ललितपुर। अटा जैन मंदिर में आचार्य विशुद्ध सागर महाराज के प्रभावक शिष्य मुनि सुप्रभसागर जी महाराज, नगर गौरव मुनि प्रणतसागर महाराज के मंगल सानिध्य में चल रही श्री मज्जिनेन्द्र मुनि सुव्रतनाथ वेदी प्रतिष्ठा, योग मंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ के अवसर पर मुनि सुव्रतनाथ भगवान को नवीन वेदी में श्रद्धा पूर्वक विराजमान किया गया। प्रतिष्ठाचार्य ब्र. जय कुमार निशांत भैया, सह प्रतिष्ठाचार्य मनीष संजू ने कोविड की गाइडलाइन का पालन करते हुए अनुष्ठान संपन्न कराया। प्रात: अभिषेक, शांतिधारा व संगीतमयी पूजन की गई। इसके बाद विश्व शांति महायज्ञ किया गया।
मुनि सुव्रतनाथ भगवान को वेदी में विराजमान करने का सौभाग्य हुकुमचंद जैन, संजीव, राजीव जैन चौधरी परिवार को प्राप्त हुआ। इसी परिवार को वेदी पर कमलासन विराजमान करने का अवसर प्राप्त हुआ। वेदी पर स्वस्तिक विराजमान करने का अवसर सुरेंद्र दिवाकर व पुष्प विराजमान करने का अवसर रविंद्र बुखारिया को प्राप्त हुआ। अन्य प्रतिमाएं एवं मांगलिक पात्रों का सौभाग्य विभिन्न श्रद्धालुओं को प्राप्त हुआ। आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन से धर्मसभा का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर मुनि सुप्रभसागर महाराज ने कहा कि धर्म के मर्म को समझो। दोपहर में सतेंद्र शर्मा ग्रुप दिल्ली द्वारा प्रस्तुत संस्कार नाटिका देख लोग विभोर हो उठे। नाटिका में बच्चों को बचपन से ही अच्छे संस्कार देने की, माता पिता की सेवा करने की प्रेरणा दी गई। अंशिका जैन, अनु जैन के संयोजन में स्थानीय बच्चों ने भाई, भाई का न रहा पर एक लघु नाटिका प्रस्तुत की। मुनि सुप्रभसागर ने ज्वलंत, सम सामयिक, सैद्धांतिक आदि प्रश्नों का आगम प्रमाण के साथ सम्यक समाधान दिया। प्रश्नों को मुनि प्रणतसागर ने रखा।

वेदी प्रतिष्ठा कार्यक्रम प्रस्तुत करते श्रद्घालु- फोटो : LALITPUR