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महाराजा मर्दन सिंह के किले की शासन से सुरक्षा किए जाने की मांग
Laltipur
Updated Sat, 20 Jan 2018 01:07 AM IST
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talbehat kila
- फोटो : demo
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शुक्रवार को क्षेत्र के संभ्रांत नागरिकों ने बैठक कर महाराजा मर्दन सिंह के किले की शासन से सुरक्षा किए जाने की मांग की है।
अध्यक्षता करते हुए कृष्ण प्रताप सिंह की बताया कि सन 1857 की क्रांति के अमर शहीद राजा मर्दन सिंह का किला कस्बा बानपुर में स्थित है। जो अंग्रेजों द्वारा क्षतिग्रस्त कर दिया गया था। मर्दन सिह की कर्मभूमि बानपुर से तालबेहट तथा चंदेरी राज्य से सीमा तक रही है। क्रांति के दौरान तीन बार महाराजा ने अंग्रेजों की सेना को हराया। लेकन एक षडयंत्र के दौरान अंग्रेजों ने उन्हें गिरफ्तार कर मथुरा की जेल भेज दिया था। और वही उन्होंने अंतिम सांस ली। भारत के इस महान योद्धा के किले का रख रखाव के अभाव में अराजकतत्वों के द्वारा किले को क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। क्षेत्रीय लोगों ने इस एतहासिक धरोहर की सुरक्षा की शासन से मांग की है। इस मौके पर मुस्ताक खा, प्रमोद शर्मा, इबरार खान, मतीन खा, सेंद्रपाल सिंह व नरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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अध्यक्षता करते हुए कृष्ण प्रताप सिंह की बताया कि सन 1857 की क्रांति के अमर शहीद राजा मर्दन सिंह का किला कस्बा बानपुर में स्थित है। जो अंग्रेजों द्वारा क्षतिग्रस्त कर दिया गया था। मर्दन सिह की कर्मभूमि बानपुर से तालबेहट तथा चंदेरी राज्य से सीमा तक रही है। क्रांति के दौरान तीन बार महाराजा ने अंग्रेजों की सेना को हराया। लेकन एक षडयंत्र के दौरान अंग्रेजों ने उन्हें गिरफ्तार कर मथुरा की जेल भेज दिया था। और वही उन्होंने अंतिम सांस ली। भारत के इस महान योद्धा के किले का रख रखाव के अभाव में अराजकतत्वों के द्वारा किले को क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। क्षेत्रीय लोगों ने इस एतहासिक धरोहर की सुरक्षा की शासन से मांग की है। इस मौके पर मुस्ताक खा, प्रमोद शर्मा, इबरार खान, मतीन खा, सेंद्रपाल सिंह व नरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।