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Lalitpur News: मध्य प्रदेश ने टीकमगढ़ की प्यास बुझाने को मांगा पानी

Thu, 30 May 2024 03:54 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 30 May 2024 03:54 AM IST
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Madhya Pradesh asked for water to quench the thirst of Tikamgarh
अशोक तिवारी
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ललितपुर। मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ की प्यास बुझाने के लिए एक एमसीएम पानी की मांग की गई है। टीकमगढ़ कलेक्टर ने यहां के जिलाधिकारी को पत्र भेजकर जामनी बांध से पानी छोड़ने की मांग की है। बताया कि भीषण गर्मी के चलते टीकमगढ़ में पानी की आपूर्ति करने वाले वरीघाट इंटेक वेल में कुछ दिनों के लिए ही पानी बचा है। टीकमगढ़ नगर पालिका परिषद और सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार को यहां आकर सिंचाई विभाग के अधिकारियों से वार्ता भी की।

जामनी बांध का निर्माण वर्ष 1973 में हुआ था। यूपी-एमपी के बीच हुए समझौते के आधार पर इसका 17 फीसदी पानी मध्य प्रदेश के लिए आरक्षित किया गया था। टीकमगढ़ को सिंचाई के लिए बांध से 13 किमी लंबी नहर के जरिये 60 क्यूसेक पानी दिया जाता है। इसके एवज में मध्य प्रदेश 12.48 रुपये प्रति हजार घन फुट के हिसाब से रुपये देता है। जबकि, पेयजल के लिए जामनी नदी से कुंडेश्वर के पास बने वरीघाट बैराज तक पानी पहुंचता है। वरीघाट में बने इंटेक वेल से टीकमगढ़ नगर में पेयजल आपूर्ति की जाती है। इस वर्ष एमपी के हिस्से का पानी उसे दिया जा चुका है।
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इन दिनों गर्मी के कारण बांधों का जलस्तर कम होने के साथ तालाब-पोखर सूखने से सीमावर्ती टीकमगढ़ जिले में पेयजल संकट गहरा गया है। वरीघाट में बने बैराज में पानी का स्तर काफी कम होने का असर टीकमगढ़ के 27 वार्डों में पेयजल आपूर्ति पर पड़ रहा है। अब वहां दो दिन में एक बार ही पानी की सप्लाई हो रही है। इस हालात से निपटने के लिए टीकमगढ़ कलक्टर ने ललितपुर जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी को पत्र लिखकर जामनी नदी के जरिये एक एमसीएम (मिलियन क्यूबिक मीटर) पानी वरीघाट को उपलब्ध कराने की मांग की। इसके बाद जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड से पत्राचार किया। सिंचाई खंड ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि जामनी बांध का जलस्तर 397.24 मीटर व लाइव स्टोरेज 3.14 एमसीएम है। बांध का क्रस्ट लेवल (गेट तक रहने वाला स्थान) 397.72 मीटर है। बांध में अंडर स्लूस का प्रावधान भी नहीं है, जिससे कि पानी छोड़ा जा सके।
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जिलाधिकारी ने टीकमगढ़ कलेक्टर को पत्र के माध्यम से बताया कि जामनी बांध का जलस्तर कम होने के कारण गेटों के माध्यम से जामनी नदी में पानी छोड़ा जाना संभव नहीं है। लेकिन, दाहिनी जामनी नहर से टीकमगढ़ के वरीघाट तक एक एमसीएम पानी दिए जाने की बात कही। अधिकारियों के अनुसार टीकमगढ़ कलेक्टर व जिलाधिकारी ललितपुर के बीच वार्ता का क्रम जारी है। जल्द ही समस्या का समाधान निकल आएगा और पानी उपलब्ध करा दिया जाएगा।

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टीकमगढ़ के अधिकारियों ने ललितपुर में सिंचाई विभाग के अधिकारियों से की वार्ता

टीकमगढ़ क्षेत्र में पेयजल संकट के निराकरण के लिए नगर पालिका परिषद की सीएमओ गीता मांझी, एई जेवा मंसूरी, साेनू श्रीवास, सिंचाई विभाग टीकमगढ़ से दीपेंद्र कुशवाहा, एसडीओ सौरभ 27 मई को ललितपुर आए। यहां सिंचाई विभाग के अधिकारियों से वार्ता की और पानी उपलब्ध कराने की मांग रखी।

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जामनी बांध से पानी न मिलने पर टीकमगढ़ ने जमरार बांध से पानी देने का रखा विकल्प

जामनी बांध से गेट के जरिये जामनी नदी में पानी नहीं मिलने का जवाब मिलने पर 28 मई को टीकमगढ़ नपा परिषद के अधिकारी पुन: ललितपुर आए। यहां उन्होंने जमरार नदी पर निर्मित जमरार बांध से एक एमसीएम पानी छोड़ने की मांग रखी। जमरार बांध से पानी किस प्रकार कुंडेश्वर के पास वरीघाट तक पहुंचेगा, इस बारे में रूट प्लान बताया। उन्होंने बताया कि जमरार बांध के गेट से पानी छोड़े जाने पर जमरार का पानी क्योलारी के रास्ते अस्तौन होते हुए कुंडेश्वर के पास पहुंचेगा। यहां टीकमगढ़ प्रशासन एक बंधी बनाकर नदी का रुख वरीघाट की ओर मोड़ देगा, जिससे पानी वरीघाट तक पहुंच जाएगा। जमरार बांध से वरीघाट तक पानी पहुंचने में समय भी कम लगेगा। सिंचाई विभाग इस विकल्प की जांच करने की बात कर रहा है।


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जामनी बांध एक नजर में

- पूर्ण जलस्तर 403.53 मीटर

- न्यूनतम जलस्तर 396.39 मीटर

- वर्तमान जलस्तर 397.21 मीटर

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जमरार बांध एक नजर में

- पूर्ण जलस्तर 368.00 मीटर

- न्यूनतम जलस्तर 363.35 मीटर

- वर्तमान जलस्तर 365.00 मीटर

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वर्जन

टीकमगढ़ कलक्टर ने जामनी बांध से एक एमसीएम पानी नदी के माध्यम से मांगा था जो कि बांध की वर्तमान स्थित को देखते हुए संभव नहीं है। अब उन्होंने जमरार बांध से पानी देने के लिए पत्र भेजा है, जिसपर सिंचाई विभाग से तकनीकी जानकारी ली जा रही है।-अक्षय त्रिपाठी, जिलाधिकारी
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