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Lalitpur News: निजी हाथों में फिटनेस लेने के लिए दो वर्ष में नहीं आया एक भी आवेदन
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जनपद में शोरूम संचालकों को वाहन पंजीकरण नंबर जारी करने का काम तो सौंप दिया, लेकिन दो वर्ष बाद भी निजी हाथों में फिटनेस लेने के लिए एक भी आवेदन नहीं आया है। ऐसे में वाहनों की फिटनेस के लिए परिवहन विभाग के कार्यालय में ही चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
शासन ने वाहनों की फिटनेस को निजी हाथों में देने का निर्णय लिया है। इसमें जिस तरह से शोरूम संचालकों को वाहन पंजीकरण नंबर जारी करने का कार्य दिया गया है। इसी तरह से फिटनेस का कार्य भी दिया जाना है। फिटनेस सेंटर बनाने के लिए शासन में फर्म या कोई कंपनी आवेदन कर सकती है। आवेदन में मशीनों समेत अन्य मानकों की जांच के बाद प्रमाण पत्र देने की अनुमति जारी हो जाएगी।
इन फिटनेस सेंटर में वाहन स्वामियों को फिटनेस के लिए ऑनलाइन स्लॉट से बुकिंग करना होगी। इसके बाद निर्धारित तिथि व समय पर पहुंचकर वाहनों की जांच करा सकेंगे। इन सेंटरों पर वाहनों की सेंसर युक्त मशीन से जांच की जाएगी। जांच में वाहन सही पाए जाने पर प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। इसके बाद परिवहन विभाग प्रमाणपत्र के आधार पर फिटनेस प्रमाणपत्र जारी करेगा। हालांकि, इसमें वाहन स्वामियों को जांच के लिए शुल्क देना होगा। साथ ही विभाग में भी निर्धारित शुल्क देना होगा।
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लेकिन, दो वर्ष का समय बीतने के बाद भी अबतक इसमें किसी ने रुचि तक नहीं दिखाई है। यही कारण है कि अब तक किसी भी कंपनी या फर्म ने इसमें आवेदन नहीं किया है। ऐसे में वाहन स्वामियों को कार्यालय में ही फिटनेस के लिए आना पड़ रहा है। साथ ही कार्यालय में कोई मशीन भी नहीं है। ऐसे में वाहनों की कंडीशन के आधार पर ही फिटनेस जारी हो रही है।
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दो वर्ष में निजी फिटनेस सेंटर खोलने के लिए किसी ने भी आवेदन नहीं किया गया है। इससे निजी फिटनेस सेंटर खोलने की राह आसान नजर नहीं आ रही है।
- मोहम्मद कय्यूम खान, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी
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ललितपुर। जनपद में शोरूम संचालकों को वाहन पंजीकरण नंबर जारी करने का काम तो सौंप दिया, लेकिन दो वर्ष बाद भी निजी हाथों में फिटनेस लेने के लिए एक भी आवेदन नहीं आया है। ऐसे में वाहनों की फिटनेस के लिए परिवहन विभाग के कार्यालय में ही चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
शासन ने वाहनों की फिटनेस को निजी हाथों में देने का निर्णय लिया है। इसमें जिस तरह से शोरूम संचालकों को वाहन पंजीकरण नंबर जारी करने का कार्य दिया गया है। इसी तरह से फिटनेस का कार्य भी दिया जाना है। फिटनेस सेंटर बनाने के लिए शासन में फर्म या कोई कंपनी आवेदन कर सकती है। आवेदन में मशीनों समेत अन्य मानकों की जांच के बाद प्रमाण पत्र देने की अनुमति जारी हो जाएगी।
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इन फिटनेस सेंटर में वाहन स्वामियों को फिटनेस के लिए ऑनलाइन स्लॉट से बुकिंग करना होगी। इसके बाद निर्धारित तिथि व समय पर पहुंचकर वाहनों की जांच करा सकेंगे। इन सेंटरों पर वाहनों की सेंसर युक्त मशीन से जांच की जाएगी। जांच में वाहन सही पाए जाने पर प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। इसके बाद परिवहन विभाग प्रमाणपत्र के आधार पर फिटनेस प्रमाणपत्र जारी करेगा। हालांकि, इसमें वाहन स्वामियों को जांच के लिए शुल्क देना होगा। साथ ही विभाग में भी निर्धारित शुल्क देना होगा।
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लेकिन, दो वर्ष का समय बीतने के बाद भी अबतक इसमें किसी ने रुचि तक नहीं दिखाई है। यही कारण है कि अब तक किसी भी कंपनी या फर्म ने इसमें आवेदन नहीं किया है। ऐसे में वाहन स्वामियों को कार्यालय में ही फिटनेस के लिए आना पड़ रहा है। साथ ही कार्यालय में कोई मशीन भी नहीं है। ऐसे में वाहनों की कंडीशन के आधार पर ही फिटनेस जारी हो रही है।
दो वर्ष में निजी फिटनेस सेंटर खोलने के लिए किसी ने भी आवेदन नहीं किया गया है। इससे निजी फिटनेस सेंटर खोलने की राह आसान नजर नहीं आ रही है।
- मोहम्मद कय्यूम खान, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी