पर मात्र 15 प्रतिशत ही ई-फार्मर रजिस्ट्री कराई जा सकी है, जबकि केंद्रों पर पंजीकरण का कार्य जारी है।
जनपद में कृषि विभाग में दो लाख साठ हजार 174 किसान पंजीकृत हैं, जिनमें से अभी तक शासन की विभिन्न कृषि संबंधी योजनाओं का लाभ ले रहे हैं। लेकिन अब शासन द्वारा किसानों के लिए अपनी जमीनों की ई-फार्मर रजिस्ट्री कराना जरूरी है। यानि किसानों की जमीन की ई-फार्मर रजिस्ट्री आधार कार्ड जैसा काम करेगी और अब किसानों को इसके जरिए ही कृषि विभाग से संबंधित अन्य योजनाओं का लाभ मिलेगा।
शासन की योजना के तहत पूरे जिले में 448 केंद्रों पर ई-फार्मर रजिस्ट्री कराई जा रही है। इसके तहत पांचों तहसीलों के अंतर्गत ललितपुर तहसील में 78,776 किसानों के सापेक्ष 9007 किसानों, महरौनी तहसील के अंतर्गत 52,376 किसानों के सापेक्ष 10,947 किसानों ने, पाली तहसील अंतर्गत 35,501 के सापेक्ष 5253 किसानों, तालबेहट तहसील के अंतर्गत 63,013 के सापेक्ष 8672 किसानों और मड़ावरा तहसील के अंतर्गत 30,508 किसानों के सापेक्ष 5685 किसानों ने ही अब तक ई-फार्मर रजिस्ट्री कराई है।
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इस प्रकार पूरे जिले में अब तक दो लाख साठ हजार 174 किसानों के सापेक्ष अब तक मात्र 39 हजार 558 किसानों ने ही ई-फार्मर रजिस्ट्री कराई है, जो कृषि विभाग में पंजीकृत कुल किसानों के सापेक्ष मात्र 15.2 प्रतिशत ही है। जबकि जिलाधिकारी द्वारा बीते कुछ दिन पहले ही जनसुविधा केंद्रों की ई-फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति काफी कम मिलने पर नाराजगी जताई थी और अधिक से अधिक किसानों की ई-फार्मर रजिस्ट्री कराने के लिए जनसुविधा केंद्रों पर सुबह और शाम दो चरणों में संचालित करने के निर्देश दिए थे।
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ललितपुर। कृषि विभाग में पंजीकृत किसानों को अब अपनी जमीनों की ई-फार्मर रजिस्ट्री कराना अनिवार्य किया गया है। इसके तहत अभी तक लगभग साढ़े चार सौ केंद्रों पर मात्र 15 प्रतिशत ही ई-फार्मर रजिस्ट्री कराई जा सकी है, जबकि केंद्रों पर पंजीकरण का कार्य जारी है।
जनपद में कृषि विभाग में दो लाख साठ हजार 174 किसान पंजीकृत हैं, जिनमें से अभी तक शासन की विभिन्न कृषि संबंधी योजनाओं का लाभ ले रहे हैं। लेकिन अब शासन द्वारा किसानों के लिए अपनी जमीनों की ई-फार्मर रजिस्ट्री कराना जरूरी है। यानि किसानों की जमीन की ई-फार्मर रजिस्ट्री आधार कार्ड जैसा काम करेगी और अब किसानों को इसके जरिए ही कृषि विभाग से संबंधित अन्य योजनाओं का लाभ मिलेगा।
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शासन की योजना के तहत पूरे जिले में 448 केंद्रों पर ई-फार्मर रजिस्ट्री कराई जा रही है। इसके तहत पांचों तहसीलों के अंतर्गत ललितपुर तहसील में 78,776 किसानों के सापेक्ष 9007 किसानों, महरौनी तहसील के अंतर्गत 52,376 किसानों के सापेक्ष 10,947 किसानों ने, पाली तहसील अंतर्गत 35,501 के सापेक्ष 5253 किसानों, तालबेहट तहसील के अंतर्गत 63,013 के सापेक्ष 8672 किसानों और मड़ावरा तहसील के अंतर्गत 30,508 किसानों के सापेक्ष 5685 किसानों ने ही अब तक ई-फार्मर रजिस्ट्री कराई है।
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इस प्रकार पूरे जिले में अब तक दो लाख साठ हजार 174 किसानों के सापेक्ष अब तक मात्र 39 हजार 558 किसानों ने ही ई-फार्मर रजिस्ट्री कराई है, जो कृषि विभाग में पंजीकृत कुल किसानों के सापेक्ष मात्र 15.2 प्रतिशत ही है। जबकि जिलाधिकारी द्वारा बीते कुछ दिन पहले ही जनसुविधा केंद्रों की ई-फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति काफी कम मिलने पर नाराजगी जताई थी और अधिक से अधिक किसानों की ई-फार्मर रजिस्ट्री कराने के लिए जनसुविधा केंद्रों पर सुबह और शाम दो चरणों में संचालित करने के निर्देश दिए थे।