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Lalitpur News: लकड़ी का अभाव, रातभर नहीं जल पा रहे अलाव

Sun, 08 Jan 2023 11:48 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 08 Jan 2023 11:48 PM IST
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Lack of wood, bonfires are unable to burn overnight
ललितपुर। कोहरे और शीतलहर के चलते लगातार सर्दी बढ़ती जा रही है। शहर में लोगों को अलाव के जरिए सर्दी से राहत देने के इंतजाम ठप नजर आ रहे हैं। सरकारी अफसरों का दावा है कि हर रोज अलाव पर 15 से 20 किलो लकड़ी डाली जा रही है, लेकिन लकड़ी कुछ घंटों में ही खत्म हो जाती है। इसके चलते लोग कूड़ा, पॉलिथीन जलाकर सर्दी से राहत पाने को मजबूर हैं। रविवार सुबह अमर उजाला टीम ने शहर में जलने वाले अलावों की हकीकत जानी तो कई जगहों पर अलाव जलते नहीं मिले।
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रस्सी जलाकर तापते दिखे यात्री
सुबह 4.30 बजे: स्थान क्षेत्रपाल मंदिर के निकट
शहर के प्रमुख क्षेत्रपाल मंदिर के पास सुबह स्टेशन जाने वाले यात्री अथवा टेंपो चालक सर्दी से बचाव के लिए रस्सी जलाकर तापते नजर आए। पूछने पर बताया कि यहां पर अलाव नहीं जलता है। वहीं घंटाघर स्थित मुख्यमार्ग पर लोग कचरा जलाकर ताप रहे थे। यहां भी अलाव के नाम पर एक लकड़ी नजर नहीं आई।
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पॉलिथीन जलाकर दूर रहे कर रहे सर्दी
सुबह 4.45- बजे:रेलवे स्टेशन के सामने
कड़ाके की ठंड में रेलवे स्टेशन सामने यात्री कूड़ा कचरे में पड़ी पॉलिथीन जलाकर ताप रहे थे। इनका कहना था कि यहां पर सुबह अलाव नहीं जलता है जिससे कचरा जलाकर ताप लेते हैं। वहीं रेलवे टिकट घर के सामने भी लोग कचरा जलाकर तापते नजर आए।
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सुबह-6.30 बजे - बस स्टैंड
पालिका रैन बसेरों में यात्रियों को सुविधाओं का देने का दावा कर रही है, लेकिन दोमहिलाओं ने बस छूट जाने के चलते बस स्टैंड के प्रतीक्षालय के बाहर बैठकर रात काटी। महिलाओं ने बताया कि वे पूरी रात बच्चे के साथ पॉलिथीन बिछाकर चादर ओढकर बैठी रहीं। उन्हें झांसी जाना था लेकिन रात में बस छूट गई थी। गांव वापस जाने का भी कोई साधन नहीं था। वहीं बस स्टैंड पर भी कोई अलाव नहीं जल रहा था। यहां भी यात्री कचरे के पास तापते नजर आए।
शहर में जल रहे अलाव-18 स्थान
अलाव में जलने वाली लकड़ी-15 से 20 किलो प्रति अलाव
बीते साल स्टेशन पर सर्दी में मर गया था भिखारी
बीते साल स्टेशन पर लगे तिरंगा झंडा के निकट एक भिखारी ने सर्दी के चलते दम तोड़ दिया था लेकिन तत्कालीन अफसरों ने इसे सर्दी से मौत होने से इन्कार कर दिया था। जिसके चलते उसके शव का पोस्टमार्टम के बाद अज्ञात में उसके शव का अंतिम संस्कार करा दिया गया था।

शहर में 18 स्थानों पर सर्दी से बचाव के लिए अलाव जलाए जा रहे हैं। रैन बसेरा व रेलवे स्टेशन पर अलाव के लिए अधिक लकड़ी दी जा रही है, जिससे सुबह तक अलाव जलता रहे।- निहालचंद्र, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद
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