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एक बार फिर घूम सकते हैं सचल अस्पताल के पहिए
ललितपुर ब्यूरो
Updated Tue, 01 Sep 2015 12:10 AM IST
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ललितपुर। बहुजन समाज पार्टी सरकार में शुरू किए गए महामाया मुख्यमंत्री सचल अस्पताल के पहिए एक बार फिर घूमने की उम्मीद जागी है। शासन ने सचल अस्पताल के वाहनों की मौजूदा स्थिति का पता लगाने के लिए सर्वे कराया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है।
तीन वर्षों से ठप पड़ी महामाया मुख्यमंत्री सचल अस्पताल योजना की सुध लेते हुए प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने 15 जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के साथ बैठक कर सचल अस्पताल के संचालन पर चरचा की। बैठक में योजना से जुड़े सर्विस प्रोवाइडर अफसरों ने भी प्रतिभाग किया। इस दौरान वाहनों की स्थिति और उनमें उपलब्ध कराए उपकरणों की स्थिति का पता लगाने के लिए सर्वे कराए जाने का निर्णय लिया गया। योजना से जुड़े सर्विस प्रोवाइडर के प्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य विभाग के साथ जिले में संयुक्त रूप से सर्वे किया।
इसके बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी की ओर से शासन को भेजी गई रिपोर्ट में बताया गया है कि जिले के पांच विकास खंडों को उपलब्ध कराए गए वाहनों में से महज एक गाड़ी में मरम्मत की आवश्यकता है। सर्विस के उपरांत सभी वाहन सड़क पर दौड़ने के लिए तैयार हैं। गाड़ियों में उपलब्ध कराए गए सभी उपकरण भी ठीक हैं। इसी तरह का सर्वे प्रदेश के 15 जनपदों में संचालित महामाया मुख्यमंत्री सचल अस्पताल के वाहनों और उपकरणों का कराया गया है, जिससे उम्मीद जताई जा रही है कि तीन वर्षों से थमे सचल अस्पताल के पहिए एक बार फिर ग्रामीण अंचलों में घूमेंगे और ग्रामीण जनता को शासन की महत्वाकांक्षी योजना का लाभ मिल सकेगा।
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-इनका कहना है -
जनपद में उपलब्ध कराए गए सचल अस्पताल के वाहनों की सर्वे रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है, वाहनों की स्थिति ठीक है, उपकरण भी सुरक्षित हैं। इस संबंध में शासन का दिशा- निर्देश मिलते ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
डा. सत्येंद्र कुमार
मुख्य चिकित्सा अधिकारी, ललितपुर।
ललितपुर में पांच व झांसी में भेजे गए पांच वाहन
वर्ष 2011 में बसपा सरकार की तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने अपने जन्मदिन पर मुख्यमंत्री महामाया सचल अस्पताल योजना का शुभारंभ किया था। प्रदेश के 15 जनपदों के 133 विकासखंडों में मेडिकल मोबाइल यूनिट का संचालन किया गया था, इसमें ललितपुर और झांसी जनपद को भी शामिल किया गया था। ललितपुर में पांच और झांसी के सात विकास खंडों के लिए सचल अस्पताल वाहन भेजे गए थे, लेकिन नौ महीने बाद ही इन वाहनों के पहिए थम गए थे।
सचल अस्पतालों में दी गई यह स्वास्थ्य सुविधाएं
ग्रामीण अंचलों में प्राथमिक चिकित्सा सेवाओं का लाभ जन-जन तक पहुंचाने के लिए योजना की शुरूआत की गई थी। प्रत्येक मोबाइल यूनिट में चिकित्सीय परामर्श, प्राथमिक इलाज, दवाइयों का वितरण, टीकाकरण, प्रसव पूर्व व प्रसव उपरांत स्वास्थ्य परीक्षण, आवश्यक दवाइयों का वितरण, किशोर, बालिकाओं के स्वास्थ्य की जांच सुविधा, यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य शिक्षा की जानकारी, मलेरिया, टीबी की जांच, परिवार नियोजन के माध्यमों की जानकारी की व्यवस्था की गई थी।
