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भू-माफियाओं के निशाने पर अब नेशनल हाइवे
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 04 Nov 2017 12:56 AM IST
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sadak, lalitpur news
- फोटो : demo
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ललितपुर।
शहर में अवैध कालोनियां बसाकर व हरित पट्टी में अवैध निर्माण के बाद भू-माफियायों ने अब नेशनल हाइवे क्षेत्र को अपना निशाना बना लिया है। नवीन गल्ला मंडी के पीछे आरएमवी कॉलेज मार्ग पर स्थित हरित पट्टी क्षेत्र में अवैध निर्माण कार्य जोरों पर चल रहा हैं। वहीं, नेशनल हाइवे से सटकर कैलगुवां मार्ग पर बिना मानचित्र स्वीकृति के बड़े-बड़े व्यवसायिक भवनों का निर्माण कर लिया है। प्राधिकरण विभाग और जिला प्रशासन अब तक इन सब से अंजान बनकर चुपचाप बैठा है।
शहर को व्यवस्थित तरीके से बसाने और अवैध तरीके व बिना मानचित्र स्वीकृति के हो रहे निर्माण कार्य को रोकने के जिम्मेदारी प्राधिकरण विभाग की है। यह विभाग सीधे जिला प्रशासन के अधीन है। इस विभाग के अधिकारी एसडीएम व डीएम स्वयं होते हैं। इसके बावजूद शहर में अनेकों जगह पूरी की पूरी अवैध कालोनियां बस गई हैं और भूमाफिया ने हरित पट्टी में भी बेखौफ होकर आवासीय व व्यवसायिक भवनों का निर्माण करा लिया है। जिम्मेदार विभाग केवल कुछ को ही नोटिस जारी करके कार्रवाई के नाम पर इतिश्री कर लेते हैं। विभाग की इसी लचर कार्यप्रणाली का फायदा उठाते हुए भूमाफिया ने अब नेशनल हाइवे से सटी हुई जमीनों को अपने निशाने पर ले लिया है।
नवीन गल्ला मंडी के पीछे रघुवीर सिंह राजकीय महाविद्यालय की ओर का पूरा क्षेत्र हरित पट्टी में आता है। विगत रोज भूमाफिया ने यहां पर प्लांटिंग कर यहां की भूमि को बेच दिया है। अब यहां पर बिना कोई मानचित्र के ही अवैध तरीके से भवनों का निर्माण किया जा रहा है। यहां पर दो से तीन मंजिल तक अनेकों भवनों का निर्माण किया जा चुका है। हरित पट्टी में इतने बड़े स्तर से हो रहे अवैध निर्माण को लेकर जिला प्रशासन व प्राधिकरण विभाग उदासीन बना हुआ है। यदि अधिकारी इसी तरह उदासीन बने रहे तो हरित पट्टी पर कुछ ही दिनों में घनी बस्ती बन जाएगी।
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बिना मानचित्र स्वीकृति के हो रहे निर्माण अधिकारी बने अंजान
नेशनल हाइवे पर ही कैलगुंवा मार्ग पर भी काफी बड़े-बड़े आवासीय व व्यवसायिक भवनों का निर्माण हो गया है। इनमें किसी भी भवन का मानचित्र प्राधिकरण विभाग से स्वीकृत नहीं कराया गया है। बिना मानचित्र स्वीकृति के ही काफी बड़े स्तर पर भवनों का निर्माण किया जा रहा है और अवैध निर्माण से लगभग पूरी बस्ती बस गई है। यहां पर कुछ लोगों के मानचित्र स्वीकृत हैं, लेकिन किसी भी भवन का निर्माण मानचित्र के अनुसार नहीं कराया गया है। इसके बावजूद प्राधिकरण विभाग के अधिकारी लगातार अंजान बने हुए और कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि प्राधिकरण विभाग खुद कार्रवाई करने की वजह किसी अवैध निर्माण कार्य की शिकायत आने का इंतजार करता है। इसके बाद अधिकारी हरकत में आते हैं, लेकिन नोटिस जारी करके ही कार्रवाई को सब कुछ मान लिया जाता है। अब तक विभाग किसी भी अवैध निर्माण को हटाने व हरित पट्टी को अवैध निर्माण से मुक्त कराने में सफल नहीं हो पाया है।
अवैध निर्माण के खिलाफ होगी कार्रवाई
हरित पट्टी में हो रहे निर्माण के खिलाफ कार्रवाई जरूर की जाएगी और बिना मानचित्र स्वीकृति व स्वीकृत मानचित्र के विपरीत हो रहे निर्माण के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
