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कुंडलपुर महोत्सव: पाषाण बनेंगे पूज्य, उमड़ा श्रावक-श्राविकाओं का हुजूम
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झांसी/ललितपुर। दमोह जिले के कुंडलपुर में पाषाण को पूज्य बनाने का अनुष्ठान शुरू हो चुका है। इस अनुष्ठान में बड़े बाबा भगवान आदिनाथ, छोटे बाबा आचार्य विद्यासागर महराज और 250 से अधिक जैन संतों का आशीर्वाद पाने के लिए श्रावक-श्राविकाओं का हुजूम उमड़ पड़ा है। हालात यह हैं कि अब तक महोत्सव में 25 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुुंच चुके हैं। आने वाले दिनों में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। मंगलवार को महोत्सव में भक्तामर विधान के साथ पात्रोें की शुद्धि की मांगलिक क्रियाएं हुईं।
कुंडलपुर महामहोत्सव में आचार्य विद्या सागर महाराज ने कहा कि यह ऐसा धार्मिक अनुष्ठान है जो कई गुणित फल देने वाला है इसमें सम्मलित श्रावक विशुद्ध भाव से भगवान की भक्ति कर सातिशय पुण्य का अर्जन करेंगे। उन्होंने बडे बाबा का गुणानुवाद करते हुए कहा प्रभु के चरणों में ही सुख शांति की अनुभूति होती है। बडे़ बाबा के दर्शन मन को तृप्त करने वाले हैं।
महामहोत्सव में भाग लेने जिले से गए श्रद्धालुओं ने बताया कि मंगलवार को सुबह आचार्य श्री की पूजन आर्यिकारत्न मृदुमति माता के सानिध्य में हुई जिसमें श्रावकों ने भक्तिपूर्वक अर्घ्य समर्पित किए। मध्याह्न में आचार्य श्री के ससंघ सानिध्य में पात्र शुद्धि की मांगलिक क्रियाएं एवं भक्तांमर विधान बाल ब्रहमचारी विनय जैन बंडा के निर्देशन में हुई।
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जैनेश्वरी दीक्षा के लिए आचार्यश्री से की विनय
महोत्सव में आचार्य श्री विद्यासागर जी के ससंघ सानिध्य में तप कल्याणक महोत्सव पर जैनेश्वरी दीक्षा संभावित हैं। जिसको लेकर सैकडों की संख्या में ब्रह्मचारी एवं ब्रह्मचारिणी आचार्य से दीक्षा हेतु विनय कर रहे हैं। इस कतार में जनपद के कई श्रावक भी हैं। उनका कहना है उम्मीद है कि बडे बाबा की कृपा और गुरू के आशीष से हमारा कल्याण हो हम प्रतिदिन प्रभु से विनय करते हैं।
400 एकड़ में बनी अयोध्या नगरी
दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र कुंडलपुर की भूमि पर 400 एकड़ में अयोध्या नगरी का निर्माण किया गया है। इस महोत्सव में 90 मुनि और 160 आर्यिका माताओं का सानिध्य मिल रहा है। साथ ही दो हजार से अधिक प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा की जानी है। ललितपुर जैन पंचायत के मीडिया प्रभारी जैन पंचायत अक्षय अलया ने बताया कि आज 16 फरवरी को गर्भकल्याणक पूर्व रूप की क्रियाएं एवं रात्रि में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
नौ भोजनशालाओं में 25 हजार लोगों का भोजन
महोत्सव में नौ अलग अलग भोजनशाला बनाई गई हैं। इनमें 25 हजार लोगों के एक साथ भोजन करने की व्यवस्था की गई है। आम यात्रियों से लेकर, मुख्य पात्रों, सामान्य पात्रों, त्यागी वृत्तियों, स्वयं सेवकों के लिये अलग अलग भोजनशालायें तैयार की गई हैं। इनमें भोजन बनाने के लिये रतलाम, इंदौर, विदिशा से हजारों लोगों की टीमें पहुंच चुकी हैं। वहीं कुछ स्वयंसेवी संस्थाओं ने सभी अतिथियों के लिये निशुल्क नाश्ते के स्टॉल लगाए हैं। महोत्सव के प्रिंट मीडिया प्रभारी महेंद्र जैन ने बताया कि सारी भोजनाशालाएं शुरू कर दी गई हैं।
गुरूदेव आचार्य विद्यासागर महाराज के विशाल संघ के सानिध्य को देखकर वह सभी लोग सुखद अनुभूति कर रहे हैं। जिन्होंने ललितपुर से जाकर प्रभु को उच्चासन पर विराजित करने में कार सेवा की।-मोदी पंकज जैन प्रबंधक
जीवन में इतने साधु-संत एक साथ नहीं देखे। इस समय ऐसा लग रहा है, जैसे भगवान का समवशरण कुंडलपुर में लगा हो। जिसका साक्षात दर्शन कर रहे हैं।-संजीव जैन, शिक्षा मंत्री जैन पंचायत
क्षेत्रपाल मंदिर बडे़ बाबा और गुरू चरणों की धूल जिसके माथे पर लगाकर जन्म जन्मो के पापों का क्षय होता है। वह लोग सौभाग्यशाली हैं, जिन्होंने पात्रों के रूप में चयनित होकर पुर्ण्याजन किया।-राजेंद्र जैन थनवारा मंदिर, प्रबंधक क्षेत्रपाल
