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जिले में पर्यटन विकास की संभावनाओं को लगे पंख
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डीएम सभागार में पदाधिकारी मौजूद
- फोटो : LALITPUR
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ललितपुर। जिले में पर्यटन को सही दिशा व पहचान दिलाए जाने के उद्देश्य से डॉक्यूमेंट्री निर्माण के लिए दिल्ली की टूरिज्म टीम द्वारा पुरात्व विभाग, पर्यटन विभाग व सूचना विभाग के सहयोग से पर्यटन स्थलों का सर्वे किया जा रहा है। टूरिज्म टीम के रूट प्लान के निर्धारण व पर्यटन विकास के लिए जिलाधिकारी अन्नावि दिनेश कुमार ने बुधवार को पर्यटन व पुरातत्व से जुड़े अधिकारियों के साथ कलक्ट्रेट सभागार में बैठक की।
जिला सूचना अधिकारी पीयूष चंद्र राय ने बताया कि जिले में देवगढ़ स्थित दशावतार मंदिर, बौद्ध गुफाएं, बालाबेहट क्षेत्र में दूधई मंदिर, धौर्रा में रणछोरधाम, नाराहट क्षेत्र में पांडव वन जैसे अनेक ऐसे तीर्थ स्थल हैं, जिन्हें पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित किया जा सकता है। यहां की संस्कृति में आल्हा गायन, राई नृत्य व मौनिया नृत्य पूरे विश्व में अपनी एक अलग पहचान रखते हैं। यदि यहां के पर्यटन स्थलों तक जाने वाले मार्गों का सुगम कर दिया जाए लोग जनपद के पर्यटन तक आसानी से जुड़ सकेंगे। पुरातत्व विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी एसके दुबे ने बताया कि प्राचीन काल में यहां पर मूर्ति कला का वृहद स्तर पर प्रचलन था, यहां से बनी मूर्तियां बेतवा नदी के रास्ते से देश-विदेश में निर्यात की जाती थीं। इसके लिए यहां पर बंदरगाह भी बने हुए थे, जिनमें से प्रमुख बंदरगाह आज बंदरगुढ़ा के नाम से जाना जाता है, जिसका नाम बंदरगाह से बंदरगुढ़ा हुआ।
यहां पर शहजाद नदी के किनारे पहाड़ों में प्राचीन काल के मूर्ति बनाने वाले टूल भी मिले हैं, जो पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि प्रत्येक ग्राम का सर्वे किया गया है। उन्होंने कहा कि जिले में बहुत से ऐसे स्थल हैं, जिन्हें मुख्य पर्यटन स्थलों के रूप में प्रमोट कर यहां की संस्कृति को संपूर्ण विश्व में प्रख्यात किया जा सकता है। बैठक में क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी आरके रावत, पर्यटन मित्र फिरोज इकबाल डायमंड सहित दिल्ली की टूरिज्म टीम के निदेशक मुकेश गोयल उपस्थित रहे।
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सर्वे की रिपोर्ट उपलब्ध कराएं : डीएम
जिलाधिकारी ने पुरातत्व विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी को निर्देश दिए कि उनके विभाग द्वारा किए गए सर्वे की रिपोर्ट उपलब्ध कराएं, साथ ही विभाग से संबंधित अधिकारी को जिले में तैनात करने के लिए आवश्यक प्रक्रिया करें। डीएम ने पुरातत्व अधिकारी, पर्यटन अधिकारी व जिला सूचना अधिकारी को निर्देश दिए कि टूरिज्म टीम को यहां के इतिहास, पुरातत्व व संस्कृति के बारे में अधिक से अधिक सूचनाएं उपलब्ध कराएं। पुरातत्व अधिकारी व पर्यटन अधिकारी अपनी अपनी जानकारी टीम के साथ साझा करें, साथ ही प्रतिदिन डॉक्यूमेंट्री निर्माण हेतु रूट प्लान तैयार करें।
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जिला सूचना अधिकारी पीयूष चंद्र राय ने बताया कि जिले में देवगढ़ स्थित दशावतार मंदिर, बौद्ध गुफाएं, बालाबेहट क्षेत्र में दूधई मंदिर, धौर्रा में रणछोरधाम, नाराहट क्षेत्र में पांडव वन जैसे अनेक ऐसे तीर्थ स्थल हैं, जिन्हें पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित किया जा सकता है। यहां की संस्कृति में आल्हा गायन, राई नृत्य व मौनिया नृत्य पूरे विश्व में अपनी एक अलग पहचान रखते हैं। यदि यहां के पर्यटन स्थलों तक जाने वाले मार्गों का सुगम कर दिया जाए लोग जनपद के पर्यटन तक आसानी से जुड़ सकेंगे। पुरातत्व विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी एसके दुबे ने बताया कि प्राचीन काल में यहां पर मूर्ति कला का वृहद स्तर पर प्रचलन था, यहां से बनी मूर्तियां बेतवा नदी के रास्ते से देश-विदेश में निर्यात की जाती थीं। इसके लिए यहां पर बंदरगाह भी बने हुए थे, जिनमें से प्रमुख बंदरगाह आज बंदरगुढ़ा के नाम से जाना जाता है, जिसका नाम बंदरगाह से बंदरगुढ़ा हुआ।
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यहां पर शहजाद नदी के किनारे पहाड़ों में प्राचीन काल के मूर्ति बनाने वाले टूल भी मिले हैं, जो पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि प्रत्येक ग्राम का सर्वे किया गया है। उन्होंने कहा कि जिले में बहुत से ऐसे स्थल हैं, जिन्हें मुख्य पर्यटन स्थलों के रूप में प्रमोट कर यहां की संस्कृति को संपूर्ण विश्व में प्रख्यात किया जा सकता है। बैठक में क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी आरके रावत, पर्यटन मित्र फिरोज इकबाल डायमंड सहित दिल्ली की टूरिज्म टीम के निदेशक मुकेश गोयल उपस्थित रहे।
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सर्वे की रिपोर्ट उपलब्ध कराएं : डीएम
जिलाधिकारी ने पुरातत्व विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी को निर्देश दिए कि उनके विभाग द्वारा किए गए सर्वे की रिपोर्ट उपलब्ध कराएं, साथ ही विभाग से संबंधित अधिकारी को जिले में तैनात करने के लिए आवश्यक प्रक्रिया करें। डीएम ने पुरातत्व अधिकारी, पर्यटन अधिकारी व जिला सूचना अधिकारी को निर्देश दिए कि टूरिज्म टीम को यहां के इतिहास, पुरातत्व व संस्कृति के बारे में अधिक से अधिक सूचनाएं उपलब्ध कराएं। पुरातत्व अधिकारी व पर्यटन अधिकारी अपनी अपनी जानकारी टीम के साथ साझा करें, साथ ही प्रतिदिन डॉक्यूमेंट्री निर्माण हेतु रूट प्लान तैयार करें।