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बहुरेंगे खराब ओसीबी के दिन
ललितपुर ब्यूरो
Updated Tue, 01 Sep 2015 12:14 AM IST
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ललितपुर। विद्युत सब स्टेशन पर वर्षों से खराब पड़ी ऑयल सर्किट ब्रेकर ( ओसीबी) मशीनों के दिन फिरने वाले हैं। मशीनों के खराब ट्रिपिंग सिस्टम को सुधारने के लिए बुलंदशहर और झांसी जिले से टीमें बुलाई गई हैं। टीमों के मंगलवार तक आने की उम्मीद है।
गल्ला मंडी स्थित 66 केवी विद्युत सब स्टेशन पर स्थापित फीडर नंबर एक, तीन, नेहरू नगर, राजघाट, देवगढ़ व चंदेरा से शहर के विभिन्न मुहल्लों, औद्योगिक क्षेत्र चंदेरा और 84 गांवों को बिजली आपूर्ति देकर रोशन किया जाता है, इसमें से फीडर नंबर एक, देवगढ़ और राजघाट फीडर की मशीनों की स्थिति काफी खराब है। आए दिन मशीनें हाइटेंशन लाइनों में फाल्ट आने के बावजूद ट्रिप नहीं होती हैं। यह स्थिति अमूमन 66 केवीए लाइन से जुड़ी सभी मशीनों की बनी हुई है। मशीनों का ट्रिपिंग सिस्टम खराब होने के कारण मशीनें हाइटेंशन लाइनों में फाल्ट पर ट्रिप नहीं होतीं, बल्कि रौंड़ा हाइडिल से ही पूरी आपूर्ति बंद पड़ जाती है। इसके बाद आधा घंटा अथवा एक घंटे बाद ही आपूर्ति सुचारु हो पाती है।
दरअसल, वर्षों से विद्युत विभाग ने मशीनों का तेल बदलने की जहमत नहीं उठाई है। ऐसे में उसी पुराने तेल से ही किसी प्रकार काम चलाया जा रहा है, जबकि विभागीय अभियंताओं के अनुसार प्रत्येक ओसीबी मशीन का 60 से 70 बार ट्रिप हो जाने के बाद तेल बदलना होता है। यदि हर ओसीबी मशीन की ट्रिपिंग की बात की जाए तो एक मशीन प्रतिदिन औसतन आठ से दस बार ट्रिप हो जाती है। कई बार तो यह आंकड़ा दर्जन से भी ज्यादा हो जाता है। इन मशीनों के जरूरी पुर्जे भी विद्युत स्टोर में उपलब्ध नहीं होने के कारण विभागीय अधिकारियों को ठेकेदारों पर निर्भर रहना पड़ता है। मशीनों के खराब हो जाने पर कई बार यह जरूरी उपकरण नहीं मिलने पर मशीनें कई दिनों तक खराब बनी रहती हैं, जिससे उपभोक्ताओं को बिजली संकट से जूझना पड़ता है।
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ऐसे में विभागीय अधिकारियों ने ओसीबी मशीनों का ट्रिपिंग सिस्टम सुधारने के लिए दो दिन पूर्व उच्च अधिकारियों से मांग की थी। इसी क्रम में झांसी और बुलंदशहर जिले से दो टीमें ललितपुर भेजी जा रही हैं, जो कि गल्ला मंडी स्थित 66 केवी विद्युत सब स्टेशन में स्थापित ओसीबी मशीनों की जांच कर खराबी दूर करेंगी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार दोनों टीमों के मंगलवार तक ललितपुर आने की संभावना है।
क्या है ट्रिपिंग सिस्टम?
