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वन-वे पर भारी पड़ रहे सड़क किनारे खड़े वाहन
Thu, 02 May 2019 01:16 AM IST
Pragyan dubey
lalitpur
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Published by: Pragyan dubey
Updated Thu, 02 May 2019 01:16 AM IST
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प्रशासन
- फोटो : amar ujala
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ललितपुर। शहर की सड़कों पर वाहनों के दबाव को कम करने के लिए प्रारंभ की गई वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था चरमराती नजर आ रही है। इसमें सड़कों पर खड़े होने वाले वाहन बाधा बन रहे हैं। आएदिन तालाबपुरा रोड पर जाम जैसे हालात बन जाते हैं। इससे स्थानीय लोगों को आवाजाही में परेशानी होती है। वाहन चालकों पर कार्रवाई होती है, लेकिन इसका असर नहीं पड़ रहा है।
आपाधापी के दौर में लोगों के लिए दुपहिया और चार पहिया वाहन आवश्यक हो गए। इसके चलते सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ता ही जा रहा है। इससे सड़कों से निकलना मुश्किल होता जा रहा है। बीते वर्षों में पुलिस अधीक्षक ने शहर के मुख्य मार्गों पर वाहनों का दबाव कम करने के उद्देश्य से वन-वे ट्रैफिक लागू किया था। इसमें आजाद चौक से आने वाले चार पहिया वाहनों को सावरकरचौक से मोड़कर मोहल्ला तालाबपुरा और तुवन मंदिर के पास से होकर निकाला जाता है। रेलवे स्टेशन से आने वाले वाहन सीधे घंटाघर, सावरकरचौक, आजादचौक से होकर गंतव्य के लिए रवाना हो जाते हैं। इस व्यवस्था में शहर के अंदर हल्के चार पहिया वाहनों का दबाव कम हुआ है।
लेकिन, मोहल्ला तालाबपुरा में वन-वे व्यवस्था को स्वीकार नहीं किया जा रहा है। यहां पूर्व की तरह सड़क पर ही वाहन पार्क किए जा रहे हैं। दोपहर के समय भी रखे रहते हैं, जिस कारण वन-वे व्यवस्था बनने की जगह बिगड़ रही है। एक तो जैन अटा मंदिर होने से सुबह से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ जाती है। मंदिर के पास कोई वाहन पार्किंग नहीं है, जिससे श्रद्धालु जहां-तहां वाहन खड़े कर देते हैं। मंदिर से थोड़ा आगे चलने पर होटल, बैंक, एटीएम, बाजार व कोचिंग सेंटर हैं, जिनके वाहन भी सड़क पर ही पार्क होते हैं। सहालग में इसी मार्ग से बारात निकलती हैं तो वाहनों का लंबा जाम लग जाता है। मोहल्ला तालाबपुरा, डोंडाघाट, विदुआ कालोनी में रहने वाले लोग भी इसी मार्ग से आते-जाते हैं। ऐसे में आए दिन इस मार्ग पर जाम जैसे हालात बनते हैं। इस अव्यवस्था से स्थानीय लोग परेशान हो गए हैं, अब वे वनवे को समाप्त करने की मांग उठाने लगे हैं।
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नो पार्किंग जोन में खड़े होते वाहन
घंटाघर क्षेत्र को नो पार्किंग जोन घोषित किया गया है। इसके बाद भी आए दिन चार पहिया वाहन खड़े दिखाई देते हैं। इतना ही नहीं कभी-कभी पुलिस कर्मी भी यहां वाहन पार्क करने से गुरेज नहीं करते हैं।
वन- वे ट्रैफिक से व्यवस्था में तनिक भी सुधार नहीं आया है, बल्कि यहां की व्यवस्था बिगड़ गई है। इसका असर बाजार पर देखा जा रहा है।
- रमेश कुमार, सावरकर चौक के पास
वन-वे ट्रैफिक से मोहल्ला तालाबपुरा व डोंडाघाट पर रहने वाले लोगों की मुसीबत बढ़ गई है। जब भी इस मार्ग से गुजरते हैं तो आसानी से निकलना मुश्किल हो जाता है। कोई न कोई चार पहिया वाहन फंसा रहता है। इससे व्यवस्था बिगड़ जाती है।
- राकेश यादव, मोहल्ला तालाबपुरा
वन-वे ट्रैफिक से पहले की व्यवस्था ज्यादा ठीक थी। अधिकारी इस व्यवस्था को ठीक तरीके से संभाल नहीं पा रहे हैं। इस मार्ग पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।
- साबिर बेग, सावरकर चौक
इस मार्ग पर कई लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है। इसके बाद जो कुछ फुटपाथ बचा है, उस पर चार पहिया वाहन जगह-जगह खड़े रहते हैं। इससे इस मार्ग पर आसानी से निकलना कठिन हो गया है।
