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घर में फांसी पर लटका मिला पल्लेदार का शव
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sucide image.jpg
- फोटो : sucide image.jpg
ललितपुर। नेहरूनगर चौकी के अंतर्गत मोहल्ला सिद्धनपुरा निवासी एक पल्लेदार ने अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पत्नी ने आरपीएफ पर रेल लाइन पार करते समय उससे मारपीट कर रुपये छीनने के आरोप लगाए हैं। आरोप है कि इसी से क्षुब्ध होकर उसके पति ने फांसी लगाई है।
मोहल्ला सिद्धनपुरा, टौरिया मंदिर के पास निवासी दया रैकवार (50) पुत्र घनश्याम गल्ला मंडी में पल्लेदार का काम करता था। उसकी पत्नी बृहस्पतिवार को दोपहर में एक शादी समारोह में पंजाब मेल एक्सप्रेस से भोपाल गई थी। उसे भी शुुक्रवार को इस शादी में जाना था। वह बृहस्पतिवार को सुबह पल्लेदारी का काम करने के लिए सुबह गल्ला मंडी गया और शाम को करीब छह बजे घर लौटा। इसके बाद उसने सब्जी बनाई और खाना खाकर अपने भतीजों को खिलाया। इसके बाद वह अपने कमरे में चला गया। रात करीब 10 बजे उसका भतीजा अजय जब दया के कमरे में जाने लगा तो कमरा अंदर से बंद मिला। उसने आवाज लगाई, लेकिन दरवाजा नहीं खुला तो उसने खिड़की से झांका, अंदर दया का शव पंखे पर साड़ी के सहारे फांसी के फंदे पर लटक रहा था। उसके चिल्लाने पर अन्य परिजन भी वहां पहुंच गए और दरवाजा तोड़ा गया। जानकारी मिलने पर नेहरूनगर चौकी की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
उधर, मृतक की पत्नी सुमन देवी ने नेहरूनगर चौकी पुलिस को शिकायत पत्र देकर आरोप लगाया है कि उसका पति दया रैकवार रोजाना की तरह 10 दिसंबर को सुबह 10 बजे मंडी में पल्लेदारी करने जा रहा था। रेलवे ओवरब्रिज बंद होने की वजह से वह वैगन के पास से रेल लाइन पार कर रहा था तभी आरपीएफ ने पकड़कर उससे मारपीट की और गालियां देकर दया की जेब में रखे 500 छीन लिए। यही घटना शाम को भी हुई जब वह वापस आ रहा था। आरोप है कि इसी से क्षुब्ध होकर उसके पति ने घर आकर फांसी लगाई है। पीड़िता ने नेहरूनगर चौकी पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।
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पल्लेदार के फांसी लगाने की जानकारी पर मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मृतक की पत्नी ने आरपीएफ कर्मियों पर आरोप लगाए हैं, लेकिन घटना स्थल जीआरपी के अंतर्गत आता है।
दयाशंकर सिंह, प्रभारी चौकी नेहरूनगर।
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इस व्यक्ति का रेल लाइन पार करने के चलते चालान किया गया था, जिसकी चालान राशि झांसी में भरनी होती है। इसके लिए निर्धारित तारीख का समय भी दिया जाता है। मारपीट करने के आरोप निराधार हैं।
वीरेंद्र कुमार चौधरी, थानाध्यक्ष आरपीएफ।
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मोहल्ला सिद्धनपुरा, टौरिया मंदिर के पास निवासी दया रैकवार (50) पुत्र घनश्याम गल्ला मंडी में पल्लेदार का काम करता था। उसकी पत्नी बृहस्पतिवार को दोपहर में एक शादी समारोह में पंजाब मेल एक्सप्रेस से भोपाल गई थी। उसे भी शुुक्रवार को इस शादी में जाना था। वह बृहस्पतिवार को सुबह पल्लेदारी का काम करने के लिए सुबह गल्ला मंडी गया और शाम को करीब छह बजे घर लौटा। इसके बाद उसने सब्जी बनाई और खाना खाकर अपने भतीजों को खिलाया। इसके बाद वह अपने कमरे में चला गया। रात करीब 10 बजे उसका भतीजा अजय जब दया के कमरे में जाने लगा तो कमरा अंदर से बंद मिला। उसने आवाज लगाई, लेकिन दरवाजा नहीं खुला तो उसने खिड़की से झांका, अंदर दया का शव पंखे पर साड़ी के सहारे फांसी के फंदे पर लटक रहा था। उसके चिल्लाने पर अन्य परिजन भी वहां पहुंच गए और दरवाजा तोड़ा गया। जानकारी मिलने पर नेहरूनगर चौकी की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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उधर, मृतक की पत्नी सुमन देवी ने नेहरूनगर चौकी पुलिस को शिकायत पत्र देकर आरोप लगाया है कि उसका पति दया रैकवार रोजाना की तरह 10 दिसंबर को सुबह 10 बजे मंडी में पल्लेदारी करने जा रहा था। रेलवे ओवरब्रिज बंद होने की वजह से वह वैगन के पास से रेल लाइन पार कर रहा था तभी आरपीएफ ने पकड़कर उससे मारपीट की और गालियां देकर दया की जेब में रखे 500 छीन लिए। यही घटना शाम को भी हुई जब वह वापस आ रहा था। आरोप है कि इसी से क्षुब्ध होकर उसके पति ने घर आकर फांसी लगाई है। पीड़िता ने नेहरूनगर चौकी पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।
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पल्लेदार के फांसी लगाने की जानकारी पर मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मृतक की पत्नी ने आरपीएफ कर्मियों पर आरोप लगाए हैं, लेकिन घटना स्थल जीआरपी के अंतर्गत आता है।
दयाशंकर सिंह, प्रभारी चौकी नेहरूनगर।
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इस व्यक्ति का रेल लाइन पार करने के चलते चालान किया गया था, जिसकी चालान राशि झांसी में भरनी होती है। इसके लिए निर्धारित तारीख का समय भी दिया जाता है। मारपीट करने के आरोप निराधार हैं।
वीरेंद्र कुमार चौधरी, थानाध्यक्ष आरपीएफ।