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Lalitpur News: शहर की आंखें बंद, सुरक्षा में सेंध
Tue, 01 Sep 2026 01:34 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
Updated Tue, 01 Sep 2026 01:34 AM IST
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ललितपुर। नगर पालिका परिषद की ओर से बनाया गया इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर वर्तमान में ठीक से काम नहीं कर रहा है। शहर में लगे इसके अधिकांश सीसीटीवी कैमरे करीब तीन सप्ताह से अधिक समय से खराब हैं। तेज हवाओं और बारिश के कारण कैमरों की डिवाइस खराब हो गई हैं।
नगर पालिका ने 25 लाख रुपये की लागत से सुपरमार्केट के पुराने एलआईसी भवन में यह कमांड सेंटर बनाया था। शहर के 14 सार्वजनिक स्थानों पर कुल 50 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। कमांड सेंटर को जीसीपी से नियंत्रित किया जाता है। इससे सफाई व्यवस्था, कचरा प्रबंधन और वाहनों की ट्रैकिंग भी होती थी। करीब 25 दिन पहले तेज हवाओं के साथ हुई बारिश में अधिकांश कैमरों की डिवाइस खराब हो गईं। इससे कैमरों का संचालन बंद हो गया है और शहर की निगरानी मुश्किल हो गई है। खराब डिवाइस को सुधरवाने के लिए दिल्ली भेजा गया है। इस इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर का उद्देश्य शहर की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। यह अतिक्रमण और जाम की स्थिति पर नजर रखने में भी सहायक है। सफाई व्यवस्था और कचरा प्रबंधन वाहनों की ट्रैकिंग भी इसके कार्यों में शामिल है।
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सुरक्षा के मामले में मिल रहा कैमरे बने मददगार
शहर में लगे ये कैमरे सुरक्षा के मामलों में काफी मददगार साबित हुए हैं। बाइक चोरी के मामलों में पीड़ितों और पुलिस को इनसे बड़ी सहायता मिली है। अन्य आपराधिक मामलों में भी इन कैमरों ने राहत पहुंचाई है। एक व्यक्ति ने मारपीट के मामले में खुद को बेगुनाह साबित करने के लिए फुटेज का इस्तेमाल किया। गुमशुदगी के मामलों में भी ये कैमरे आम लोगों और पुलिस की मदद करते हैं।
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इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर के कुछ कैमरे खराब हो गए हैं। उनकी डिवाइस सुधरवाने के लिए भेजा गया है। जल्द ही डिवाइस सुधरने के बाद सभी कैमरे फिर से संचालित किए जाएंगे।
-दिनेश कुमार विश्वकर्मा, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद।
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नगर पालिका ने 25 लाख रुपये की लागत से सुपरमार्केट के पुराने एलआईसी भवन में यह कमांड सेंटर बनाया था। शहर के 14 सार्वजनिक स्थानों पर कुल 50 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। कमांड सेंटर को जीसीपी से नियंत्रित किया जाता है। इससे सफाई व्यवस्था, कचरा प्रबंधन और वाहनों की ट्रैकिंग भी होती थी। करीब 25 दिन पहले तेज हवाओं के साथ हुई बारिश में अधिकांश कैमरों की डिवाइस खराब हो गईं। इससे कैमरों का संचालन बंद हो गया है और शहर की निगरानी मुश्किल हो गई है। खराब डिवाइस को सुधरवाने के लिए दिल्ली भेजा गया है। इस इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर का उद्देश्य शहर की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। यह अतिक्रमण और जाम की स्थिति पर नजर रखने में भी सहायक है। सफाई व्यवस्था और कचरा प्रबंधन वाहनों की ट्रैकिंग भी इसके कार्यों में शामिल है।
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सुरक्षा के मामले में मिल रहा कैमरे बने मददगार
शहर में लगे ये कैमरे सुरक्षा के मामलों में काफी मददगार साबित हुए हैं। बाइक चोरी के मामलों में पीड़ितों और पुलिस को इनसे बड़ी सहायता मिली है। अन्य आपराधिक मामलों में भी इन कैमरों ने राहत पहुंचाई है। एक व्यक्ति ने मारपीट के मामले में खुद को बेगुनाह साबित करने के लिए फुटेज का इस्तेमाल किया। गुमशुदगी के मामलों में भी ये कैमरे आम लोगों और पुलिस की मदद करते हैं।
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इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर के कुछ कैमरे खराब हो गए हैं। उनकी डिवाइस सुधरवाने के लिए भेजा गया है। जल्द ही डिवाइस सुधरने के बाद सभी कैमरे फिर से संचालित किए जाएंगे।
-दिनेश कुमार विश्वकर्मा, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद।