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Lalitpur News: धौरीसागर में गाज गिरने की घटना रोकने के लिए लगेंगे तड़ित चालक

Fri, 13 Jun 2025 01:04 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 13 Jun 2025 01:04 AM IST
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Lightning conductors will be installed to prevent lightning strikes in Dhori Sagar
- आपदा विभाग सर्वे कर लगाएगा यह यंत्र
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जनपद में सबसे अधिक गाज गिरने वाले स्थानों में शामिल धौरीसागर गांव में स्थित सरकारी इमारतों पर तड़ित चालक लगवाया जाएगा। इससे अगर घटनाओं में कमी आती है, तो अन्य ग्रामों में भी इनको लगवाने की प्रक्रिया कराई जाएगी।
जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने हाल ही में उन स्थानों को चिह्नित कराया, जहां पर सर्वाधिक गाज गिरने की घटनाएं होती हैं। विगत चार का रिकार्ड तैयार किया गया। जिसमें बीस स्थान चिह्नित किए गए हैं, जहां पर पिछले चार सालों में 70 घटनाएं हुई थीं। इस स्थानों में जाखलौन, बम्हौरी कलां, धौरीसागर, मैखुवा, बंट, रोंडा, मिर्चवारा, पूरा पचौनी, सांकरवार कलां, बार, बिरधा, गौना, नाराहट, बछलापुर, सिंदवाहा, कुआंगांव, नौहरकलां, भैलोनीसूवा, घिसौली, बालाबेहट के इलाको में सर्वाधिक गाज गिरने की घटनाएं चिह्नित की गई। इसमें धौरीसागर में प्रत्येक वर्ष गाज गिरी, पिछले चार साल में यहां पर सर्वाधिक पांच बार गाज गिरी है। आपदा विभाग इसका स्थलीय निरीक्षण कर यहां पर सभी सरकारी इमारतों पर तड़ित चालक लगाने जा रहा है। जिलाधिकारी ने बरसात के पहले कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। अगर तड़ित चालक से गाज गिरने की घटना में कमी आती है। तो सभी ग्राम पंचायतों यह तड़ित चालक लगाने की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इस संबंध में अक्षय त्रिपाठी, जिलाधिकारी ने बताया कि अभी धौरीसागर में तड़ित चालक लगाने के लिए सर्वे किया जा रहा है, अगर गाज गिरने की घटनाओं में कमी आती है, तो सभी ग्राम पंचायतों में तड़ित चालक लगाए जाएंगे।
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क्या है तड़ित चालक
तड़ित चालक तांबा या एल्युमिनियम की एक छड़ होती है, जिसे ऊंचे भवन या इमारत पर लगाकर इससे काॅपर की पत्ती जमीन के अंदर ले जाते हैं। इसका मुख्य कार्य गाज गिरने की स्थिति में विद्युत धारा को काॅपर की पत्ती के माध्यम से सुरक्षित रूप से जमीन में प्रवाहित करना है। जिससे भवन को नुकसान होने से बचाया जा सके।
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