{"_id":"6ab177e32a9e0a66ef0acbbe","slug":"monsoon-bountiful-3796-mcm-of-surplus-water-released-from-12-dams-lalitpur-news-c-131-1-sjhs1012-163606-2026-09-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lalitpur News: मानसून मेहरबान, 12 बांधों से छोड़ा 3796 एमसीएम अतिरिक्त पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lalitpur News: मानसून मेहरबान, 12 बांधों से छोड़ा 3796 एमसीएम अतिरिक्त पानी
विज्ञापन
ललितपुर। जिले में इस मानसून अब तक करीब 900 मिलीमीटर से अधिक बारिश हो चुकी है। अगस्त और सितंबर में हुई अच्छी बारिश से बांधों में पानी की आवक तेजी से बढ़ी और जलस्तर बढ़ने पर कई बांधों के गेट खोलकर अतिरिक्त पानी की निकासी करनी पड़ी। अब तक 12 बांधों से करीब 3796.31 एमसीएम अतिरिक्त पानी छोड़ा जा चुका है। इनमें सबसे अधिक राजघाट बांध से 1793.67 एमसीएम और माताटीला बांध से 1613 एमसीएम सहित शहजाद बांध शहजाद बांध से 108.85 एमसीएम पानी की निकासी हुई है।
जनपद में इस वर्ष जून माह में मानसून सीजन शुरू होने के बाद मानसून रूठा रहा। जून में मानक 93 मिलीमीटर से कम 33 मिलीमीटर बारिश हुई। इसके बाद लोगों ने जुलाई माह में अच्छी बारिश की उम्मीद लगाई, लेकिन जुलाई माह में भी मानक 346 के सापेक्ष 253 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। मानसून के शुरुआती दो माह छुटपुट बारिश के बीच गुजर जाने के बाद से बांधों में पानी की स्थिति चिंता बढ़ा रही थी। वहीं जून-जुलाई में अपेक्षित बारिश नहीं होने के कारण कई बांधों का जलस्तर भी नीचे चला गया था। इसके बाद अगस्त और सितंबर में जनपद में मानसून मेहरबान हुआ तो जिले में पानी की तस्वीर ही बदल गई। कैचमेंट क्षेत्रों में हुई बारिश से नदी-नाले उफान मारकर बहने लगे व बांधों में पानी की आवक बढ़ती गई। इस कारण जिले के सभी चौदह बांधों का जलस्तर तेजी से ऊपर पहुंचा और वह लबालब हो गए। इसके बाद हालत यह हो गई कि अगस्त माह में मानक 341.70 मिलीमीटर से अधिक 414 मिलीमीटर बारिश और सितंबर में मानक 168.50 मिलीमीटर के सापेक्ष 200 मिलीमीटर से अधिक की बारिश होने के बाद 22 अगस्त से बांधों के गेट खुलने लगे। इसके बाद हुई बारिश का पानी बांधों में पहुंचने के बाद जलस्तर बढ़ने पर इसे निर्धारित करने के लिए गेटों को खोलकर अतिरिक्त पानी की निकासी की जाने लगी। चुकी है।
11 बांधों से इतनी हुई निकासी
बांध - अतिरिक्त पानी
राजघाट बांध - 1793.67 एमसीएम
माताटीला - 1613 एमसीएम
शहजाद - 108.85 एमसीएम
भावनी - 78.84 एमसीएम
कचनौंदा - 68.60 एमसीएम
जामनी - 52.09 एमसीएम
जमड़ार - 30.48 एमसीएम
गोविंद सागर - 29.64 एमसीएम
सजनाम - 9.06 एमसीएम
लोअर रोहिणी - 4.29 एमसीएम
बंडई - 4.01 एमसीएम
उटारी - 3.78 एमसीएम
कुल - 3796.31 एमसीएम
निर्माणाधीन भौंरट बांध से छोड़ा गया 127.88 एसीएम पानी
जनपद के तहसील महरौनी क्षेत्र में जामनी नदी पर भौंरट बांध परियोजना निर्माणाधीन है। परियोजना का कार्य करीब-करीब पूरा हो चुका है। बांध को पूर्ण रूप से भरने के लिए सिर्फ वन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने सहित छोटे-मोटे काम शेष है। इस निर्माणाधीन बांध में बांध जलस्तर न्यूनतम 354.55 मीटर तक पानी भरा जा रहा है। इससे अधिक बांध का जलस्तर पहुंचने पर गेट खोलकर अतिरिक्त पानी छोड़ा जाता है। आंकड़ों के मुताबिक निर्माणाधीन भौंरट बांध से इस मानसून सीजन में अब तक 127.88 एमसीएम पानी छोड़ा जा चुका है।
विज्ञापन
जिले में पांच साल का बारिश का रिकॉर्ड
माह - बारिश का मानक - वर्ष 2022 - वर्ष 2023 - वर्ष 2024 - वर्ष 2025 - वर्ष 2026
जून - 93.00 मिमी. - 128.80 मिमी. - 171.81 मिमी. - 123.40 मिमी. - 210.40 मिमी. - 33.00 मिमी.
जुलाई - 346.00 मिमी. - 197.80 मिमी. - 152.29 मिमी. - 380.01 मिमी. - 655.40 मिमी. - 253.00 मिमी.
अगस्त - 341.70 मिमी. - 323.84 मिमी. - 227.30 मिमी. - 280.60 मिमी. - 206.40 मिमी. - 414.00 मिमी.
