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महिला की हत्या में दूसरे पति, बहू और बेटे को आजीवन कारावास
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ललितपुर। थाना पूराकलां के अंतर्गत ग्राम उगरपुर में तीन वर्ष पूर्व हुई महिला की निर्मम हत्या के मामले में उसके दूसरे पति, बेटा और बहू को दोषी पाते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (न्यू कोर्ट) अनुपम गोयल की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मामले में प्रत्येक पर दो लाख बीस हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है।
थाना पूराकलां क्षेत्र के ग्राम बिरधा निवासी जशरथ पुत्र अनंदी राजपूत ने तीन वर्ष पहले 19 नंवबर 2017 को थाना पूराकलां पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उसकी बहन हरकू की शादी ग्राम उगरपुर निवासी चंद्रभान राजपूत के साथ हुई थी। चंद्रभान की मृत्यु के बाद उसकी बहन हरकू ने चंद्रभान के भाई स्वामी राजपूत को अपना पति बना लिया था और वह उसी के साथ रहने लगी थी। हरकू के पहले पति के लड़के विजय की पत्नी कृष्णा से स्वामी ने अनैतिक संबंध बना लिए थे, जिसका उसकी बहन विरोध करती थी। स्वामी ने अपनी एक एकड़ जमीन भी कृष्णा के नाम रजिस्ट्री कर दी थी।
18 नवंबर 2017 को दोपहर में उसकी बहन हरकू और स्वामी के बीच कृष्णा से अनैतिक संबंधों को लेकर लड़ाई झगड़ा हुुआ था। इसके बाद स्वामी, विजय और कृष्णा ने दोपहर दो बजे धारदार हथियार से गला काटकर उसकी बहन की हत्या कर दी थी। साक्ष्य छिपाने के लिए शव को कुएं में फेंक दिया। मामले में थाना पूराकलां पुलिस ने भाई की तहरीर के आधार पर तीनों आरोपियों मृतका के दूसरे पति, बेटा और बहूू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत कर दिए थे, तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था। अब शनिवार को न्यायालय ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए तीनों अभियुक्तों स्वामी, विजय और कृष्णा को हरकू की हत्या के मामले में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक पर 2.20-2.20 लाख रुपये अर्थदंड भी लगाया। इसमें स्वामी घटना के समय से ही जेल में निरुद्ध चल रहा है, जबकि विजय व कृष्णा जमानत पर चल रहे थे। न्यायालय ने अर्थदंड की राशि वसूल होने पर आधी राशि मृतका के परिजनों को देने के आदेश दिए। मामले में पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश कुुमार दुबे ने की।
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थाना पूराकलां क्षेत्र के ग्राम बिरधा निवासी जशरथ पुत्र अनंदी राजपूत ने तीन वर्ष पहले 19 नंवबर 2017 को थाना पूराकलां पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उसकी बहन हरकू की शादी ग्राम उगरपुर निवासी चंद्रभान राजपूत के साथ हुई थी। चंद्रभान की मृत्यु के बाद उसकी बहन हरकू ने चंद्रभान के भाई स्वामी राजपूत को अपना पति बना लिया था और वह उसी के साथ रहने लगी थी। हरकू के पहले पति के लड़के विजय की पत्नी कृष्णा से स्वामी ने अनैतिक संबंध बना लिए थे, जिसका उसकी बहन विरोध करती थी। स्वामी ने अपनी एक एकड़ जमीन भी कृष्णा के नाम रजिस्ट्री कर दी थी।
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18 नवंबर 2017 को दोपहर में उसकी बहन हरकू और स्वामी के बीच कृष्णा से अनैतिक संबंधों को लेकर लड़ाई झगड़ा हुुआ था। इसके बाद स्वामी, विजय और कृष्णा ने दोपहर दो बजे धारदार हथियार से गला काटकर उसकी बहन की हत्या कर दी थी। साक्ष्य छिपाने के लिए शव को कुएं में फेंक दिया। मामले में थाना पूराकलां पुलिस ने भाई की तहरीर के आधार पर तीनों आरोपियों मृतका के दूसरे पति, बेटा और बहूू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत कर दिए थे, तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था। अब शनिवार को न्यायालय ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए तीनों अभियुक्तों स्वामी, विजय और कृष्णा को हरकू की हत्या के मामले में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक पर 2.20-2.20 लाख रुपये अर्थदंड भी लगाया। इसमें स्वामी घटना के समय से ही जेल में निरुद्ध चल रहा है, जबकि विजय व कृष्णा जमानत पर चल रहे थे। न्यायालय ने अर्थदंड की राशि वसूल होने पर आधी राशि मृतका के परिजनों को देने के आदेश दिए। मामले में पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश कुुमार दुबे ने की।
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