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Lalitpur: मेडिकल कॉलेज में तीन साल से जीजा की डिग्री पर नौकरी, बहन ने ही की शिकायत, स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप

Thu, 11 Dec 2025 12:52 PM IST
दीपक महाजन संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर Published by: दीपक महाजन Updated Thu, 11 Dec 2025 12:52 PM IST
सार

मेडिकल कॉलेज में कार्यरत कार्डियोलाॅजिस्ट की बहन ने ही अपने भाई की चिकित्सीय डिग्री पर सवाल खड़े कर दिये हैं। उसने बताया कि यह नौकरी भाई की नहीं है। उसके पति की हैं, जो वर्तमान में अमेरिका के एक बडे अस्पताल में कार्यरत हैं।

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Lalitpur: Job in medical college on brother-in-law's degree
मेडिकल कॉलेज, ललितपुर - फोटो : संवाद

विस्तार

मेडिकल कॉलेज में तीन वर्ष से कार्यरत कार्डियोलॉजिस्ट पर जीजा की डिग्री लगाकर नौकरी हासिल करने आरोप लगाया गया है। बहन की शिकायत पर मेडिकल कॉलेज के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। विभाग ने चिकित्सक के चिकित्सीय दस्तावेज की जांच शुरू कर दी। वहीं, शिकायत करने की भनक लगते ही चिकित्सक अवकाश पर चला गया है।
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बहन बोली- उसके पति की नौकरी, जो अमेरिका में हैं
बुधवार को सुबह 11 बजे मेडिकल कॉलेज में उस समय हड़कंप मच गया, जब यहां पर कार्यरत कार्डियोलाॅजिस्ट की बहन ने अपने भाई की चिकित्सीय डिग्री पर सवाल खड़े किया। उन्होंने बताया कि उसका भाई, जिस चिकित्सीय दस्तावेजों को पेशकर कार्डियोलाॅजिस्ट की नौकरी कर रहा है, वह उसकी नहीं है। वह मेरे पति की हैं, जो वर्तमान में अमेरिका के एक बडे अस्पताल में कार्यरत हैं। इसके बहन ने कुछ साक्ष्य दिए और फोटो के साथ चिकित्सीय दस्तावेजों के सत्यापन की मांग की। उसने बताया कि इससे स्थिति स्वत: ही स्पष्ट हो जाएगी। महिला के आरोपों को संज्ञान में लेकर मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. मयंक कुमार शुक्ला ने जिला प्रशासन को जानकारी दी।
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स्वास्थ्य महकमे में मचा हड़कंप
वहीं जिला प्रशासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग में भी हड़कंप मच गया। आनन-फानन में चिकित्सक के दस्तावेज निकाले गए। इसका सत्यापन का कार्य किया जा रहा है। चिकित्सीय दस्तावेजों का फोटो के साथ सत्यापन किया जा रहा है। मामला मेडिकल कॉलेज से लेकर स्वास्थ्य महकमा में चर्चा का विषय बना रहा।
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शिकायत से पहले ही मेडिकल कॉलेज के कार्डियोलॉजिस्ट चिकित्सक ने दिया इस्तीफा
ललितपुर। मेडिकल कॉलेज में कार्यरत कार्डियोलॉजिस्ट चिकित्सक को पहले ही शिकायत की भनक लग गई थी। इसके चलते शिकायत के एक दिन पहले ही अपनी सेवाओं से त्यागपत्र दे दिया। इससे मामला गहरा गया। चिकित्सक तीन वर्ष से हृदय रोगियों का उपचार कर रहा था। ऐसे में उपचार पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। साथ ही नियुक्ति करने वाले अधिकारियों की कार्यप्रणाली भी संदिग्ध के घेरे में आ गई है।

सात नवंबर 2022 को ली थी ज्वाइनिंग 
जनपद में स्वास्थ्य विभाग ने हृदय रोगियों को उपचार की सुविधा देने के लिए नेशनल हेल्थ मिशन के अंतर्गत एनसीडी सेल में कार्डियोलॉजिस्ट एवं जनरल मेडिसिन के पद के लिए विज्ञप्ति जारी की थी। चिकित्सक ने विज्ञप्ति पर आवेदन किया था स्वास्थ्य विभाग की टीम ने चिकित्सक का साक्षात्कार किया। साथ ही दस्तावेजों की जांच की। इसके साथ ही चिकित्सक ने सात नवंबर 2022 को ज्वाइनिंग लेकर कार्य शुरु किया। चिकित्सक को नियुक्त पर एनसीडी सेल में ओपीडी कक्ष दिया गया, साथ ही गहन ह्रदय चिकित्सा इकाई की जिम्मेदारी दी गई। तब से लगातार सेवाएं दे रहा था। यहां पर सुगर, वीपी के मरीजों के साथ ही ह्रदय रोग के मरीजों को उपचार दे रहा था। अब तक किसी को कोई जानकारी नहीं थी।

सेवाओं से दिया त्याग पत्र
मंगलवार को चिकित्सक की बहन मेडिकल कॉलेज के एनसीडी सेल में आई और जानकारी ली। इसके बाद चिकित्सक को शिकायत की भनक लग गई। इसके चलते चिकित्सक ने अपनी सेवाओं से त्यागपत्र दे दिया। इसके बाद बुधवार को बहन ने मेडिकल कॉलेज में पहुंच कर शिकायत की। ऐसे में चिकित्सक का शिकायत से पहले त्यागपत्र देने का मामला गहरा गया।

वर्ष 2022 में चिकित्सक ने किया था ज्वाइन
वर्ष 2022 में चिकित्सक ने कार्डियो एवं जनरल मेडिसिन के पद पर ज्वाइनिंग ली थी। इसमें चिकित्सक ने एमबीबीएस व एमडी की डिग्री लगाई थी। इसमें वर्ष 1991 में मेडिकल कॉलेज कलकत्ता से एमबीबीएस पास व 1996 में अलीगढ़ मेडिकल यूनीवर्सिटी से एमडी करने की डिग्री दर्शाई गई है। चिकित्सक को प्रतिमाह डेढ़ लाख रुपये वेतन दिया जा रहा था।

इनका यह है कहना
मेडिकल कॉलेज में कार्यरत चिकित्सक पर एक महिला ने गलत डिग्री का प्रयोग कर नौकरी करने का आरोप लगाया है। इस प्रकरण की गहनता से जांच कराई जा रही है। - सत्यप्रकाश, जिलाधिकारी

महिला ने मेडिकल कॉलेज में आकर कार्डियोलॉजिस्ट चिकित्सक पर दूसरे के दस्तावेजन लगाकर नौकरी करने के आरोप लगाए हैै। साथ ही दस्तावेज सत्यापन की मांग की है। मामले की जानकारी जिलाधिकारी को दी गई है। निर्देश मिलने पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. मयंक कुमार शुक्ला, प्रधानाचार्य, मेडिकल कॉलेज


जिला प्रशासन के आदेश पर मेडिकल कॉलेज में कार्यरत कार्डियोलॉजिस्ट चिकित्सक के दस्तावेजों की फोटो के साथ सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। - - डॉ. अमित तिवारी, प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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