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Lalitpur News: रेलवे स्टेशन पर नहीं टिनशेड, भीग रहे यात्री
Sun, 09 Jul 2023 12:30 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
Updated Sun, 09 Jul 2023 12:30 AM IST
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पूरे प्लेटफार्म पर छत न होने से बरसात में होती है असुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। रेलवे स्टेशन को आदर्श स्टेशन बनाए जाने के दावे हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। हकीकत में यात्रियों को मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं। पूरे प्लेटफार्म पर टिनशेड या छत न होने से यात्री बारिश में भीग रहे हैं, उनका सामान खराब हो रहा है। स्थिति यह है कि ट्रेन में बैठने या उतरने वाले यात्री भी भीगते हुए आते-जाते हैं।
ललितपुर रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन सैकड़ों यात्री दिल्ली, मुंबई, इंदौर, भोपाल, आगरा और खजुराहो की ओर सफर करते थे। स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव के लिए तीन प्लेटफार्म हैं। लेकिन, इन तीनों में प्लेटफार्म नंबर एक, दो व तीन पर कुछ हिस्से में ही टिनशेड लगा हुआ है। बाकी हिस्सा खुला हुआ है। इससे बरसात के दिनों में सबसे ज्यादा परेशानी होती है।
क्योंकि रेलवे स्टेशन पर अधिकांश गाडियों का ठहराव दो से तीन मिनट ही है। ऐसे में गाड़ी आने पर यात्रियों को भीगते हुए ही गाड़ी में बैठना पड़ता है, इससे उनका सामान भी भीग जाता है। यही हाल ललितपुर रेलवे स्टेशन पर उतरने वाले यात्रियों का भी होता है, वह भी स्वयं को अपने सामान को बचाते नजर आते हैं। कई बार यात्री फुट ओवरब्रिज के नीचे व छुपने की अन्य जगह तलाशते नजर आते हैं।
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रेलवे स्टेशन के तीनों प्लेटफार्म पर टिनशेड लगाया जाना है, धीरे-धीरे सभी विकास कार्य जल्द ही धरातल पर लाए जाएंगे।
-डीके चतुर्वेदी, स्टेशन प्रबंधक।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। रेलवे स्टेशन को आदर्श स्टेशन बनाए जाने के दावे हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। हकीकत में यात्रियों को मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं। पूरे प्लेटफार्म पर टिनशेड या छत न होने से यात्री बारिश में भीग रहे हैं, उनका सामान खराब हो रहा है। स्थिति यह है कि ट्रेन में बैठने या उतरने वाले यात्री भी भीगते हुए आते-जाते हैं।
ललितपुर रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन सैकड़ों यात्री दिल्ली, मुंबई, इंदौर, भोपाल, आगरा और खजुराहो की ओर सफर करते थे। स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव के लिए तीन प्लेटफार्म हैं। लेकिन, इन तीनों में प्लेटफार्म नंबर एक, दो व तीन पर कुछ हिस्से में ही टिनशेड लगा हुआ है। बाकी हिस्सा खुला हुआ है। इससे बरसात के दिनों में सबसे ज्यादा परेशानी होती है।
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क्योंकि रेलवे स्टेशन पर अधिकांश गाडियों का ठहराव दो से तीन मिनट ही है। ऐसे में गाड़ी आने पर यात्रियों को भीगते हुए ही गाड़ी में बैठना पड़ता है, इससे उनका सामान भी भीग जाता है। यही हाल ललितपुर रेलवे स्टेशन पर उतरने वाले यात्रियों का भी होता है, वह भी स्वयं को अपने सामान को बचाते नजर आते हैं। कई बार यात्री फुट ओवरब्रिज के नीचे व छुपने की अन्य जगह तलाशते नजर आते हैं।
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रेलवे स्टेशन के तीनों प्लेटफार्म पर टिनशेड लगाया जाना है, धीरे-धीरे सभी विकास कार्य जल्द ही धरातल पर लाए जाएंगे।
-डीके चतुर्वेदी, स्टेशन प्रबंधक।