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आचार संहिता में भी अवैध होर्डिंग नहीं हटा पाई पालिका
lalitpur
Updated Tue, 21 Feb 2017 12:58 AM IST
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आचार संहिता में भी अवैध होर्डिंग नहीं हटा पाई पालिका
- फोटो : demo
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नगर पालिका के अधिकारी शहर में अवैध तरीके से लगे होर्डिंग स्ट्रैक्चरों व पोलों को हटाने में दिलचस्पी नहीं ले रही है। बीते एक वर्ष से नगर पालिका की कार्रवाई केवल नोटिस तक ही सीमित रही है। वर्तमान में लागू आचार संहिता ने नगर पालिका को शहर को अवैध होर्डिंगों से मुक्त कराने अच्छा मौका मिला है, कार्रवाई के दौरान कोई राजनीतिक दबाव व विरोध इस बीच अड़ंगा नहीं लगा पाएगा। हालात यह हैं कि यहां परमीशन केवल 150 होर्डिंग की ही है, जबकि पूरे शहर में लगभग 1500 होर्डिंग लगे हुए हैं।
बीते वर्षों से शहर में विज्ञापन होर्डिंग लगवाने की होड़ सी गल गई है। पिछले वर्ष तक शहर में केवल चार विज्ञापन एजेंसियां होर्डिंग लगाने का काम करती थीं, लेकिन वर्तमान में विज्ञापन एजेंसियों की संख्या नौ तक पहुंच गई है। नगर पालिका ने शहर में केवल डेढ़ सौ स्थलों पर ही होर्डिंग स्ट्रैक्चर लगाने की अनुमति दी है, लेकिन विभाग की उदासीन कार्य प्रणाली का फायदा उठाते हुए शहर में धीरे-धीरे अवैध होर्डिंगों की भरमार हो गई है, आलम यह है कि अवैध होर्डिंगों के स्ट्रक्चर से शहर के समस्त मुख्य मार्ग, चौराहे व सार्वजनिक स्थल भरे पड़े हुए हैं। शहर का करीब आठ किलोमीटर का मुख्य मार्ग नेहरू महाविद्यालय से मवेशी बाजार, आजादचौक, वीरसावकर चौक, घंटाघर होते हुए पुरानी सदर तहसील चौराहा, नझाई बाजार, सुपर मार्केट, कंपनी बाग, तुवन चौराहा से वर्णीजैन चौराहा होते हुए रेलवे स्टेशन व नेहरू नगर तक और वहीं घंटाघर से सदरकांटा तिराहा, जेल चौराहा, ब्याना नाला के पास, इलाईट चौराहा, गल्ला मंडी तक पूरा मार्ग होर्डिंग लगने वाले अवैध स्ट्रैक्चरों से पटा पड़ा है।
केवल नोटिस तक ही सीमित है विभाग की कार्रवाई
नगर पालिका हमेशा ही इन अवैध होर्डिंगों के खिलाफ कार्रवाई करने का मन बनाती है, लेकिन विज्ञापन एजेंसियों को नोटिस जारी करने के बाद मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। अभी नगर पालिका अधिशासी अधिकारी राकेश कुमार का कहना है कि अवैध होर्डिंगों को चिह्नित करने के लिए जल्द ही विज्ञापन एजेंसियों को नोटिस जारी करके विभागीय अनुमति से लगे होर्डिंग स्ट्रैक्चरों पर एजेंसी का नाम और क्रमांक अंकित कर दें, जिससे कार्रवाई में बाधा न हो। इसके बाद बाकी स्ट्रक्चरों को विभाग जब्त कर लेगा। बताते चलें कि नगर पालिका ने करीब 11 माह पूर्व 15 मार्च को विज्ञापन एजेंसियों को ऐसा ही एक नोटिस जारी किया था, जिसमें एजेंसियों को तीन दिनों की मोहलत दी गई थी। तीन दिन तो दूर पूरा एक वर्ष बीतने वाला है, लेकिन नगर पालिका के नोटिस पर समस्त एजेंसियों द्वारा अमल नहीं किया गया है न ही विभागीय अधिकारियों ने दोबारा इस ओर कोई सुध ली। अब दोबारा नगर पालिका नोटिस जारी करने की बात कह रही है।
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पूर्व में चला अभियान क्यों हुआ बंद
नगर पालिका के अधिकारियों के निर्देशन पर विभागीय कर्मियों ने विगत माह नवंबर में अभियान चलाकर अवैध होर्डिंगों के खिलाफ अभियान चलाया था और इस दौरान कई होर्डिंग जब्त किए गए थे, लेकिन इस अभियान को अधर में ही बंद करवा दिया गया था। इस दौरान शहर में चर्चा उठी थी एक व्यक्ति विशेष के होर्डिंगों को हटाने के लिए इस अभियान का सहारा लिया गया था।