ललितपुर। 11 हजार केवी विद्युत लाइनों में फाल्ट होने के कारण ऑयल सर्किट ब्रेकर मशीनें ट्रिप हो जाती हैं और हाइटेंशन लाइनों में दौड़ रहा करंट स्वत: ही बिजली सब स्टेशन से आगे बढ़ना रुक जाता है। यह मशीनें घरों में लगी एमवीबी की तरह काम करती हैं। अधिक लोड होने या फिर कहीं भी फाल्ट की स्थिति में ट्रिप होकर ओसीबी मशीन आगे बढ़ने वाले करंट को रोक देती हैं। यदि यह मशीनें फाल्ट होने पर ट्रिप नहीं होती है तो ऐसी स्थिति में उच्च क्षमता के ट्रांसफार्मर के फ्यूज उड़ जाते हैं अथवा सीधे रौंडा हाइडिल से ही बिजली आपूर्ति बंद हो जाती है।
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गल्ला मंडी स्थित 66 केवी विद्युत सब स्टेशन पर स्थापित फीडर नंबर एक, तीन, नेहरू नगर, राजघाट, देवगढ़ व चंदेरा से शहर के विभिन्न मुहल्लों, औद्योगिक क्षेत्र चंदेरा और 84 गांवों को बिजली आपूर्ति देकर रोशन किया जाता है, इसमें से फीडर नंबर एक, देवगढ़ और राजघाट फीडर की मशीनों की स्थिति काफी खराब है। आए दिन मशीनें हाइटेंशन लाइनों में फाल्ट आने के बावजूद ट्रिप नहीं होती हैं। यह स्थिति अमूमन 66 केवीए लाइन से जुड़ी सभी मशीनों की बनी हुई है। मशीनों का ट्रिपिंग सिस्टम खराब होने के कारण मशीनें हाइटेंशन लाइनों में फाल्ट पर ट्रिप नहीं होतीं, बल्कि रौंड़ा हाइडिल से ही पूरी आपूर्ति बंद पड़ जाती है। इसके बाद आधा घंटा अथवा एक घंटे बाद ही आपूर्ति सुचारु हो पाती है।
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दरअसल, वर्षों से विद्युत विभाग ने मशीनों का तेल बदलने की जहमत नहीं उठाई है। ऐसे में उसी पुराने तेल से ही किसी प्रकार काम चलाया जा रहा है, जबकि विभागीय अभियंताओं के अनुसार प्रत्येक ओसीबी मशीन का 60 से 70 बार ट्रिप हो जाने के बाद तेल बदलना होता है। यदि हर ओसीबी मशीन की ट्रिपिंग की बात की जाए तो एक मशीन प्रतिदिन औसतन आठ से दस बार ट्रिप हो जाती है। कई बार तो यह आंकड़ा दर्जन से भी ज्यादा हो जाता है। इन मशीनों के जरूरी पुर्जे भी विद्युत स्टोर में उपलब्ध नहीं होने के कारण विभागीय अधिकारियों को ठेकेदारों पर निर्भर रहना पड़ता है। मशीनों के खराब हो जाने पर कई बार यह जरूरी उपकरण नहीं मिलने पर मशीनें कई दिनों तक खराब बनी रहती हैं, जिससे उपभोक्ताओं को बिजली संकट से जूझना पड़ता है।
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ऐसे में विभागीय अधिकारियों ने ओसीबी मशीनों का ट्रिपिंग सिस्टम सुधारने के लिए दो दिन पूर्व उच्च अधिकारियों से मांग की थी। इसी क्रम में झांसी और बुलंदशहर जिले से दो टीमें ललितपुर भेजी जा रही हैं, जो कि गल्ला मंडी स्थित 66 केवी विद्युत सब स्टेशन में स्थापित ओसीबी मशीनों की जांच कर खराबी दूर करेंगी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार दोनों टीमों के मंगलवार तक ललितपुर आने की संभावना है।
क्या है ट्रिपिंग सिस्टम?
ललितपुर। 11 हजार केवी विद्युत लाइनों में फाल्ट होने के कारण ऑयल सर्किट ब्रेकर मशीनें ट्रिप हो जाती हैं और हाइटेंशन लाइनों में दौड़ रहा करंट स्वत: ही बिजली सब स्टेशन से आगे बढ़ना रुक जाता है। यह मशीनें घरों में लगी एमवीबी की तरह काम करती हैं। अधिक लोड होने या फिर कहीं भी फाल्ट की स्थिति में ट्रिप होकर ओसीबी मशीन आगे बढ़ने वाले करंट को रोक देती हैं। यदि यह मशीनें फाल्ट होने पर ट्रिप नहीं होती है तो ऐसी स्थिति में उच्च क्षमता के ट्रांसफार्मर के फ्यूज उड़ जाते हैं अथवा सीधे रौंडा हाइडिल से ही बिजली आपूर्ति बंद हो जाती है।