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Lalitpur News: प्रेरणा कैंटीनों की आय बढ़ाने के लिए केरल का एनजीओ कर रहा सर्वे
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। सरकारी कार्यालयों में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत प्रेरणा कैंटीन का संचालन किया जा रहा है। इन कैंटीन की आय बढ़ाने के लिए केरल से आई संस्था के सदस्य सर्वे कर रहे हैं। वे यहां की 15 कैंटीनों का सर्वे कर राज्य सरकार को एक रिपोर्ट प्रेषित करेंगे।
सरकारी संस्थाओं में स्वयं सहायता समूह से संचालित कैंटीनों का सर्वे करने के लिए केरल में एनजीओ के सदस्य जनपद में आए हैं। वे यहां कैंटीनों का सर्वे करेंगे, साथ ही उन्हें अधिक आय अर्जित करने के तरीके भी बताएंगे। जिन जगहों पर कैंटीनों को कम आय हो रही है, वहां उनके कारणों की तलाश कर उनके निस्तारण के लिए अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन व शासन को सौंपेंगे। एनजीओ की सदस्य दिव्या ने सीडीओ केके पांडेय से भेंट कर बताया कि अधिकांश कैंटीन की आय इसलिए भी कम होती है कि वे बिना समय कुछ खाद्य सामग्री तैयार कर लेते हैं, जिससे उन्हें घाटा लग जाता है। जैसे नाश्ते का समय सुबह आठ से दस बजे तक होता है और कई कैंटीन वाले दस बजे के बाद पोहा बनाकर रखते हैं, इसे लोग नहीं पसंद करते। ऐसे में वह खराब हो जाता है। यहां सभी विकास खंड मुख्यालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला अस्पताल, डीएम व सीडीओ कार्यालय में कैंटीन संचालित हो रहे हैं।
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ललितपुर। सरकारी कार्यालयों में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत प्रेरणा कैंटीन का संचालन किया जा रहा है। इन कैंटीन की आय बढ़ाने के लिए केरल से आई संस्था के सदस्य सर्वे कर रहे हैं। वे यहां की 15 कैंटीनों का सर्वे कर राज्य सरकार को एक रिपोर्ट प्रेषित करेंगे।
सरकारी संस्थाओं में स्वयं सहायता समूह से संचालित कैंटीनों का सर्वे करने के लिए केरल में एनजीओ के सदस्य जनपद में आए हैं। वे यहां कैंटीनों का सर्वे करेंगे, साथ ही उन्हें अधिक आय अर्जित करने के तरीके भी बताएंगे। जिन जगहों पर कैंटीनों को कम आय हो रही है, वहां उनके कारणों की तलाश कर उनके निस्तारण के लिए अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन व शासन को सौंपेंगे। एनजीओ की सदस्य दिव्या ने सीडीओ केके पांडेय से भेंट कर बताया कि अधिकांश कैंटीन की आय इसलिए भी कम होती है कि वे बिना समय कुछ खाद्य सामग्री तैयार कर लेते हैं, जिससे उन्हें घाटा लग जाता है। जैसे नाश्ते का समय सुबह आठ से दस बजे तक होता है और कई कैंटीन वाले दस बजे के बाद पोहा बनाकर रखते हैं, इसे लोग नहीं पसंद करते। ऐसे में वह खराब हो जाता है। यहां सभी विकास खंड मुख्यालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला अस्पताल, डीएम व सीडीओ कार्यालय में कैंटीन संचालित हो रहे हैं।
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