फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   National Food Security Act in the balance

अधर में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम

Sat, 20 Jun 2015 01:03 AM IST
ललितपुर/ ब्यूरो
ललितपुर/ ब्यूरो Updated Sat, 20 Jun 2015 01:03 AM IST
विज्ञापन
ललितपुर। खाद्य सुरक्षा बिल को धरातल पर उतारने में कर्मचारियों के पसीने छूटे रहे हैं। महीनों बीतने के बाद राशन कार्ड मिलना तो दूर की बात पात्रों की आंशिक सूचियां ही तैयार हो सकीं हैं, जिससे शासन की मंशा पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
विज्ञापन



राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम को लागू करने के पीछे मकसद किसी भी व्यक्ति की भूख से मौत न हो,  इसे ध्यान में रखकर इस अधिनियम को एक अप्रैल से प्रभावी करने की तैयारी थी। लेकिन, इसमें विभागीय कर्मियों की उदासीनता आड़े आ रही है। जनवरी माह में नवीन राशन के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ हुई थी। इस दौरान करीब दो लाख 30 हजार परिवारों ने नए राशन के लिए आवेदन किया था, जिनका सत्यापन कराया जा रहा है। इस प्रक्रिया में कुछ आंशिक सूचियां ही ग्रामीण क्षेत्रों की तैयार हो सकी हैं। विडंबना यह है कि पूर्ति विभाग अभी तक अपात्रों की छटनी नहीं कर पाया है। इससे राशन कार्ड तैयार करने की गति का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
विज्ञापन



ये हैं मानक
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम में 11 बिंदुओं को पात्रता के दायरे में रखा गया है। इनमें कुष्ठ रोग, कैंसर, एड्स से पीड़ित व्यक्ति, अनाथ, माता पिता विहीन बच्चे, परित्यक्त महिलाएं, विधवा, विकलांग, विक्षिप्त, कचरा ढोने वाले, स्वच्छकार, भिक्षावृत्ति, घरेलू कामकाज करने वाले, जूते चप्पल की मरम्मत करने वाले, फेरी खोमचा लगाने वाले, रिक्शा चालक, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जन जाति के भूमिहीन मजदूर, कुली, पल्लेदार, आवासहीन परिवार, कच्ची छत वाले आवास, ट्रांसजेडर कम्युनिटी (किन्नर) शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन



ये होंगे बाहर
ग्रामीण क्षेत्रों में पारिवारिक आय दो लाख से अधिक होने पर अपात्रों को बाहर किया जाएगा। इसी प्रकार नगरीय क्षेत्र में पारिवारिक आय तीन लाख से अधिक होने पर आवेदन निष्कासित किए जाएंगे। इसके अलावा चार पहिया वाहन, एयर कंडीश्नर, हार्वेस्टर, पांच केवीए जनरेटर, 75 एकड़ से अधिक सिंचित भूमि, 100 वर्ग मीटर का पक्का आवासीय प्लाट, 80 वर्ग मीटर का व्यवसायिक स्थल, एक से अधिक शस्त्र लाइसेंस, समस्त आयकर दाता राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा का लाभ नहीं ले सकेंगे।



सर्वे पर सवाल
जिले की आबादी 11 लाख के आंकड़े को पार कर चुकी है। इस समय नगर में एक लाख दस हजार मतदाता है। वहीं, समचे जिले में आठ लाख मतदाता हैं। यही नहीं, लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली में दो लाख 28 हजार 622 परिवारों के कार्ड पहले से बने हैं। इनमें बीपीएल दायरे में 44 हजार 428 व अंत्योदय में 27 हजार 281 कार्ड बने हुए हैं। इसके बाद कई ऐसे भी परिवार हैं जो बीपीएल के दायरे में होने के बाद भी सूचीबद्घ नहीं हो सके हैं, जिन्हें पूर्ति विभाग जनप्रतिनिधियों के प्रमाण पत्र पर अनाज वितरण करता है। इन सबके बाद दो लाख 30 हजार परिवारों ने भोजन की गारंटी के लिए आवेदन किया है। इस कारण लोगों ने सर्वे पर अंगुलियां उठाना प्रारंभ कर दी हैं।


इनका कहना है
सत्यापन उपरांत पात्रों की ऑनलाइन फीडिंग कराई जा रही है, जिसके पश्चात राशन कार्ड बनाने की कार्रवाई की जाएगी।
डीएसराम
जिला पूर्ति अधिकारी, ललितपुर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed