{"_id":"6616e1131a7b86474b027504","slug":"lock-kept-hanging-in-school-children-returned-empty-handed-lalitpur-news-c-131-1-sjhs1012-113063-2024-04-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lalitpur News: स्कूल में लटकता रहा ताला, बैरंग लौटे बच्चे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lalitpur News: स्कूल में लटकता रहा ताला, बैरंग लौटे बच्चे
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
जाखलौन/ललितपुर। शिक्षकों की मनमानी के चलते परिषदीय विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था पटरी पर नहीं आ पा रही है। शिक्षकों के समय से विद्यालय न पहुंचने और अक्सर गायब रहने के चलते शिक्षण कार्य प्रभावित होते हैं। बुधवार को ब्लॉक बिरधा के प्राथमिक विद्यालय अनुसूचित जाति कपासी में ताला लटका रहा। स्कूल पहुंचे बच्चों को बैरंग घर लौटना पड़ा।
इस विद्यालय में अध्ययनरत बच्चे शिक्षकों की मनमानी का शिकार हो रहे हैं। यहां तीन सहायक अध्यापकों व एक शिक्षामित्र की तैनाती है। बुधवार सुबह छात्र-छात्राएं विद्यालय पहुंचे, लेकिन ताला नहीं खुला। बाहर कुछ देर इंतजार करने के बाद बच्चे घर लौट गए। परिजनों ने जब इसका कारण पूछा तो बच्चों ने बताया कि मास्टर आए थे, लेकिन उनके स्कूल पहुंचने से पहले वे गेट पर ताला लगाकर चले गए। इस बस्ती में रहने वाले लोगों ने शिक्षकों पर स्कूल खोलने और बंद करने को लेकर मनमानी के आरोप लगाए हैं।
-- -- -- -- --
बस्ती के घनश्याम ने बताया कि यहां के शिक्षकों का प्रतिदिन का यह काम है। दस-बीस मिनट के लिए ही स्कूल आते हैं और तुरंत चले जाते हैं।
-- -- -- -
शांति सहरिया ने बताया कि बस्ती में कोई भी बच्चा कुछ भी नहीं पढ़ पाता। मास्टरों की लापरवाही से उन लोगों के बच्चे नहीं पढ़ पाएंगे।
-- -- -- -- -
रज्जू सहरिया ने बताया, आदिवासियों के लिए सरकार ने स्कूल बनवाया था। लेकिन, मास्टरों के ऊपर कार्रवाई न होने से उनकी मनमानी चल रही है।
-- -- -- --
गोरी सहरिया ने कहा कि उसका बच्चा बुधवार को स्कूल गया था, लेकिन तत्काल वापस आ गया। पूछने पर बताया कि मास्टर चले गए हैं, स्कूल में ताला लगा है।
-- -- -- --
प्रधानाध्यापक छुट्टी पर हैं। सहायक अध्यापक को नियमित स्कूल खोलने के निर्देश दिए थे, लेकिन स्कूल में ताला लगाने पर कार्रवाई की जाएगी।
गौरव शुक्ला, खंड शिक्षा अधिकारी, बिरधा
विज्ञापन
जाखलौन/ललितपुर। शिक्षकों की मनमानी के चलते परिषदीय विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था पटरी पर नहीं आ पा रही है। शिक्षकों के समय से विद्यालय न पहुंचने और अक्सर गायब रहने के चलते शिक्षण कार्य प्रभावित होते हैं। बुधवार को ब्लॉक बिरधा के प्राथमिक विद्यालय अनुसूचित जाति कपासी में ताला लटका रहा। स्कूल पहुंचे बच्चों को बैरंग घर लौटना पड़ा।
इस विद्यालय में अध्ययनरत बच्चे शिक्षकों की मनमानी का शिकार हो रहे हैं। यहां तीन सहायक अध्यापकों व एक शिक्षामित्र की तैनाती है। बुधवार सुबह छात्र-छात्राएं विद्यालय पहुंचे, लेकिन ताला नहीं खुला। बाहर कुछ देर इंतजार करने के बाद बच्चे घर लौट गए। परिजनों ने जब इसका कारण पूछा तो बच्चों ने बताया कि मास्टर आए थे, लेकिन उनके स्कूल पहुंचने से पहले वे गेट पर ताला लगाकर चले गए। इस बस्ती में रहने वाले लोगों ने शिक्षकों पर स्कूल खोलने और बंद करने को लेकर मनमानी के आरोप लगाए हैं।
विज्ञापन
बस्ती के घनश्याम ने बताया कि यहां के शिक्षकों का प्रतिदिन का यह काम है। दस-बीस मिनट के लिए ही स्कूल आते हैं और तुरंत चले जाते हैं।
शांति सहरिया ने बताया कि बस्ती में कोई भी बच्चा कुछ भी नहीं पढ़ पाता। मास्टरों की लापरवाही से उन लोगों के बच्चे नहीं पढ़ पाएंगे।
रज्जू सहरिया ने बताया, आदिवासियों के लिए सरकार ने स्कूल बनवाया था। लेकिन, मास्टरों के ऊपर कार्रवाई न होने से उनकी मनमानी चल रही है।
गोरी सहरिया ने कहा कि उसका बच्चा बुधवार को स्कूल गया था, लेकिन तत्काल वापस आ गया। पूछने पर बताया कि मास्टर चले गए हैं, स्कूल में ताला लगा है।
प्रधानाध्यापक छुट्टी पर हैं। सहायक अध्यापक को नियमित स्कूल खोलने के निर्देश दिए थे, लेकिन स्कूल में ताला लगाने पर कार्रवाई की जाएगी।
गौरव शुक्ला, खंड शिक्षा अधिकारी, बिरधा