ललितपुर: थाना परिसर में किशोरी से दुष्कर्म प्रकरण में एसआईटी गठित, सीएम तक भी पहुंचा था प्रकरण
दुष्कर्म पीड़िता ने आरोप लगाया था कि बयान दिलाने के बहाने उसे थाने बुलाया गया और थानाध्यक्ष ने परिसर स्थित अपने कमरे में उसके साथ दुष्कर्म किया। इस मामले में पुलिस अधीक्षक के आदेश पर थानाध्यक्ष, एक महिला एवं चार आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
विस्तार
पाली थाने में किशोरी से दुष्कर्म मामले में शासन के निर्देश पर एसआईटी का गठन किया गया है। टीम ने जांच शुरू कर दी है। अब एसआईटी जल्द ही पाली थाना और दुष्कर्म पीड़िता के घर पहुंचकर हर पहलू की जांच करेगी।
थाना पाली परिसर में सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता से थानाध्यक्ष द्वारा दुष्कर्म किए जाने के मामले में शासन के निर्देश पर डीआईजी ने एसआईटी का गठन किया है। इस टीम में एसपी सिटी झांसी विवेक त्रिपाठी के अलावा झांसी व ललितपुर के एक-एक सीओ को भी शामिल किया गया है। टीम जल्द ही ललितपुर के थाना पाली एवं पीड़िता के घर के अलावा भोपाल एवं अन्य स्थलों पर जाकर जांच शुरू करेगी।
थाना पाली अंतर्गत एक मोहल्ला निवासी 13 वर्षीय किशोरी के साथ पाली के चार युवकों ने भोपाल ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म किया था। तीन दिन तक भोपाल में ही रखा। इसके बाद उसे ललितपुर के थाना पाली ले जाकर थाने छोड़कर चले गए थे, जहां तत्कालीन थानाध्यक्ष द्वारा उसे उसकी मौसी को सौंप दिया गया था।
आरोप है कि अगले दिन बयान दिलाने के बहाने थाने बुलाया गया और उसी दिन शाम को थानाध्यक्ष ने थाना परिसर स्थित अपने कमरे में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इस मामले में पुलिस अधीक्षक के आदेश पर थानाध्यक्ष, एक महिला एवं चार आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
थानाध्यक्ष को निलंबित कर दो दिन बाद गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। वहीं घटना के चलते उस समय थाना में तैनात 29 पुलिसकर्मियों को एडीजी कानपुर जोन से लाइन हाजिर कर दिया था। थाने में पूरा नया स्टाफ तैनात किया गया। यह मामला मुख्यमंत्री योगी तक भी पहुंचा था। झांसी दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने इस मामले में कड़ी नाराजगी भी जताई थी।
पाली प्रकरण में एसआईटी टीम का गठन किया गया है, जिसमें एसपी सिटी झांसी, एक सीओ झांसी और एक ललितपुर के सीओ को टीम में शामिल किया गया है।
- निखिल पाठक, पुलिस अधीक्षक, ललितपुर।