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भाभी की हत्या के जुर्म में देवर को आजीवन कारावास
ब्यूरो
Updated Sat, 07 Nov 2015 01:30 AM IST
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ललितपुर। अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) हरकेश कुमार की अदालत ने तीन वर्ष पूर्व तालबेहट में पैसों की मांग पूरी नहीं करने पर भाभी की धारदार हथियार से हत्या करने और भाई के दो बच्चों को जान से मारने की कोशिश के मामले में दोषी देवर को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है। यही नहीं हत्यारे देवर पर एक लाख रुपये अर्थदंड लगाया गया। अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में एक वर्ष के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
मूलत: कोलकाता व हाल तालबेहट निवासी डा. सत्यपाल विश्वास पुत्र नगेंद्र चंद्र विश्वास ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि 31 मार्च 2012 को उसका भाई दो-तीन लोगों के साथ उसके मकान पर आया और शाम करीब 4.40 बजे पैसों की।
मांग पूरी नहीं करने पर अनूप और साथ आए साथियों ने उसकी पत्नी को चाकू और धारदार हथियारों से हमला कर दिया। पत्नी के चीखने पर उसके दोनों पुत्र आकाश व सूरज अपनी मां को बचाने दौड़े तो उसने दोनों बच्चों पर भी हमला कर दिया, जिससे वे मरणासन्न हो गए। पत्नी को गंभीर चोटें आने के कारण मौके पर ही मृत्यु हो गई थी।
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पुलिस ने डा. सत्यपाल की तहरीर पर मामला दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। फरार अभियुक्त के न्यायालय से कुर्की वारंट जारी होने के बाद 22 अगस्त 2012 को पुलिस ने अभियुक्त के कोलकाता निवास की कुर्की की थी।
इसके बाद अभियुक्त अनूप कुमार विश्वास ने सीजेएम न्यायालय में 12 अप्रैल 2013 को समर्पण किया था। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था। बाद में यह मामला गंभीर होने व त्वरित न्याय की श्रेणी में रखते हुए फास्ट ट्रैक कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया गया।
बृहस्पतिवार को न्यायाधीश ने उक्त मामले में अभियुक्त अनूप कुमार विश्वास को अपनी भाभी और भतीजों पर जानलेवा हमला करने के मामले में दोषी करार देकर शुक्रवार को सजा का दिन मुकर्रर किया था। शुक्रवार को न्यायाधीश ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गवाहों, साक्ष्यों व दलीलों के आधार पर सुनवाई करते हुए अभियुक्त अनूप कुमार विश्वास को अपनी भाभी की घर में घुसकर हत्या करने और दोनों भतीजों को जान से मारने के प्रयास में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई और अलग-अलग मामलों में एक लाख रुपये का अर्थदंड लगाया।
अर्थदंड अदा नहीं करने पर एक वर्ष अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अदा की जाने वाली अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़ित को दिए जाने के आदेश भी दिए गए। मामले की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता बृजेंद्र सिंह यादव ने की।
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मूलत: कोलकाता व हाल तालबेहट निवासी डा. सत्यपाल विश्वास पुत्र नगेंद्र चंद्र विश्वास ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि 31 मार्च 2012 को उसका भाई दो-तीन लोगों के साथ उसके मकान पर आया और शाम करीब 4.40 बजे पैसों की।
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मांग पूरी नहीं करने पर अनूप और साथ आए साथियों ने उसकी पत्नी को चाकू और धारदार हथियारों से हमला कर दिया। पत्नी के चीखने पर उसके दोनों पुत्र आकाश व सूरज अपनी मां को बचाने दौड़े तो उसने दोनों बच्चों पर भी हमला कर दिया, जिससे वे मरणासन्न हो गए। पत्नी को गंभीर चोटें आने के कारण मौके पर ही मृत्यु हो गई थी।
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पुलिस ने डा. सत्यपाल की तहरीर पर मामला दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। फरार अभियुक्त के न्यायालय से कुर्की वारंट जारी होने के बाद 22 अगस्त 2012 को पुलिस ने अभियुक्त के कोलकाता निवास की कुर्की की थी।
इसके बाद अभियुक्त अनूप कुमार विश्वास ने सीजेएम न्यायालय में 12 अप्रैल 2013 को समर्पण किया था। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था। बाद में यह मामला गंभीर होने व त्वरित न्याय की श्रेणी में रखते हुए फास्ट ट्रैक कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया गया।
बृहस्पतिवार को न्यायाधीश ने उक्त मामले में अभियुक्त अनूप कुमार विश्वास को अपनी भाभी और भतीजों पर जानलेवा हमला करने के मामले में दोषी करार देकर शुक्रवार को सजा का दिन मुकर्रर किया था। शुक्रवार को न्यायाधीश ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गवाहों, साक्ष्यों व दलीलों के आधार पर सुनवाई करते हुए अभियुक्त अनूप कुमार विश्वास को अपनी भाभी की घर में घुसकर हत्या करने और दोनों भतीजों को जान से मारने के प्रयास में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई और अलग-अलग मामलों में एक लाख रुपये का अर्थदंड लगाया।
अर्थदंड अदा नहीं करने पर एक वर्ष अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अदा की जाने वाली अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़ित को दिए जाने के आदेश भी दिए गए। मामले की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता बृजेंद्र सिंह यादव ने की।