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Lalitpur News: मंदिरों से निकलकर भक्तों को दर्शन देने घर-घर जाएंगे भगवान
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ललितपुर। मंदिरों के भगवान विमानों में विराजमान होकर जलविहार के लिए सुम्मेरा तालाब के घाटों पर पहुंचेंगे, जहां गंगा जल से अभिषेक होगा। इसके बाद श्रीनृसिंह मंदिर प्रांगण, गणेश पंडाल, जगदीश मंदिर और थानेश्वर मंदिरों पर महाआरती के बाद सभी विमान लौटेंगे। यहां से घर-घर घूमकर विमानों में विराजमान भगवान भक्तों को दर्शन देंगे। पूरा शहर भगवान के स्वागत की तैयारियों में जुटा है।
जलविहार यानी डोलग्यारस का त्योहार तीन सितंबर को है। शहर में साफ सफाई, मरम्मत होने के साथ ही सड़क किनारे का अतिक्रमण भी हटाया जा रहा है। यात्रा वाली सड़कें गड्ढा मुक्त कराई जा रही हैं। पंचमुखी हनुमान मंदिर के पास शहजाद नदी के पुल पर मिट्टी डालकर इसे निकलने लायक बनाया जा रहा है। तालाब के घाटों की मरम्मत व सफाई की जा रही है। घाटों पर लाइटिंग की जा रही है। जलविहार पर बुधवार को विमानाें की भव्य विमान यात्रा निकाली जाएगी।
भगवान ठाकुरजी व बांकेबिहारी के विग्रह मंदिरों के गर्भगृह से निकलकर विमानों में विराजमान किए जाएंगे। विमानों को आकर्षक रूप से सजा कर भगवान को पोशाकें धारण कराई जाएंगी।
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सबसे पहले मोहल्ला चौबयाना स्थित श्रीरघुनाथजी मंदिर से विमानों की शोभायात्रा गाजे बाजे के साथ निकाली जाएगी। इसके पहले बूढ़े बब्बा मंदिर, पंचमुखी हनुमान मंदिर, कंचनघाट मंदिर, बलखंडी मंदिर के विमान भी चौबयाना में ही एकत्रित होंगे। यहां सबसे आगे रघुनाथजी मंदिर के दो विमान फिर उनके पीछे अन्य मंदिरों के विमान निकाले जाएंगे। विमानों की यात्रा बढ़ने पर उनके साथ रावरपुरा स्थित मुरली मनोहर मंदिर, हनुमानजी मंदिर, महावीरपुरा स्थित हनुमानजी मंदिर, मदनमोहनजी मंदिर, बड़ापुरा, वंशीपुरा के विमान भी शामिल हो जाएंगे। यहां से विमान यात्रा घंटाघर होते हुए जगदीश मंदिर के सामने पहुंचेगी। जहां से जगदीश मंदिर, तुवन मंदिर, राधा कृष्ण मंदिर, चंडी मंदिर, जुगपुरा, नेहरूनगर के विमान, नझाई स्थित मंदिर, गोकुलघाट मंदिर, हनुमानधारा मंदिर समेत कई मंदिरों के विमान भी यात्रा में शामिल हो जाएंगे।
सावरकर चौक तक जैसे ही विमान यात्रा पहुंचेगी, तो यहां राजाराम मंदिर, गोविंद नगर स्थित कालीजी मंदिर समेत लगभग सभी मंदिरों के विमान शामिल होकर दिव्य यात्रा का रूप ले लेंगे। यहां से यात्रा तालाबपुरा रोड पर चलते ही परमहंस मंदिर का विमान आकर ठहरा होगा और स्वागत के बाद यात्रा आगे बढ़ेगी। उनके साथ सबसे पीछे परमहंस मंदिर का विमान चलेगा। अब विमान यात्रा सुम्मेरा तालाब पहुंचेगी, जहां पहले से निर्धारित सभी विमान अपने घाटों पर जाकर भगवान को पवित्र गंगाजल से उनका अभिषेक किया जाएगा। इसके बाद तालाब के बुर्जों से भव्य महाआरती का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद सभी विमान श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ श्रीनृसिंह मंदिर प्रांगण में पहुंचेंगे और यहां महाआरती के बाद विमान यात्रा कटरा बाजार स्थित गणेशजी के दरबार पहुंचेगी, यहां भी महाआरती की जाएगी।
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जलविहार यानी डोलग्यारस का त्योहार तीन सितंबर को है। शहर में साफ सफाई, मरम्मत होने के साथ ही सड़क किनारे का अतिक्रमण भी हटाया जा रहा है। यात्रा वाली सड़कें गड्ढा मुक्त कराई जा रही हैं। पंचमुखी हनुमान मंदिर के पास शहजाद नदी के पुल पर मिट्टी डालकर इसे निकलने लायक बनाया जा रहा है। तालाब के घाटों की मरम्मत व सफाई की जा रही है। घाटों पर लाइटिंग की जा रही है। जलविहार पर बुधवार को विमानाें की भव्य विमान यात्रा निकाली जाएगी।
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भगवान ठाकुरजी व बांकेबिहारी के विग्रह मंदिरों के गर्भगृह से निकलकर विमानों में विराजमान किए जाएंगे। विमानों को आकर्षक रूप से सजा कर भगवान को पोशाकें धारण कराई जाएंगी।
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सबसे पहले मोहल्ला चौबयाना स्थित श्रीरघुनाथजी मंदिर से विमानों की शोभायात्रा गाजे बाजे के साथ निकाली जाएगी। इसके पहले बूढ़े बब्बा मंदिर, पंचमुखी हनुमान मंदिर, कंचनघाट मंदिर, बलखंडी मंदिर के विमान भी चौबयाना में ही एकत्रित होंगे। यहां सबसे आगे रघुनाथजी मंदिर के दो विमान फिर उनके पीछे अन्य मंदिरों के विमान निकाले जाएंगे। विमानों की यात्रा बढ़ने पर उनके साथ रावरपुरा स्थित मुरली मनोहर मंदिर, हनुमानजी मंदिर, महावीरपुरा स्थित हनुमानजी मंदिर, मदनमोहनजी मंदिर, बड़ापुरा, वंशीपुरा के विमान भी शामिल हो जाएंगे। यहां से विमान यात्रा घंटाघर होते हुए जगदीश मंदिर के सामने पहुंचेगी। जहां से जगदीश मंदिर, तुवन मंदिर, राधा कृष्ण मंदिर, चंडी मंदिर, जुगपुरा, नेहरूनगर के विमान, नझाई स्थित मंदिर, गोकुलघाट मंदिर, हनुमानधारा मंदिर समेत कई मंदिरों के विमान भी यात्रा में शामिल हो जाएंगे।
सावरकर चौक तक जैसे ही विमान यात्रा पहुंचेगी, तो यहां राजाराम मंदिर, गोविंद नगर स्थित कालीजी मंदिर समेत लगभग सभी मंदिरों के विमान शामिल होकर दिव्य यात्रा का रूप ले लेंगे। यहां से यात्रा तालाबपुरा रोड पर चलते ही परमहंस मंदिर का विमान आकर ठहरा होगा और स्वागत के बाद यात्रा आगे बढ़ेगी। उनके साथ सबसे पीछे परमहंस मंदिर का विमान चलेगा। अब विमान यात्रा सुम्मेरा तालाब पहुंचेगी, जहां पहले से निर्धारित सभी विमान अपने घाटों पर जाकर भगवान को पवित्र गंगाजल से उनका अभिषेक किया जाएगा। इसके बाद तालाब के बुर्जों से भव्य महाआरती का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद सभी विमान श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ श्रीनृसिंह मंदिर प्रांगण में पहुंचेंगे और यहां महाआरती के बाद विमान यात्रा कटरा बाजार स्थित गणेशजी के दरबार पहुंचेगी, यहां भी महाआरती की जाएगी।