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अंतर्राज्यीय बस स्टैंड पर नहीं है बसों की समय सारिणी
Mon, 18 Feb 2019 01:07 AM IST
देवेंद्र कुमार
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Published by: देवेंद्र कुमार
Updated Mon, 18 Feb 2019 01:07 AM IST
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जिला मुख्यालय पर स्थित अंतर्राज्यीय बस स्टैंड पर बसों की समय सारिणी नहीं लगाई गई है। इससे यात्रियों को अपने गंतव्य तक जाने वाली निजी बसों की जानकारी नहीं हो पाती है। बस निकलने के बाद भी यात्री बस का इंतजार करना पड़ता है। वहीं, निजी बसों की समय सारिणी न होने से मनमाने समय पर संचालित हो रही है। जिस ओर विभागीय अधिकारी अंजान बने हुए है। यात्रियों की समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रहीं हैं।
जिला मुख्यालय स्थित बस स्टैंड से प्रतिदिन लगभग डेढ़ सौ से अधिक बसों आवागमन होता है। इनमें कई बसेें जिले के समीपवर्ती मध्यप्रदेश के जिलों के लिए संचालन होतीं है। यह बसें टीकमगढ़, सागर, अशोक नगर, गुना, शिवपुरी, दतिया जिले के लिए संचालित होती है। इसके चलते इसे अंतर्राज्यीय बस स्टैंड का दर्जा दिया गया है। वहीं, जिले के ग्रामीण क्षेत्र कस्बा के लिए भी बसों का संचालन किया जा रहा है। इसके बावजूद बसों के संचालन की बस स्टैंड पर समय सारिणी नहीं लगाई गई है। सारिणी के अभाव में यात्रियों को बसों के आने जाने की जानकारी नहीं हो पा रही है। ऐसे में यात्रियों को बसों के लिए अधिक समय तक इंतजार करना पड़ता है। साथ ही बस के निकलने के बाद भी सवारियां बसों का इंतजार करतीं रहतीं हैं। जिले के कुछ मार्गों पर एक ही बस का संचालन किया जा रहा है। ऐसे में सवारियों को बस निकलने पर डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ता है। वाहन न मिलने पर मायूस होकर ठहरने के लिए आशियाना ढूंढते हैं। वहीं, बस स्टैंड पर सारिणी न होने के चलते निजी बस संचालक मनमानी समय पर बसों का संचालन कर रहे हैं। ऐसे में बस के संचालन होने की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही। साथ ही दो बसों के स्थान पर एक ही बस चलाई जा रही है। इससे सवारियों को मजबूर होकर भरी बसों में यात्रा करना पड़ रहा है। कई सवारियां गेट पर लटक कर तो कई छत पर बैठकर जान जोखिम में डालकर यात्रा करना पड़ रहा है। इस ओर विभागीय अधिकारी अंजान बने हुए है। जिसका लाभ निजी बस चालक उठा रहे हैं।
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जिला मुख्यालय स्थित बस स्टैंड से प्रतिदिन लगभग डेढ़ सौ से अधिक बसों आवागमन होता है। इनमें कई बसेें जिले के समीपवर्ती मध्यप्रदेश के जिलों के लिए संचालन होतीं है। यह बसें टीकमगढ़, सागर, अशोक नगर, गुना, शिवपुरी, दतिया जिले के लिए संचालित होती है। इसके चलते इसे अंतर्राज्यीय बस स्टैंड का दर्जा दिया गया है। वहीं, जिले के ग्रामीण क्षेत्र कस्बा के लिए भी बसों का संचालन किया जा रहा है। इसके बावजूद बसों के संचालन की बस स्टैंड पर समय सारिणी नहीं लगाई गई है। सारिणी के अभाव में यात्रियों को बसों के आने जाने की जानकारी नहीं हो पा रही है। ऐसे में यात्रियों को बसों के लिए अधिक समय तक इंतजार करना पड़ता है। साथ ही बस के निकलने के बाद भी सवारियां बसों का इंतजार करतीं रहतीं हैं। जिले के कुछ मार्गों पर एक ही बस का संचालन किया जा रहा है। ऐसे में सवारियों को बस निकलने पर डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ता है। वाहन न मिलने पर मायूस होकर ठहरने के लिए आशियाना ढूंढते हैं। वहीं, बस स्टैंड पर सारिणी न होने के चलते निजी बस संचालक मनमानी समय पर बसों का संचालन कर रहे हैं। ऐसे में बस के संचालन होने की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही। साथ ही दो बसों के स्थान पर एक ही बस चलाई जा रही है। इससे सवारियों को मजबूर होकर भरी बसों में यात्रा करना पड़ रहा है। कई सवारियां गेट पर लटक कर तो कई छत पर बैठकर जान जोखिम में डालकर यात्रा करना पड़ रहा है। इस ओर विभागीय अधिकारी अंजान बने हुए है। जिसका लाभ निजी बस चालक उठा रहे हैं।
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