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Lalitpur News: धार्मिक संस्कार के साथ पढ़ाई जा रही नैतिक शिक्षा
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अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर जयपुर के तत्वावधान में दस जिनालयों में बच्चों को धार्मिक शिक्षा के साथ नैतिक शिक्षा का पाठ पढ़ाया जा रहा है। आर्यिका सृष्टिभूषण माता ने कहा, बच्चों को लौकिक ज्ञान तो किसी भी स्कूल में मिल जाता है, लेकिन वह धार्मिक एवं नैतिकता से अछूते रहते हैं, जिसके लिए ऐसे शिविर जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि इन शिविरों में जिनके बच्चे सम्मिलित होते हैं, वह धार्मिक ज्ञान से कभी अछूते नहीं रहते।
शहर के दस जैन मंदिरों में सुबह-शाम धार्मिक शिक्षण शिविर में बच्चे अनुशासित ढंग से सम्मिलित होते हैं और लौकिक शिक्षण की तरह ज्ञानार्जन करते हैं। अंतिम दिन परीक्षा के माध्यम से अपनी प्रतिभा का आकलन करते हैं। जैन अटा मंदिर में आर्यिका सृष्टिभूषण माता द्वारा धार्मिक ग्रंथ छहढाला एवं आर्यिका विश्वयश मति माता द्वारा इष्टोपदेश दिया जा रहा है। शिविर संयोजक डॉ. आलोक शास्त्री एवं मुकेश शास्त्री ने बताया कि शिविर में दो हजार से अधिक श्रावक-श्राविकाएं प्रतिभाग कर रहे हैं। 31 मई को प्रातःकाल समाधिस्थ आचार्य श्रेष्ठ विद्यासागर महामुनिराज के गुरु उपकार महोत्सव के उपलक्ष्य में अभिनंदनोदय तीर्थ क्षेत्र पर शिविर में प्रतिभाग करने वाले बच्चों द्वारा संगीतमयी सामूहिक पूजन प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जाएगा।
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ललितपुर। श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर जयपुर के तत्वावधान में दस जिनालयों में बच्चों को धार्मिक शिक्षा के साथ नैतिक शिक्षा का पाठ पढ़ाया जा रहा है। आर्यिका सृष्टिभूषण माता ने कहा, बच्चों को लौकिक ज्ञान तो किसी भी स्कूल में मिल जाता है, लेकिन वह धार्मिक एवं नैतिकता से अछूते रहते हैं, जिसके लिए ऐसे शिविर जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि इन शिविरों में जिनके बच्चे सम्मिलित होते हैं, वह धार्मिक ज्ञान से कभी अछूते नहीं रहते।
शहर के दस जैन मंदिरों में सुबह-शाम धार्मिक शिक्षण शिविर में बच्चे अनुशासित ढंग से सम्मिलित होते हैं और लौकिक शिक्षण की तरह ज्ञानार्जन करते हैं। अंतिम दिन परीक्षा के माध्यम से अपनी प्रतिभा का आकलन करते हैं। जैन अटा मंदिर में आर्यिका सृष्टिभूषण माता द्वारा धार्मिक ग्रंथ छहढाला एवं आर्यिका विश्वयश मति माता द्वारा इष्टोपदेश दिया जा रहा है। शिविर संयोजक डॉ. आलोक शास्त्री एवं मुकेश शास्त्री ने बताया कि शिविर में दो हजार से अधिक श्रावक-श्राविकाएं प्रतिभाग कर रहे हैं। 31 मई को प्रातःकाल समाधिस्थ आचार्य श्रेष्ठ विद्यासागर महामुनिराज के गुरु उपकार महोत्सव के उपलक्ष्य में अभिनंदनोदय तीर्थ क्षेत्र पर शिविर में प्रतिभाग करने वाले बच्चों द्वारा संगीतमयी सामूहिक पूजन प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जाएगा।
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