सचल अस्पताल में उपलब्ध कराया गया स्टाफ
01 एमबीबीएस चिकित्सक
01 फार्मांसिस्ट
01 एएनएम / स्टाफ नर्स / दाई
01 लैब टेक्नीशियन
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तीन वर्षों से ठप पड़ी महामाया मुख्यमंत्री सचल अस्पताल योजना की सुध लेते हुए प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने 15 जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के साथ बैठक कर सचल अस्पताल के संचालन पर चरचा की। बैठक में योजना से जुड़े सर्विस प्रोवाइडर अफसरों ने भी प्रतिभाग किया। इस दौरान वाहनों की स्थिति और उनमें उपलब्ध कराए उपकरणों की स्थिति का पता लगाने के लिए सर्वे कराए जाने का निर्णय लिया गया। योजना से जुड़े सर्विस प्रोवाइडर के प्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य विभाग के साथ जिले में संयुक्त रूप से सर्वे किया।
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इसके बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी की ओर से शासन को भेजी गई रिपोर्ट में बताया गया है कि जिले के पांच विकास खंडों को उपलब्ध कराए गए वाहनों में से महज एक गाड़ी में मरम्मत की आवश्यकता है। सर्विस के उपरांत सभी वाहन सड़क पर दौड़ने के लिए तैयार हैं। गाड़ियों में उपलब्ध कराए गए सभी उपकरण भी ठीक हैं। इसी तरह का सर्वे प्रदेश के 15 जनपदों में संचालित महामाया मुख्यमंत्री सचल अस्पताल के वाहनों और उपकरणों का कराया गया है, जिससे उम्मीद जताई जा रही है कि तीन वर्षों से थमे सचल अस्पताल के पहिए एक बार फिर ग्रामीण अंचलों में घूमेंगे और ग्रामीण जनता को शासन की महत्वाकांक्षी योजना का लाभ मिल सकेगा।
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जनपद में उपलब्ध कराए गए सचल अस्पताल के वाहनों की सर्वे रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है, वाहनों की स्थिति ठीक है, उपकरण भी सुरक्षित हैं। इस संबंध में शासन का दिशा- निर्देश मिलते ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
डा. सत्येंद्र कुमार
मुख्य चिकित्सा अधिकारी, ललितपुर।
ललितपुर में पांच व झांसी में भेजे गए पांच वाहन
वर्ष 2011 में बसपा सरकार की तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने अपने जन्मदिन पर मुख्यमंत्री महामाया सचल अस्पताल योजना का शुभारंभ किया था। प्रदेश के 15 जनपदों के 133 विकासखंडों में मेडिकल मोबाइल यूनिट का संचालन किया गया था, इसमें ललितपुर और झांसी जनपद को भी शामिल किया गया था। ललितपुर में पांच और झांसी के सात विकास खंडों के लिए सचल अस्पताल वाहन भेजे गए थे, लेकिन नौ महीने बाद ही इन वाहनों के पहिए थम गए थे।
सचल अस्पतालों में दी गई यह स्वास्थ्य सुविधाएं
ग्रामीण अंचलों में प्राथमिक चिकित्सा सेवाओं का लाभ जन-जन तक पहुंचाने के लिए योजना की शुरूआत की गई थी। प्रत्येक मोबाइल यूनिट में चिकित्सीय परामर्श, प्राथमिक इलाज, दवाइयों का वितरण, टीकाकरण, प्रसव पूर्व व प्रसव उपरांत स्वास्थ्य परीक्षण, आवश्यक दवाइयों का वितरण, किशोर, बालिकाओं के स्वास्थ्य की जांच सुविधा, यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य शिक्षा की जानकारी, मलेरिया, टीबी की जांच, परिवार नियोजन के माध्यमों की जानकारी की व्यवस्था की गई थी।
सचल अस्पताल में उपलब्ध कराया गया स्टाफ
01 एमबीबीएस चिकित्सक
01 फार्मांसिस्ट
01 एएनएम / स्टाफ नर्स / दाई
01 लैब टेक्नीशियन
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