सितंबर - 168.50 मिमी. - 165.94 मिमी. - 209.20 मिमी. - 259.40 मिमी. - 116.40 मिमी. - 200.00 मिमी. अब तक
जून-जुलाई में मानसून की बारिश मानक के अनुरूप नहीं हुई थी। इसके बाद अगस्त-सितंबर में जिले में अच्छी बारिश हुई। इससे सभी बांध लबालब हो गए और आवक अधिक होने पर जलस्तर अधिक होने लगा। जलस्तर को निर्धारित करने के लिए करीब बारह बांधों के गेट अलग-अलग दिनों में खोले गए और अतिरिक्त पानी की निकासी की गई। अब तक सभी बांधों से करीब 3796 एमसीएम से अधिक अतिरिक्त पानी छोड़ा जा चुका है।
भूपेश सुहेरा, नोडल/अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड
विज्ञापन
जनपद में इस वर्ष जून माह में मानसून सीजन शुरू होने के बाद मानसून रूठा रहा। जून में मानक 93 मिलीमीटर से कम 33 मिलीमीटर बारिश हुई। इसके बाद लोगों ने जुलाई माह में अच्छी बारिश की उम्मीद लगाई, लेकिन जुलाई माह में भी मानक 346 के सापेक्ष 253 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। मानसून के शुरुआती दो माह छुटपुट बारिश के बीच गुजर जाने के बाद से बांधों में पानी की स्थिति चिंता बढ़ा रही थी। वहीं जून-जुलाई में अपेक्षित बारिश नहीं होने के कारण कई बांधों का जलस्तर भी नीचे चला गया था। इसके बाद अगस्त और सितंबर में जनपद में मानसून मेहरबान हुआ तो जिले में पानी की तस्वीर ही बदल गई। कैचमेंट क्षेत्रों में हुई बारिश से नदी-नाले उफान मारकर बहने लगे व बांधों में पानी की आवक बढ़ती गई। इस कारण जिले के सभी चौदह बांधों का जलस्तर तेजी से ऊपर पहुंचा और वह लबालब हो गए। इसके बाद हालत यह हो गई कि अगस्त माह में मानक 341.70 मिलीमीटर से अधिक 414 मिलीमीटर बारिश और सितंबर में मानक 168.50 मिलीमीटर के सापेक्ष 200 मिलीमीटर से अधिक की बारिश होने के बाद 22 अगस्त से बांधों के गेट खुलने लगे। इसके बाद हुई बारिश का पानी बांधों में पहुंचने के बाद जलस्तर बढ़ने पर इसे निर्धारित करने के लिए गेटों को खोलकर अतिरिक्त पानी की निकासी की जाने लगी। चुकी है।
विज्ञापन
11 बांधों से इतनी हुई निकासी
बांध - अतिरिक्त पानी
राजघाट बांध - 1793.67 एमसीएम
माताटीला - 1613 एमसीएम
शहजाद - 108.85 एमसीएम
भावनी - 78.84 एमसीएम
कचनौंदा - 68.60 एमसीएम
जामनी - 52.09 एमसीएम
जमड़ार - 30.48 एमसीएम
गोविंद सागर - 29.64 एमसीएम
सजनाम - 9.06 एमसीएम
लोअर रोहिणी - 4.29 एमसीएम
बंडई - 4.01 एमसीएम
उटारी - 3.78 एमसीएम
कुल - 3796.31 एमसीएम
निर्माणाधीन भौंरट बांध से छोड़ा गया 127.88 एसीएम पानी
जनपद के तहसील महरौनी क्षेत्र में जामनी नदी पर भौंरट बांध परियोजना निर्माणाधीन है। परियोजना का कार्य करीब-करीब पूरा हो चुका है। बांध को पूर्ण रूप से भरने के लिए सिर्फ वन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने सहित छोटे-मोटे काम शेष है। इस निर्माणाधीन बांध में बांध जलस्तर न्यूनतम 354.55 मीटर तक पानी भरा जा रहा है। इससे अधिक बांध का जलस्तर पहुंचने पर गेट खोलकर अतिरिक्त पानी छोड़ा जाता है। आंकड़ों के मुताबिक निर्माणाधीन भौंरट बांध से इस मानसून सीजन में अब तक 127.88 एमसीएम पानी छोड़ा जा चुका है।
विज्ञापन
जिले में पांच साल का बारिश का रिकॉर्ड
माह - बारिश का मानक - वर्ष 2022 - वर्ष 2023 - वर्ष 2024 - वर्ष 2025 - वर्ष 2026
जून - 93.00 मिमी. - 128.80 मिमी. - 171.81 मिमी. - 123.40 मिमी. - 210.40 मिमी. - 33.00 मिमी.
जुलाई - 346.00 मिमी. - 197.80 मिमी. - 152.29 मिमी. - 380.01 मिमी. - 655.40 मिमी. - 253.00 मिमी.
अगस्त - 341.70 मिमी. - 323.84 मिमी. - 227.30 मिमी. - 280.60 मिमी. - 206.40 मिमी. - 414.00 मिमी.
सितंबर - 168.50 मिमी. - 165.94 मिमी. - 209.20 मिमी. - 259.40 मिमी. - 116.40 मिमी. - 200.00 मिमी. अब तक
जून-जुलाई में मानसून की बारिश मानक के अनुरूप नहीं हुई थी। इसके बाद अगस्त-सितंबर में जिले में अच्छी बारिश हुई। इससे सभी बांध लबालब हो गए और आवक अधिक होने पर जलस्तर अधिक होने लगा। जलस्तर को निर्धारित करने के लिए करीब बारह बांधों के गेट अलग-अलग दिनों में खोले गए और अतिरिक्त पानी की निकासी की गई। अब तक सभी बांधों से करीब 3796 एमसीएम से अधिक अतिरिक्त पानी छोड़ा जा चुका है।
भूपेश सुहेरा, नोडल/अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड