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Lalitpur News: बसों की जानकारी के लिए एलईडी तो दूर समय सारिणी भी नहीं
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। अंतरराज्यीय बस स्टैंड पर यात्री अव्यवस्थाओं से जूझ रहे हैं। यहां बसों की जानकारी के लिए एलईडी स्क्रीन तो दूर समयसारिणी तक नहीं है। उद्घोषणा और पूछताछ के लिए कर्मचारी तक तैनात नहीं है। ऐसे में यात्रियों को बसों की जानकारी नहीं हो पाती।
जिला मुख्यालय स्थित बस स्टैंड से जनपद के साथ ही सीमा से सटे मध्यप्रदेश के लिए बसें चलतीं है। यहां से प्रतिदिन लगभग 140 बसों का संचालन होता है। इनमें छह हजार से अधिक यात्री सफर करते हैं। साथ ही पांच रोडवेज बसें चलतीं हैं, जो झांसी, कानपुर व लखनऊ तक जाती हैं। निजी बसें मध्यप्रदेश के जिला टीकमगढ़, सागर, छतरपुर, अशोकनगर, गुना, शिवपुरी आदि के लिए जाती हैं।
लेकिन, बस स्टैंड पर न समय सारिणी लगी है और न ही रूट चार्ट। यात्रियों को बसें खोजना तक मुश्किल हो रहा है। कई बार बसें निकल जाती हैं। रूट चार्ट व बस का पंजीयन नंबर न होने से यात्री अन्य बस में बैठ जाते हैं, जिससे घूमकर जाना पड़ता है। इससे समय के साथ ही पैसा भी अधिक खर्च हो रहा है।
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ललितपुर। अंतरराज्यीय बस स्टैंड पर यात्री अव्यवस्थाओं से जूझ रहे हैं। यहां बसों की जानकारी के लिए एलईडी स्क्रीन तो दूर समयसारिणी तक नहीं है। उद्घोषणा और पूछताछ के लिए कर्मचारी तक तैनात नहीं है। ऐसे में यात्रियों को बसों की जानकारी नहीं हो पाती।
जिला मुख्यालय स्थित बस स्टैंड से जनपद के साथ ही सीमा से सटे मध्यप्रदेश के लिए बसें चलतीं है। यहां से प्रतिदिन लगभग 140 बसों का संचालन होता है। इनमें छह हजार से अधिक यात्री सफर करते हैं। साथ ही पांच रोडवेज बसें चलतीं हैं, जो झांसी, कानपुर व लखनऊ तक जाती हैं। निजी बसें मध्यप्रदेश के जिला टीकमगढ़, सागर, छतरपुर, अशोकनगर, गुना, शिवपुरी आदि के लिए जाती हैं।
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लेकिन, बस स्टैंड पर न समय सारिणी लगी है और न ही रूट चार्ट। यात्रियों को बसें खोजना तक मुश्किल हो रहा है। कई बार बसें निकल जाती हैं। रूट चार्ट व बस का पंजीयन नंबर न होने से यात्री अन्य बस में बैठ जाते हैं, जिससे घूमकर जाना पड़ता है। इससे समय के साथ ही पैसा भी अधिक खर्च हो रहा है।
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