{"_id":"5a2aef794f1c1b78548c2034","slug":"muncipal-corporation-sarvay","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वच्छ भारत सर्वेक्षण के लिए तैयार नहीं नगर पालिका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वच्छ भारत सर्वेक्षण के लिए तैयार नहीं नगर पालिका
Lalitpur
Updated Sat, 09 Dec 2017 01:30 AM IST
विज्ञापन
sarvay clean
- फोटो : demo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगर पालिका परिषद जनवरी माह में होने वाले स्वच्छ भारत सर्वेक्षण के लिए तैयार दिखाई नहीं दे रहा है। नगर में जगह-जगह नालियां बजबजा रही हैं, तो निर्मित हो चुके सामुदायिक शौचालय आम जनता के लिए नहीं खोले जा रहे हैं। इससे क्षेत्रीय नागरिकों को खुले में शौच के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
भारत सरकार हर साल शहरों की स्वच्छता की हकीकत जानने के लिए सर्वेक्षण कराती है। इस दौरान बेहतर स्वच्छता पाए जाने पर शहरों को रैंक भी दी जाती है। गत वर्ष नगर की रैंक निचले स्तर पर थी। इस बार रैंक को सुधारने का प्रयास किया जा रहा है। इस क्रम में विभिन्न वार्डों में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है। मुहल्ला आजादपुरा, जुगुपरा, नेहरू नगर, लक्ष्मीपुरा व झांसीपुरा में इनका निर्माण हो चुका है। मुहल्ला लक्ष्मीपुरा में करीब छह माह से ताले लटके हुए हैं। क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि यहां महीनों से न तो शौचालय में अन्य कोई काम कराया गया है और न ही इसे खोला गया है। कमोवेश यही स्थिति मुहल्ला आजादपुरा की है। यहां भी सामुदायिक शौचालय में ताला लगा हुआ। जिस कारण शौचालयों का इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। यदि इसी तरह नगर पालिका का रवैया बना रहा तो स्वच्छ भारत सर्वेक्षण में एक बार फिर रैंकिंग पिछड़ सकती है। इसके बाद भी अधिकारी बेपरवाह बने हुए हैं।
दिव्यांगों की सीट लगना बाकी
सामुदायिक शौचालयों का निर्माण हो चुका है। लेकिन, शासन स्तर पर गाइड लाइन में बदलाव किया गया है। अब सामुदायिक शौचालयों में दिव्यांगों के लिए सीट एवं एक सीट पश्चिमी सभ्यता वाली लगाई जानी है। जिस वजह से शौचालय शुरू नहीं किए गए हैं। उन्होंने इसी माह से जनता के लिए खोलने की बात कही है।
विज्ञापन
आरके लवानिया
मुख्य सफाई एवं खाद्य निरीक्षक ललितपुर।
विज्ञापन
भारत सरकार हर साल शहरों की स्वच्छता की हकीकत जानने के लिए सर्वेक्षण कराती है। इस दौरान बेहतर स्वच्छता पाए जाने पर शहरों को रैंक भी दी जाती है। गत वर्ष नगर की रैंक निचले स्तर पर थी। इस बार रैंक को सुधारने का प्रयास किया जा रहा है। इस क्रम में विभिन्न वार्डों में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है। मुहल्ला आजादपुरा, जुगुपरा, नेहरू नगर, लक्ष्मीपुरा व झांसीपुरा में इनका निर्माण हो चुका है। मुहल्ला लक्ष्मीपुरा में करीब छह माह से ताले लटके हुए हैं। क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि यहां महीनों से न तो शौचालय में अन्य कोई काम कराया गया है और न ही इसे खोला गया है। कमोवेश यही स्थिति मुहल्ला आजादपुरा की है। यहां भी सामुदायिक शौचालय में ताला लगा हुआ। जिस कारण शौचालयों का इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। यदि इसी तरह नगर पालिका का रवैया बना रहा तो स्वच्छ भारत सर्वेक्षण में एक बार फिर रैंकिंग पिछड़ सकती है। इसके बाद भी अधिकारी बेपरवाह बने हुए हैं।
विज्ञापन
दिव्यांगों की सीट लगना बाकी
सामुदायिक शौचालयों का निर्माण हो चुका है। लेकिन, शासन स्तर पर गाइड लाइन में बदलाव किया गया है। अब सामुदायिक शौचालयों में दिव्यांगों के लिए सीट एवं एक सीट पश्चिमी सभ्यता वाली लगाई जानी है। जिस वजह से शौचालय शुरू नहीं किए गए हैं। उन्होंने इसी माह से जनता के लिए खोलने की बात कही है।
विज्ञापन
आरके लवानिया
मुख्य सफाई एवं खाद्य निरीक्षक ललितपुर।