- निखिल, सावरकर चौक
लगातार वाहनों के चालान किए जा रहे हैं। तीन ऑटो और चार बाइक के चालान आज बुधवार को भी किए गए हैं। हाथ ठेला वालों को हटाया गया है, व्यवस्था बनाने का प्रयास थकिया जा रहा है। जाम लगातार हटवाया जा रहा है।
- आशुतोष मिश्रा, यातायात प्रभारी
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आपाधापी के दौर में लोगों के लिए दुपहिया और चार पहिया वाहन आवश्यक हो गए। इसके चलते सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ता ही जा रहा है। इससे सड़कों से निकलना मुश्किल होता जा रहा है। बीते वर्षों में पुलिस अधीक्षक ने शहर के मुख्य मार्गों पर वाहनों का दबाव कम करने के उद्देश्य से वन-वे ट्रैफिक लागू किया था। इसमें आजाद चौक से आने वाले चार पहिया वाहनों को सावरकरचौक से मोड़कर मोहल्ला तालाबपुरा और तुवन मंदिर के पास से होकर निकाला जाता है। रेलवे स्टेशन से आने वाले वाहन सीधे घंटाघर, सावरकरचौक, आजादचौक से होकर गंतव्य के लिए रवाना हो जाते हैं। इस व्यवस्था में शहर के अंदर हल्के चार पहिया वाहनों का दबाव कम हुआ है।
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लेकिन, मोहल्ला तालाबपुरा में वन-वे व्यवस्था को स्वीकार नहीं किया जा रहा है। यहां पूर्व की तरह सड़क पर ही वाहन पार्क किए जा रहे हैं। दोपहर के समय भी रखे रहते हैं, जिस कारण वन-वे व्यवस्था बनने की जगह बिगड़ रही है। एक तो जैन अटा मंदिर होने से सुबह से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ जाती है। मंदिर के पास कोई वाहन पार्किंग नहीं है, जिससे श्रद्धालु जहां-तहां वाहन खड़े कर देते हैं। मंदिर से थोड़ा आगे चलने पर होटल, बैंक, एटीएम, बाजार व कोचिंग सेंटर हैं, जिनके वाहन भी सड़क पर ही पार्क होते हैं। सहालग में इसी मार्ग से बारात निकलती हैं तो वाहनों का लंबा जाम लग जाता है। मोहल्ला तालाबपुरा, डोंडाघाट, विदुआ कालोनी में रहने वाले लोग भी इसी मार्ग से आते-जाते हैं। ऐसे में आए दिन इस मार्ग पर जाम जैसे हालात बनते हैं। इस अव्यवस्था से स्थानीय लोग परेशान हो गए हैं, अब वे वनवे को समाप्त करने की मांग उठाने लगे हैं।
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नो पार्किंग जोन में खड़े होते वाहन
घंटाघर क्षेत्र को नो पार्किंग जोन घोषित किया गया है। इसके बाद भी आए दिन चार पहिया वाहन खड़े दिखाई देते हैं। इतना ही नहीं कभी-कभी पुलिस कर्मी भी यहां वाहन पार्क करने से गुरेज नहीं करते हैं।
वन- वे ट्रैफिक से व्यवस्था में तनिक भी सुधार नहीं आया है, बल्कि यहां की व्यवस्था बिगड़ गई है। इसका असर बाजार पर देखा जा रहा है।
- रमेश कुमार, सावरकर चौक के पास
वन-वे ट्रैफिक से मोहल्ला तालाबपुरा व डोंडाघाट पर रहने वाले लोगों की मुसीबत बढ़ गई है। जब भी इस मार्ग से गुजरते हैं तो आसानी से निकलना मुश्किल हो जाता है। कोई न कोई चार पहिया वाहन फंसा रहता है। इससे व्यवस्था बिगड़ जाती है।
- राकेश यादव, मोहल्ला तालाबपुरा
वन-वे ट्रैफिक से पहले की व्यवस्था ज्यादा ठीक थी। अधिकारी इस व्यवस्था को ठीक तरीके से संभाल नहीं पा रहे हैं। इस मार्ग पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।
- साबिर बेग, सावरकर चौक
इस मार्ग पर कई लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है। इसके बाद जो कुछ फुटपाथ बचा है, उस पर चार पहिया वाहन जगह-जगह खड़े रहते हैं। इससे इस मार्ग पर आसानी से निकलना कठिन हो गया है।
- निखिल, सावरकर चौक
लगातार वाहनों के चालान किए जा रहे हैं। तीन ऑटो और चार बाइक के चालान आज बुधवार को भी किए गए हैं। हाथ ठेला वालों को हटाया गया है, व्यवस्था बनाने का प्रयास थकिया जा रहा है। जाम लगातार हटवाया जा रहा है।
- आशुतोष मिश्रा, यातायात प्रभारी