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Lalitpur News: नेशनल हाईवे-44 पर एक हजार गड्ढे, पैसा वसूल रहे टोल, सुविधाएं गोल
Mon, 10 Jul 2023 12:57 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
Updated Mon, 10 Jul 2023 12:57 AM IST
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गोविंद सागर बांध से अमझराघाटी तक 45 किलोमीटर का हाईवे हुआ खस्ताहाल, विभागीय अधिकारी बेपरवाह
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जनपद की सीमा में स्थित एनएच-44 हाईवे पर विभागीय लापरवाही के चलते गड्ढे ही गड्ढे दिख रहे हैं। हालत यह है कि एक किलोमीटर की दूरी पर ही छोटे-बड़े एक हजार के करीब गड्ढे हैं। सबसे ज्यादा खराब हालत गोविंद सागर बांध से अमझराघाटी तक के हाईवे की है। लोगों का कहना है कि हाईवे पर टोल तो खूब वसूला जा रहा लेकिन सुविधाएं गोल-मोल हैं।
जिले में शहर की सड़कों की हालत तो छोड़िए, यहां से गुजरने वाला हाईवे भी खस्ताहाल हो चुका है। जनपद की सीमा में करीब 90 किलोमीटर का हाईवे निकलता है। लेकिन, वर्तमान में इस हाईवे में गड्ढे ही गड्ढे हो रहे है। सबसे बुरी हालत गोविंद सागर बांध से लेकर अमझराघाटी तक की है।
इस क्षेत्र की एक किलोमीटर के हाईवे पर एक हजार के करीब छोटे-बड़े गड्ढे मिल जाएंगे। जबकि इस हाईवे से प्रतिदिन हजारों की संख्या में मालवाहक ट्रक, ट्रैक्टर, बस, कार, ट्रैक्टर, बाइक, टैक्सी सहित अन्य छोटे-बड़े वाहन निकलते है। ऐसे में वाहन चालकों को हाईवे पर मौजूद इन गड्ढे से होकर ही अपना वाहन गुजारने को मजबूर हो रहे हैं। इतना ही नहीं कुछ वाहन चालक को इन गड्ढों में गिरकर चोटिल भी हो रहे है। वहीं बड़े वाहनों में टूट-फूट हो रही है।
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वाहन चालकों का कहना है कि सरकार हाईवे से गुजरने पर जगह-जगह पर टोल स्थापित कर लोगों से रुपये वसूल कर रही है, लेकिन हाईवे पर गड्ढों को सही करवाने के नाम पर हीलाहवाली हो रही है। ऐसा नहीं है कि इस खस्ताहाल हाईवे की जानकारी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को नहीं है, लेकिन जानकारी होने के बाद भी वह बेपरवाह बने हुए हैं और इसका खामियाजा आम लोगों को उठाना पड़ रहा है।
सुविधाएं देने के नाम पर खानापूर्ति
डोंगराखुर्द। हाईवे निर्माण के बाद जगह-जगह पर टोल बैरियर लगाकर सरकार वाहनों से निर्धारित धनराशि लेती है। लेकिन, इसके बाद भी हाईवे से गुजरने वाले वाहनों को सुविधाएं देने के नाम पर खानापूर्ति की जाती है। संवाद
हाईवे से निकलने वाले वाहनों से टोल के रेट
वाहन - धनराशि
कार - 100 रुपये
मालवाहक वाहन - 150 रुपये
टू एक्सल बस-ट्रक - 340 रुपये
थ्री एक्सल कॉमर्शियल वाहन - 370 रुपये
4-6 एक्सल वाहन - 530 रुपये
7 एक्सल से अधिक वाले वाहन - 645 रुपये
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फोटो-23
नेशनल हाईवे पर गड्ढों से दिक्कत होती है, अचानक सामने गड्ढा आ जाता है तब बस बड़ी मुश्किल से कंट्रोल होती है।- मोहन लाल, बस चालक।
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फोटो-24
गौना से लेकर ललितपुर तक पूरे हाईवे पर गड्ढे होने और सड़क पर बिखरी पड़ी गिट्टी से टायर खराब हो जाता है, जिससे हजारों का नुकसान होता है।
-लवी राजा
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फोटो-25
हाईवे पर वाहन स्वामी टोल टैक्स अदा कर रहे, इसके बाद भी सड़क ठीक नहीं कराई जा रही है। गड्ढे होने से वाहन भी खराब हो रहे हैं।-मुकेश लोधी
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फोटो-26
