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गर्भवती महिलाओं को नहीं मिल रही अल्ट्रासाउंड की सुविधा
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ललितपुर। जिला महिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं को जांचों की सुविधा नहीं मिल पा रही है। अल्ट्रासाउंड की सुविधा दो माह से ठप है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को जांच के लिए अस्पताल के बाहर जाना पड़ रहा है।
जिला महिला अस्पताल स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने में कायाकल्प अवार्ड से सम्मानित किया गया है, लेकिन बीते माहों से अस्पताल में अल्ट्रासाउंड व जांचों की सुुविधा नहीं मिल पा रही है। यहां पर आने वाली गर्भवती महिलाओं को जांच के लिए अस्पताल से बाहर जाना पड़ रहा है। जहां पर मजबूरी का फायदा उठाकर उनसे मोटा शुल्क लिया जा रहा है। जबकि, जिला मुख्यालय पर स्थित जिला अस्पताल प्रमुख अस्पतालों एक है। जहां पर सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के साथ ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं प्रसव के लिए आती हैं।
सामान्य दिनों में ओपीडी सेवा चालू होने पर पांच सौ से अधिक महिलाअएं जांच के लिए आती हैं। इनमें से लगभग दो सौ महिलाओं की खून व पेशाब की जांच होती है। इसके साथ ही लगभग पांच दर्जन महिलाओं का अल्ट्रासाउंड किया जाता है। लेकिन, वैश्विक महामारी कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन किया गया है। लॉकडाउन से तीन दिन पहले 22 मार्च से शासन ने सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवा बंद कर दी गई थी। अब अस्पताल में केवल इमरजेंसी सेवा ही मुहैया कराई जा रही है। ऐसे में केवल इमरजेंसी मरीजों की ही जांच हो रही है, जो सामान्य दिनों में 170 से 180 तक होती थीं, अब इमरजेंसी में 15 से 20 गर्भवती महिलाओं की ही जांच हो रही है। अन्य महिलाओं को निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है। अल्ट्रासाउंड सेवा पूरी तरह से ठप है। इससे महिलाओं को परेशान होकर निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है।
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शासन द्वारा ओपीडी सेवा को बंद किया गया है। इससे जांच सेवा भी बंद चल रही है। केवल इमरजेंसी में ही जांच हो रही है।
-डा. प्रताप सिंह
मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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जिला महिला अस्पताल स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने में कायाकल्प अवार्ड से सम्मानित किया गया है, लेकिन बीते माहों से अस्पताल में अल्ट्रासाउंड व जांचों की सुुविधा नहीं मिल पा रही है। यहां पर आने वाली गर्भवती महिलाओं को जांच के लिए अस्पताल से बाहर जाना पड़ रहा है। जहां पर मजबूरी का फायदा उठाकर उनसे मोटा शुल्क लिया जा रहा है। जबकि, जिला मुख्यालय पर स्थित जिला अस्पताल प्रमुख अस्पतालों एक है। जहां पर सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के साथ ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं प्रसव के लिए आती हैं।
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सामान्य दिनों में ओपीडी सेवा चालू होने पर पांच सौ से अधिक महिलाअएं जांच के लिए आती हैं। इनमें से लगभग दो सौ महिलाओं की खून व पेशाब की जांच होती है। इसके साथ ही लगभग पांच दर्जन महिलाओं का अल्ट्रासाउंड किया जाता है। लेकिन, वैश्विक महामारी कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन किया गया है। लॉकडाउन से तीन दिन पहले 22 मार्च से शासन ने सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवा बंद कर दी गई थी। अब अस्पताल में केवल इमरजेंसी सेवा ही मुहैया कराई जा रही है। ऐसे में केवल इमरजेंसी मरीजों की ही जांच हो रही है, जो सामान्य दिनों में 170 से 180 तक होती थीं, अब इमरजेंसी में 15 से 20 गर्भवती महिलाओं की ही जांच हो रही है। अन्य महिलाओं को निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है। अल्ट्रासाउंड सेवा पूरी तरह से ठप है। इससे महिलाओं को परेशान होकर निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है।
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शासन द्वारा ओपीडी सेवा को बंद किया गया है। इससे जांच सेवा भी बंद चल रही है। केवल इमरजेंसी में ही जांच हो रही है।
-डा. प्रताप सिंह
मुख्य चिकित्सा अधिकारी