विज्ञापन एजेंसियों को पूर्व में नोटिस जारी किए जा चुके हैं कि वह स्वयं ही बिना विभागीय अनुमति के लगे होर्डिंग स्ट्रक्चरों को हटा लें और अनुमति से लगे होर्डिंग स्ट्रैक्चरों पर एजेंसी का नाम व क्रमांक अंकित कर लें, लेकिन विभागीय निर्देशों का अमल नहीं किया। विभाग एक बार फिर नोटिस जारी करेगा, इसके बाद निश्चित रुप से कार्रवाई होगी और बिना अनुमति के लगे स्ट्रस्चरों को जब्त किया जाएगा।
राकेश कुमार
अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका ललितपुर।
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बीते वर्षों से शहर में विज्ञापन होर्डिंग लगवाने की होड़ सी गल गई है। पिछले वर्ष तक शहर में केवल चार विज्ञापन एजेंसियां होर्डिंग लगाने का काम करती थीं, लेकिन वर्तमान में विज्ञापन एजेंसियों की संख्या नौ तक पहुंच गई है। नगर पालिका ने शहर में केवल डेढ़ सौ स्थलों पर ही होर्डिंग स्ट्रैक्चर लगाने की अनुमति दी है, लेकिन विभाग की उदासीन कार्य प्रणाली का फायदा उठाते हुए शहर में धीरे-धीरे अवैध होर्डिंगों की भरमार हो गई है, आलम यह है कि अवैध होर्डिंगों के स्ट्रक्चर से शहर के समस्त मुख्य मार्ग, चौराहे व सार्वजनिक स्थल भरे पड़े हुए हैं। शहर का करीब आठ किलोमीटर का मुख्य मार्ग नेहरू महाविद्यालय से मवेशी बाजार, आजादचौक, वीरसावकर चौक, घंटाघर होते हुए पुरानी सदर तहसील चौराहा, नझाई बाजार, सुपर मार्केट, कंपनी बाग, तुवन चौराहा से वर्णीजैन चौराहा होते हुए रेलवे स्टेशन व नेहरू नगर तक और वहीं घंटाघर से सदरकांटा तिराहा, जेल चौराहा, ब्याना नाला के पास, इलाईट चौराहा, गल्ला मंडी तक पूरा मार्ग होर्डिंग लगने वाले अवैध स्ट्रैक्चरों से पटा पड़ा है।
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केवल नोटिस तक ही सीमित है विभाग की कार्रवाई
नगर पालिका हमेशा ही इन अवैध होर्डिंगों के खिलाफ कार्रवाई करने का मन बनाती है, लेकिन विज्ञापन एजेंसियों को नोटिस जारी करने के बाद मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। अभी नगर पालिका अधिशासी अधिकारी राकेश कुमार का कहना है कि अवैध होर्डिंगों को चिह्नित करने के लिए जल्द ही विज्ञापन एजेंसियों को नोटिस जारी करके विभागीय अनुमति से लगे होर्डिंग स्ट्रैक्चरों पर एजेंसी का नाम और क्रमांक अंकित कर दें, जिससे कार्रवाई में बाधा न हो। इसके बाद बाकी स्ट्रक्चरों को विभाग जब्त कर लेगा। बताते चलें कि नगर पालिका ने करीब 11 माह पूर्व 15 मार्च को विज्ञापन एजेंसियों को ऐसा ही एक नोटिस जारी किया था, जिसमें एजेंसियों को तीन दिनों की मोहलत दी गई थी। तीन दिन तो दूर पूरा एक वर्ष बीतने वाला है, लेकिन नगर पालिका के नोटिस पर समस्त एजेंसियों द्वारा अमल नहीं किया गया है न ही विभागीय अधिकारियों ने दोबारा इस ओर कोई सुध ली। अब दोबारा नगर पालिका नोटिस जारी करने की बात कह रही है।
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पूर्व में चला अभियान क्यों हुआ बंद
नगर पालिका के अधिकारियों के निर्देशन पर विभागीय कर्मियों ने विगत माह नवंबर में अभियान चलाकर अवैध होर्डिंगों के खिलाफ अभियान चलाया था और इस दौरान कई होर्डिंग जब्त किए गए थे, लेकिन इस अभियान को अधर में ही बंद करवा दिया गया था। इस दौरान शहर में चर्चा उठी थी एक व्यक्ति विशेष के होर्डिंगों को हटाने के लिए इस अभियान का सहारा लिया गया था।
विज्ञापन एजेंसियों को पूर्व में नोटिस जारी किए जा चुके हैं कि वह स्वयं ही बिना विभागीय अनुमति के लगे होर्डिंग स्ट्रक्चरों को हटा लें और अनुमति से लगे होर्डिंग स्ट्रैक्चरों पर एजेंसी का नाम व क्रमांक अंकित कर लें, लेकिन विभागीय निर्देशों का अमल नहीं किया। विभाग एक बार फिर नोटिस जारी करेगा, इसके बाद निश्चित रुप से कार्रवाई होगी और बिना अनुमति के लगे स्ट्रस्चरों को जब्त किया जाएगा।
राकेश कुमार
अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका ललितपुर।