हाईवे पर गड्ढों के चलते बाइक भी चलाने में भी दिक्कत आ रही है। गिट्टी में बाइक फिसलने का भी खतरा बना रहता है। विभागीय अधिकारी इसे ठीक कराएं। -अरविंद्र पटैरिया ।
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नोट- हाईवे का कोई अधिकारी जनपद में नहीं बैठता है इसलिए खबर से संबंधित वर्जन झांसी मुख्यालय के अधिकारी से करवाने का कष्ट करें।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जनपद की सीमा में स्थित एनएच-44 हाईवे पर विभागीय लापरवाही के चलते गड्ढे ही गड्ढे दिख रहे हैं। हालत यह है कि एक किलोमीटर की दूरी पर ही छोटे-बड़े एक हजार के करीब गड्ढे हैं। सबसे ज्यादा खराब हालत गोविंद सागर बांध से अमझराघाटी तक के हाईवे की है। लोगों का कहना है कि हाईवे पर टोल तो खूब वसूला जा रहा लेकिन सुविधाएं गोल-मोल हैं।
जिले में शहर की सड़कों की हालत तो छोड़िए, यहां से गुजरने वाला हाईवे भी खस्ताहाल हो चुका है। जनपद की सीमा में करीब 90 किलोमीटर का हाईवे निकलता है। लेकिन, वर्तमान में इस हाईवे में गड्ढे ही गड्ढे हो रहे है। सबसे बुरी हालत गोविंद सागर बांध से लेकर अमझराघाटी तक की है।
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इस क्षेत्र की एक किलोमीटर के हाईवे पर एक हजार के करीब छोटे-बड़े गड्ढे मिल जाएंगे। जबकि इस हाईवे से प्रतिदिन हजारों की संख्या में मालवाहक ट्रक, ट्रैक्टर, बस, कार, ट्रैक्टर, बाइक, टैक्सी सहित अन्य छोटे-बड़े वाहन निकलते है। ऐसे में वाहन चालकों को हाईवे पर मौजूद इन गड्ढे से होकर ही अपना वाहन गुजारने को मजबूर हो रहे हैं। इतना ही नहीं कुछ वाहन चालक को इन गड्ढों में गिरकर चोटिल भी हो रहे है। वहीं बड़े वाहनों में टूट-फूट हो रही है।
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वाहन चालकों का कहना है कि सरकार हाईवे से गुजरने पर जगह-जगह पर टोल स्थापित कर लोगों से रुपये वसूल कर रही है, लेकिन हाईवे पर गड्ढों को सही करवाने के नाम पर हीलाहवाली हो रही है। ऐसा नहीं है कि इस खस्ताहाल हाईवे की जानकारी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को नहीं है, लेकिन जानकारी होने के बाद भी वह बेपरवाह बने हुए हैं और इसका खामियाजा आम लोगों को उठाना पड़ रहा है।
सुविधाएं देने के नाम पर खानापूर्ति
डोंगराखुर्द। हाईवे निर्माण के बाद जगह-जगह पर टोल बैरियर लगाकर सरकार वाहनों से निर्धारित धनराशि लेती है। लेकिन, इसके बाद भी हाईवे से गुजरने वाले वाहनों को सुविधाएं देने के नाम पर खानापूर्ति की जाती है। संवाद
हाईवे से निकलने वाले वाहनों से टोल के रेट
वाहन - धनराशि
कार - 100 रुपये
मालवाहक वाहन - 150 रुपये
टू एक्सल बस-ट्रक - 340 रुपये
थ्री एक्सल कॉमर्शियल वाहन - 370 रुपये
4-6 एक्सल वाहन - 530 रुपये
7 एक्सल से अधिक वाले वाहन - 645 रुपये
फोटो-23
नेशनल हाईवे पर गड्ढों से दिक्कत होती है, अचानक सामने गड्ढा आ जाता है तब बस बड़ी मुश्किल से कंट्रोल होती है।- मोहन लाल, बस चालक।
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गौना से लेकर ललितपुर तक पूरे हाईवे पर गड्ढे होने और सड़क पर बिखरी पड़ी गिट्टी से टायर खराब हो जाता है, जिससे हजारों का नुकसान होता है।
-लवी राजा
फोटो-25
हाईवे पर वाहन स्वामी टोल टैक्स अदा कर रहे, इसके बाद भी सड़क ठीक नहीं कराई जा रही है। गड्ढे होने से वाहन भी खराब हो रहे हैं।-मुकेश लोधी
फोटो-26
हाईवे पर गड्ढों के चलते बाइक भी चलाने में भी दिक्कत आ रही है। गिट्टी में बाइक फिसलने का भी खतरा बना रहता है। विभागीय अधिकारी इसे ठीक कराएं। -अरविंद्र पटैरिया ।
नोट- हाईवे का कोई अधिकारी जनपद में नहीं बैठता है इसलिए खबर से संबंधित वर्जन झांसी मुख्यालय के अधिकारी से करवाने का कष्ट करें।