{"_id":"6750b95998401dcc480a4c64","slug":"leopard-terror-in-mamda-village-lalitpur-news-c-131-1-ltp1002-125211-2024-12-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lalitpur News: मामदा गांव में तेंदुए की दहशत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lalitpur News: मामदा गांव में तेंदुए की दहशत
Thu, 05 Dec 2024 01:49 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
Updated Thu, 05 Dec 2024 01:49 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। गौना रेंज के ग्राम मामदा में तेंदुए की दहशत में ग्रामीण रह रहे हैं। दिन व रात में दहाड़ने की आवाजें गांव वालों को सुनाई दे रही हैं। कई बार इसकी सूचना वन विभाग को दी जा चुकी है, लेकिन फिर कोई पुख्ता इंतजाम न होने के कारण ग्रामीणों को रात में घरों से निकलने में डर लगता है।
जनपद में 75158 हेक्टेयर भूभाग में जंगल फैला हुआ है, यहां पर कई दुर्लभ एवं हिंसक जानवर विचरण करते हैं। साथ ही वन क्षेत्र के आसपास आबादी वाले गांव भी है। जंगली जानवर गर्मियों में पानी की तलाश में जंगलों में विचरण करते हुए आबादी वाले इलाकों में आ जाते हैं। तो वहीं सर्दी के मौसम में भोजन व सुरक्षित स्थान की तलाश में वह आबादी वाले इलाकों के नजदीक से विचरण करते हुए गुजरते हैं।
हाल ही में ललितपुर व बार वन क्षेत्र में हिंसक जानवर आबादी वाले इलाकों में देखे गए हैं। तो वहीं गौना रेंज के ग्राम मामदा में तो कभी तेंदुआ गांव में आकर पालतू जानवर का शिकार कर रहा है।
विज्ञापन
साथ ही दिन व रात में तेंदुए के दहाड़ने की आवाजें भी ग्रामीणों को सुनाई देती हैं। जिसको लेकर ग्रामीणों में दहशत का महौल बना हुआ है। तो वहीं इसकी सूचना वन विभाग को दी जाती है, तो वह जंगली इलाकों के आसपास विचरण सलाह न देते हुए, अन्य सुरक्षा उपाय बताकर चली जाती है।
ऐसे में ग्रामीण रात तो रात दिन के उजाले में भी अकेले घर से निकलने में घबरा रहे हैं।
विज्ञापन
ललितपुर। गौना रेंज के ग्राम मामदा में तेंदुए की दहशत में ग्रामीण रह रहे हैं। दिन व रात में दहाड़ने की आवाजें गांव वालों को सुनाई दे रही हैं। कई बार इसकी सूचना वन विभाग को दी जा चुकी है, लेकिन फिर कोई पुख्ता इंतजाम न होने के कारण ग्रामीणों को रात में घरों से निकलने में डर लगता है।
जनपद में 75158 हेक्टेयर भूभाग में जंगल फैला हुआ है, यहां पर कई दुर्लभ एवं हिंसक जानवर विचरण करते हैं। साथ ही वन क्षेत्र के आसपास आबादी वाले गांव भी है। जंगली जानवर गर्मियों में पानी की तलाश में जंगलों में विचरण करते हुए आबादी वाले इलाकों में आ जाते हैं। तो वहीं सर्दी के मौसम में भोजन व सुरक्षित स्थान की तलाश में वह आबादी वाले इलाकों के नजदीक से विचरण करते हुए गुजरते हैं।
विज्ञापन
हाल ही में ललितपुर व बार वन क्षेत्र में हिंसक जानवर आबादी वाले इलाकों में देखे गए हैं। तो वहीं गौना रेंज के ग्राम मामदा में तो कभी तेंदुआ गांव में आकर पालतू जानवर का शिकार कर रहा है।
विज्ञापन
साथ ही दिन व रात में तेंदुए के दहाड़ने की आवाजें भी ग्रामीणों को सुनाई देती हैं। जिसको लेकर ग्रामीणों में दहशत का महौल बना हुआ है। तो वहीं इसकी सूचना वन विभाग को दी जाती है, तो वह जंगली इलाकों के आसपास विचरण सलाह न देते हुए, अन्य सुरक्षा उपाय बताकर चली जाती है।
ऐसे में ग्रामीण रात तो रात दिन के उजाले में भी अकेले घर से निकलने में घबरा रहे हैं।