- महेश प्रसाद दीक्षित
सदर उपजिलाधिकारी/नियत प्राधिकारी ललितपुर।
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शहर में अवैध कालोनियां बसाकर व हरित पट्टी में अवैध निर्माण के बाद भू-माफियायों ने अब नेशनल हाइवे क्षेत्र को अपना निशाना बना लिया है। नवीन गल्ला मंडी के पीछे आरएमवी कॉलेज मार्ग पर स्थित हरित पट्टी क्षेत्र में अवैध निर्माण कार्य जोरों पर चल रहा हैं। वहीं, नेशनल हाइवे से सटकर कैलगुवां मार्ग पर बिना मानचित्र स्वीकृति के बड़े-बड़े व्यवसायिक भवनों का निर्माण कर लिया है। प्राधिकरण विभाग और जिला प्रशासन अब तक इन सब से अंजान बनकर चुपचाप बैठा है।
शहर को व्यवस्थित तरीके से बसाने और अवैध तरीके व बिना मानचित्र स्वीकृति के हो रहे निर्माण कार्य को रोकने के जिम्मेदारी प्राधिकरण विभाग की है। यह विभाग सीधे जिला प्रशासन के अधीन है। इस विभाग के अधिकारी एसडीएम व डीएम स्वयं होते हैं। इसके बावजूद शहर में अनेकों जगह पूरी की पूरी अवैध कालोनियां बस गई हैं और भूमाफिया ने हरित पट्टी में भी बेखौफ होकर आवासीय व व्यवसायिक भवनों का निर्माण करा लिया है। जिम्मेदार विभाग केवल कुछ को ही नोटिस जारी करके कार्रवाई के नाम पर इतिश्री कर लेते हैं। विभाग की इसी लचर कार्यप्रणाली का फायदा उठाते हुए भूमाफिया ने अब नेशनल हाइवे से सटी हुई जमीनों को अपने निशाने पर ले लिया है।
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नवीन गल्ला मंडी के पीछे रघुवीर सिंह राजकीय महाविद्यालय की ओर का पूरा क्षेत्र हरित पट्टी में आता है। विगत रोज भूमाफिया ने यहां पर प्लांटिंग कर यहां की भूमि को बेच दिया है। अब यहां पर बिना कोई मानचित्र के ही अवैध तरीके से भवनों का निर्माण किया जा रहा है। यहां पर दो से तीन मंजिल तक अनेकों भवनों का निर्माण किया जा चुका है। हरित पट्टी में इतने बड़े स्तर से हो रहे अवैध निर्माण को लेकर जिला प्रशासन व प्राधिकरण विभाग उदासीन बना हुआ है। यदि अधिकारी इसी तरह उदासीन बने रहे तो हरित पट्टी पर कुछ ही दिनों में घनी बस्ती बन जाएगी।
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बिना मानचित्र स्वीकृति के हो रहे निर्माण अधिकारी बने अंजान
नेशनल हाइवे पर ही कैलगुंवा मार्ग पर भी काफी बड़े-बड़े आवासीय व व्यवसायिक भवनों का निर्माण हो गया है। इनमें किसी भी भवन का मानचित्र प्राधिकरण विभाग से स्वीकृत नहीं कराया गया है। बिना मानचित्र स्वीकृति के ही काफी बड़े स्तर पर भवनों का निर्माण किया जा रहा है और अवैध निर्माण से लगभग पूरी बस्ती बस गई है। यहां पर कुछ लोगों के मानचित्र स्वीकृत हैं, लेकिन किसी भी भवन का निर्माण मानचित्र के अनुसार नहीं कराया गया है। इसके बावजूद प्राधिकरण विभाग के अधिकारी लगातार अंजान बने हुए और कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि प्राधिकरण विभाग खुद कार्रवाई करने की वजह किसी अवैध निर्माण कार्य की शिकायत आने का इंतजार करता है। इसके बाद अधिकारी हरकत में आते हैं, लेकिन नोटिस जारी करके ही कार्रवाई को सब कुछ मान लिया जाता है। अब तक विभाग किसी भी अवैध निर्माण को हटाने व हरित पट्टी को अवैध निर्माण से मुक्त कराने में सफल नहीं हो पाया है।
अवैध निर्माण के खिलाफ होगी कार्रवाई
हरित पट्टी में हो रहे निर्माण के खिलाफ कार्रवाई जरूर की जाएगी और बिना मानचित्र स्वीकृति व स्वीकृत मानचित्र के विपरीत हो रहे निर्माण के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
- महेश प्रसाद दीक्षित
सदर उपजिलाधिकारी/नियत प्राधिकारी ललितपुर।