कुंडलपुर महोत्सव आचार्य विद्यासागर महाराज की देन है। जिसे देख स्वर्ग लोक में देवगण भी आनंद की अनुभूति कर रहे हैं। इसको देखकर हमारी 82 साल की उम्र तृप्त हो गई। -शीलचंद जैन अनौरा, निर्माण प्रमुख
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कुंडलपुर महामहोत्सव में आचार्य विद्या सागर महाराज ने कहा कि यह ऐसा धार्मिक अनुष्ठान है जो कई गुणित फल देने वाला है इसमें सम्मलित श्रावक विशुद्ध भाव से भगवान की भक्ति कर सातिशय पुण्य का अर्जन करेंगे। उन्होंने बडे बाबा का गुणानुवाद करते हुए कहा प्रभु के चरणों में ही सुख शांति की अनुभूति होती है। बडे़ बाबा के दर्शन मन को तृप्त करने वाले हैं।
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महामहोत्सव में भाग लेने जिले से गए श्रद्धालुओं ने बताया कि मंगलवार को सुबह आचार्य श्री की पूजन आर्यिकारत्न मृदुमति माता के सानिध्य में हुई जिसमें श्रावकों ने भक्तिपूर्वक अर्घ्य समर्पित किए। मध्याह्न में आचार्य श्री के ससंघ सानिध्य में पात्र शुद्धि की मांगलिक क्रियाएं एवं भक्तांमर विधान बाल ब्रहमचारी विनय जैन बंडा के निर्देशन में हुई।
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जैनेश्वरी दीक्षा के लिए आचार्यश्री से की विनय
महोत्सव में आचार्य श्री विद्यासागर जी के ससंघ सानिध्य में तप कल्याणक महोत्सव पर जैनेश्वरी दीक्षा संभावित हैं। जिसको लेकर सैकडों की संख्या में ब्रह्मचारी एवं ब्रह्मचारिणी आचार्य से दीक्षा हेतु विनय कर रहे हैं। इस कतार में जनपद के कई श्रावक भी हैं। उनका कहना है उम्मीद है कि बडे बाबा की कृपा और गुरू के आशीष से हमारा कल्याण हो हम प्रतिदिन प्रभु से विनय करते हैं।
400 एकड़ में बनी अयोध्या नगरी
दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र कुंडलपुर की भूमि पर 400 एकड़ में अयोध्या नगरी का निर्माण किया गया है। इस महोत्सव में 90 मुनि और 160 आर्यिका माताओं का सानिध्य मिल रहा है। साथ ही दो हजार से अधिक प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा की जानी है। ललितपुर जैन पंचायत के मीडिया प्रभारी जैन पंचायत अक्षय अलया ने बताया कि आज 16 फरवरी को गर्भकल्याणक पूर्व रूप की क्रियाएं एवं रात्रि में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
नौ भोजनशालाओं में 25 हजार लोगों का भोजन
महोत्सव में नौ अलग अलग भोजनशाला बनाई गई हैं। इनमें 25 हजार लोगों के एक साथ भोजन करने की व्यवस्था की गई है। आम यात्रियों से लेकर, मुख्य पात्रों, सामान्य पात्रों, त्यागी वृत्तियों, स्वयं सेवकों के लिये अलग अलग भोजनशालायें तैयार की गई हैं। इनमें भोजन बनाने के लिये रतलाम, इंदौर, विदिशा से हजारों लोगों की टीमें पहुंच चुकी हैं। वहीं कुछ स्वयंसेवी संस्थाओं ने सभी अतिथियों के लिये निशुल्क नाश्ते के स्टॉल लगाए हैं। महोत्सव के प्रिंट मीडिया प्रभारी महेंद्र जैन ने बताया कि सारी भोजनाशालाएं शुरू कर दी गई हैं।
गुरूदेव आचार्य विद्यासागर महाराज के विशाल संघ के सानिध्य को देखकर वह सभी लोग सुखद अनुभूति कर रहे हैं। जिन्होंने ललितपुर से जाकर प्रभु को उच्चासन पर विराजित करने में कार सेवा की।-मोदी पंकज जैन प्रबंधक
जीवन में इतने साधु-संत एक साथ नहीं देखे। इस समय ऐसा लग रहा है, जैसे भगवान का समवशरण कुंडलपुर में लगा हो। जिसका साक्षात दर्शन कर रहे हैं।-संजीव जैन, शिक्षा मंत्री जैन पंचायत
क्षेत्रपाल मंदिर बडे़ बाबा और गुरू चरणों की धूल जिसके माथे पर लगाकर जन्म जन्मो के पापों का क्षय होता है। वह लोग सौभाग्यशाली हैं, जिन्होंने पात्रों के रूप में चयनित होकर पुर्ण्याजन किया।-राजेंद्र जैन थनवारा मंदिर, प्रबंधक क्षेत्रपाल
कुंडलपुर महोत्सव आचार्य विद्यासागर महाराज की देन है। जिसे देख स्वर्ग लोक में देवगण भी आनंद की अनुभूति कर रहे हैं। इसको देखकर हमारी 82 साल की उम्र तृप्त हो गई। -शीलचंद जैन अनौरा, निर्माण प्रमुख
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