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दवाई लेने जा रही वृद्घा की ट्रेन की चपेट में आने से मौत
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- फोटो : train
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ललितपुर। थाना जीआरपी क्षेत्र अंतर्गत रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म क्रमांक दो पर बीना रेलवे लाइन की ओर नेहरुनगर निवासी एक वृद्घा की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। वृद्घा अपने लिए दवा लेने के लिए रेल पटरियां पार करके मेडिकल स्टोर पर जा रही थी।
थाना कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत मोहल्ला नेहरुनगर, रेलवे अस्पताल के पीछे निवासी छोटी बहू (80 वर्ष) पत्नी स्व.अड़कू बरार लकवा से कई वर्षों से पीड़ित चल रही है, उसका 55 वर्षीय पुत्र घनश्याम भी करीब तीन वर्ष पहले लकवा का शिकार हो गया था। इस कारण घनश्याम ठीक से चल फिर नहीं पाता है। सोमवार को दोपहर में छोटी बहू ने खाना खाया और अपने पुत्र को भी खाना खिलाने के बाद दवा भी खिलाई। इसके बाद छोटी बहू अपने लिए दवा लेने के लिए रेलवे स्टेशन के पास स्थित मेडिकल स्टोर पर जाने की कहकर घर निकल गई और रेलवे अस्पताल के सामने रेल पटरियां पार करते समय खंभा नंबर 1037/26 अप रेलवे लाइन पर ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई। जानकारी मिलने पर जीआरपी मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से वृद्घा के शव की पहचान कराई गई। इसके बाद जीआरपी ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
बेटे को दुआ देकर घर से निकली मां , नहीं लौटी दवा लेकर
लकवा के कारण विस्तर पर पड़ा 55 वर्षीय बेटा दवा लेने गई 80 वर्षीय मां का इंतजार करता रहा पर दवा लेकर मां तो नहीं लौटी, आई भी तो उसकी मौत की खबर। 55 वर्षीय घनश्याम का सबसे बड़ा सहारा उसकी अस्सी वर्षीय मां छोटी बहू ही थी। घर में अन्य सदस्य हैं पर मां जैसी देखरेख कोई नहीं करता। घर से निकलते समय उसकी मां छोटी बहू अपने बेटे को सांत्वना देकर गई थी कि वह दवा लेने जा रही है और वह जल्द ठीक हो जाएगा। पर, किसे पता था कि छोटी बहू अपने बेटे को सिर्फ दुआ ही दे सकेगी, दवा नहीं। मां की मौत की खबर सुनते ही घनश्याम फफक फफक रो पड़ा। जिसने भी सुना उसकी आंखें नम हो गईं। यह कैसी विडंबना 55 वर्ष के बेटे की सेवा अस्सी वर्ष की मां कर रही थी, उस पर भी भगवान ने यह सहारा भी छीन लिया।
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थाना कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत मोहल्ला नेहरुनगर, रेलवे अस्पताल के पीछे निवासी छोटी बहू (80 वर्ष) पत्नी स्व.अड़कू बरार लकवा से कई वर्षों से पीड़ित चल रही है, उसका 55 वर्षीय पुत्र घनश्याम भी करीब तीन वर्ष पहले लकवा का शिकार हो गया था। इस कारण घनश्याम ठीक से चल फिर नहीं पाता है। सोमवार को दोपहर में छोटी बहू ने खाना खाया और अपने पुत्र को भी खाना खिलाने के बाद दवा भी खिलाई। इसके बाद छोटी बहू अपने लिए दवा लेने के लिए रेलवे स्टेशन के पास स्थित मेडिकल स्टोर पर जाने की कहकर घर निकल गई और रेलवे अस्पताल के सामने रेल पटरियां पार करते समय खंभा नंबर 1037/26 अप रेलवे लाइन पर ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई। जानकारी मिलने पर जीआरपी मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से वृद्घा के शव की पहचान कराई गई। इसके बाद जीआरपी ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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बेटे को दुआ देकर घर से निकली मां , नहीं लौटी दवा लेकर
लकवा के कारण विस्तर पर पड़ा 55 वर्षीय बेटा दवा लेने गई 80 वर्षीय मां का इंतजार करता रहा पर दवा लेकर मां तो नहीं लौटी, आई भी तो उसकी मौत की खबर। 55 वर्षीय घनश्याम का सबसे बड़ा सहारा उसकी अस्सी वर्षीय मां छोटी बहू ही थी। घर में अन्य सदस्य हैं पर मां जैसी देखरेख कोई नहीं करता। घर से निकलते समय उसकी मां छोटी बहू अपने बेटे को सांत्वना देकर गई थी कि वह दवा लेने जा रही है और वह जल्द ठीक हो जाएगा। पर, किसे पता था कि छोटी बहू अपने बेटे को सिर्फ दुआ ही दे सकेगी, दवा नहीं। मां की मौत की खबर सुनते ही घनश्याम फफक फफक रो पड़ा। जिसने भी सुना उसकी आंखें नम हो गईं। यह कैसी विडंबना 55 वर्ष के बेटे की सेवा अस्सी वर्ष की मां कर रही थी, उस पर भी भगवान ने यह सहारा भी छीन लिया।
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