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जिला अस्पताल में मरीजों की भरमार

Fri, 06 Sep 2019 01:24 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 06 Sep 2019 01:24 AM IST
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many paisent all bed full from paisent in hospital
जिला अस्पताल में जमीन पर लेटकर इलाज कराती महिला मरीज - फोटो : LALITPUR
ललितपुर। बदलते मौसम से मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। इसका असर अस्पताल में लग रही भीड़ को देखकर लगाया जा सकता है। जिला अस्पताल में रोगियों की संख्या में बढ़ोत्तरी होने के कारण भर्ती के लिए आने वाले मरीजों को पलंग नहीं मिल पा रहे हैं। मजबूरन, कई मरीजों को जमीन पर लेटकर उपचार कराना पड़ रहा है।
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जिला मुख्यालय में शासन द्वारा 140 बेड की सुविधा दी गई है। इसके लिए चार वार्ड संचालित हैं। यहां पर मरीजों को नाक, कान व गला के साथ ही आई सर्जन, हड्डी रोग विशेष, सर्जीकल के साथ ही ह्रदय रोग, चर्मरोग आदि की सुविधा दी जा रही है। इससे अस्पताल में दूरदराज ग्रामीण क्षेत्र व शहर के लोग इलाज कराने के लिए आते हैं।
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मौसम में हो रहे उतार चढ़ाव के कारण बीमारियों का प्रकोप बढ़ रहा है। मलेरिया, वायरल फीवर, खांसी, जुखाम, उल्टी, दस्त आदि बीमारियां बढ़ रही हैं। इससे जिला अस्पताल में काफी भीड़ हो रही है। हालत यह है कि मरीजों की संख्या को बढ़ने के चलते सीएमएस डॉ. एसके वासवानी ने वार्डों के रास्ते में पलंग डलवा दिए हैं। लेकिन, इसके बाद भी मरीजों को पलंग नहीं मिल पा रहे हैं।
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महिला सर्जीकल, महिला मेडीकल व बच्चा वार्ड में अस्पताल प्रबंधन द्वारा एक दर्जन से अधिक अतिरिक्त पलंगों की व्यवस्था की गई, लेकिन बृहस्पतिवार को कई मरीजों को पलंग नहीं मिल पाए। इस कारण मरीजों को जमीन पर लिटाया जा रहा है। कुछ मरीजों को पलंग तो मिला, लेकिन चादर नहीं मिल पाया है।
मोहल्ला चौकाबाग निवासी क्रांतिदेवी ने बताया कि बुधवार की रात्रि को बुुखार, सिरदर्द से परेशान होकर अस्पताल में उपचार के लिए आई थी। हालत खराब होने पर भर्ती करने को कह दिया। वार्ड में स्ट्रैचर से आए, लेकिन यहां पर पलंग नहीं मिल सका। इससे निजी चटाई को जमीन पर बिछाकर लेटकर उपचार कराया। बोतल लगाने के लिए स्टैंड कम पड़ रहे हैं, जिससे अस्पताल के कमरों के दरवाजे पर लटकाकर बोतल लगाई जा रही है।
पुत्री को बुखार होने के कारण इलाज के लिए आए थे, जहां पर चिकित्सकों ने भर्ती कर लिया। यहां पर वार्ड में पलंग व गद्दा तो मिल गया, लेकिन चादर नहीं मिल सका। मजबूरी के चलते बिना चादर के ही पुत्री को लिटाए हैं।

- बृजकिशोर महरौनी गुंदरापुर
बहू की तबीयत खराब के कारण वार्ड में भर्ती कराया गया। जहां पर मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण रास्ते से निकलना मुश्किल हो रहा था।
- रामसखी
140 पलंग स्वीकृत
जिला अस्पताल में 140 पलंग स्वीकृत हैं। लेकिन, वर्तमान में 225 पलंग सभी वार्डों में हैं। वार्ड के रास्ते में भी पलंग डलवा दिए हैं। मरीजों की संख्या इससे भी अधिक हो गई है, जिससे मरीजों को जमीन पर लेट कर उपचार कराना पड़ रहा है।
जिला अस्पताल में स्वीकृत पलंग से अधिक मरीज आने से कुछ मरीजों को पलंग नहीं मिल पा रहे हैं, लेकिन उन्हें गद्दों की व्यवस्था कर उपचार दिया जा रहा है।
- डॉ. एसके बासवानी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
जिला अस्पताल
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