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गले नहीं उतर रहा कंटीले तार से फांसी लगाने का मामला
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No thorns throating hangout case
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ललितपुर। थाना पाली अंतर्गत नागौरी तालाब राजगढ़ मार्ग पर घने पेड़ों के बीच छेवले के पेड़ पर युवक का शव कंटीले तारों से फांसी पर लटकता मिलने का मामला किसी के गले नहीं उतर रहा है। पोस्टमार्टम में फांसी की पुष्टि हो रही है, लेकिन फांसी खुद लगाई गई या फिर किसी और ने लगाई है, यह पुलिस के लिए चुनौती बन गया है। बिसरा सुरक्षित रखा गया है।
ग्राम टपरन निवासी रामसेवक कुशवाहा का पुत्र भूपेंद्र (21) चार दिन पहले दिन में करीब तीन बजे घर से लापता हो गया था। लेकिन देर शाम तक जब वह नहीं लौटा तो परिजनों ने खोजबीन की, पर पता नहीं चल सका था। अगले दिन रामसेवक ने पुत्र की गुमशुदगी की रिपोर्ट थाना पाली पुलिस को दी। बीते रोज पाली राजगढ़ मार्ग पर एक पेड़ पर युवक का शव फांसी के फंदे पर लटक रहा था। युवक का शव कपड़ा, रस्सी या बिजली के तारों से नहीं, बल्कि कंटीले तारों का फंदा गले में कसा था। यह बात किसी के गले नहीं उतरी कि आखिर कंटीले तार से कोई फांसी कैसे लगा सकता है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है।
बुधवार को मुख्यालय स्थित पोस्टमार्टम हाउस में भूपेंद्र के शव का पोस्टमार्टम किया गया। सूत्रों के अनुसार पोस्टमार्टम के दौरान फांसी से मौत की पुष्टि होना तो बताया जा रहा है, लेकिन फांसी खुद लगाई या किसी और ने, यह जांच का विषय है। मामले की गंभीरता और मृतक के गले में कंटीले तारों के कसाव से बने निशान यह दर्शाते हैं कि फांसी लगाने के दौरान युवक को काफी दर्द हुआ होगा और ऐसे में उसका खुद फांसी लगाना किसी के गले नहीं उतर रहा। मामले की संदिग्धता को देखते हुए चिकित्सकों ने शव का विसरा सुरक्षित रखते हुए जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है।
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ग्राम टपरन निवासी रामसेवक कुशवाहा का पुत्र भूपेंद्र (21) चार दिन पहले दिन में करीब तीन बजे घर से लापता हो गया था। लेकिन देर शाम तक जब वह नहीं लौटा तो परिजनों ने खोजबीन की, पर पता नहीं चल सका था। अगले दिन रामसेवक ने पुत्र की गुमशुदगी की रिपोर्ट थाना पाली पुलिस को दी। बीते रोज पाली राजगढ़ मार्ग पर एक पेड़ पर युवक का शव फांसी के फंदे पर लटक रहा था। युवक का शव कपड़ा, रस्सी या बिजली के तारों से नहीं, बल्कि कंटीले तारों का फंदा गले में कसा था। यह बात किसी के गले नहीं उतरी कि आखिर कंटीले तार से कोई फांसी कैसे लगा सकता है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है।
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बुधवार को मुख्यालय स्थित पोस्टमार्टम हाउस में भूपेंद्र के शव का पोस्टमार्टम किया गया। सूत्रों के अनुसार पोस्टमार्टम के दौरान फांसी से मौत की पुष्टि होना तो बताया जा रहा है, लेकिन फांसी खुद लगाई या किसी और ने, यह जांच का विषय है। मामले की गंभीरता और मृतक के गले में कंटीले तारों के कसाव से बने निशान यह दर्शाते हैं कि फांसी लगाने के दौरान युवक को काफी दर्द हुआ होगा और ऐसे में उसका खुद फांसी लगाना किसी के गले नहीं उतर रहा। मामले की संदिग्धता को देखते हुए चिकित्सकों ने शव का विसरा सुरक्षित रखते हुए जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है।
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