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जल्द ही रोशन होगी कांशीराम कालोनी
Thu, 21 Feb 2019 12:54 AM IST
Pragyan dubey
lalitpur
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Published by: Pragyan dubey
Updated Thu, 21 Feb 2019 12:54 AM IST
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प्रशासन
- फोटो : sample
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\ललितपुर। राजकीय महाविद्यालय के सामने स्थित कांशीराम कालोनी में विद्युतीकरण को लेकर प्रयास तेज कर दिए गए हैं। बिजली विभाग ने इसके लिए करीब 64 लाख रुपये का एस्टीमेट तैयार कर जिलाधिकारी के माध्यम से दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक को भेजा है। अब विद्युत निगम की मंजूरी मिलने के बाद कालोनी में बिजली पहुंचने की उम्मीद बढ़ गई है। विगत तीन सप्ताह पूर्व इस कालोनी में निवास करने वाले एक वृद्ध दंपति की मौत मोमबत्ती से लगी आग में झुलसने के कारण हो गई थी। इसके बाद प्रशासन ने कालोनी में बिजली पहुंचाने की कवायद शुरू कर दी है।
शासन द्वारा हर घर बिजली, घर-घर बिजली के अंतर्गत सौभाग्य योजना लागू की गई है, जिसमें प्रत्येक गरीब व अन्य श्रेणी के सभी लोगों को बिजली पहुंचाकर वर्षों से अंधेरे में रहने वाले लोगों के जीवन को रोशन किए जाने का प्रयास किया जा रहा है। जो लोग छूट भी गए है या फिर इस योजना में अधिक खर्च भी आ रहा है, तो वहां अन्य माध्यम जैसे सोलर संयंत्रों से रोशन किया जा रहा है। सौभाग्य योजना में पूरे जनपद में करीब 75 हजार लोगों के घरों को रोशन करने का लक्ष्य है, जिसमें लगभग 60 हजार से अधिक घरों को रोशन भी कर दिया गया है, लेकिन शहर में ही स्थित राजकीय महाविद्यालय के सामने चंद मीटर की दूरी पर गरीबों के निवास के लिए बनाई गई कांशीराम कालोनी अब भी मूल भूत सुविधाओं से वंचित है। इस कालोनी का निर्माण करीब छह वर्ष पूर्व होकर यहां गरीबों को आवासों का आवंटन भी हो गया था और वर्तमान में करीब साढ़े चार सौ परिवार इस कालोनी में निवास करते हैं। कालोनी के निर्माण और आवंटन के छह वर्ष बीत जाने के बाद भी अब तक कालोनी में विद्युतीकरण नहीं हो सका है। ऐसे में यहां के वाशिंदों को अब तक अंधेरे में ही रहकर नारकीय जीवन जीने को मजबूर होना पड़ रहा है। कई बार यहां के लोगों ने आंदोलन भी किए और बिजली विभाग का घेराव कर बिजली की मांग की। यहां तक कि कालोनीवासियों ने जनप्रतिनिधियों व मंत्रियों को भी समस्या से अवगत कराया, लेकिन सिर्फ आश्वासन ही दिया जा सका, विद्युतीकरण के लिए कोई ठोस पहल नहीं की जा सकी। विगत तीन सप्ताह पूर्व ही कालोनी में निवासरत वृद्ध दंपति रात में मोमबत्ती जलाकर सो गए और देर रात में सोने के दौरान उनके कपड़ों में आग लग गई और वृद्ध दंपति उस आग में जलकर मर गए। बिजली के अभाव में मोमबत्ती की आग में वृद्ध दंपति की मौत के बाद शासन योजना की भी जमकर आलोचना हुई थी। इसके बाद प्रशासन कालोनी में विद्युतीकरण के लिए सक्रिय हो गया और डीएम ने मामले का संज्ञान लेते हुए विद्युत विभाग को विभागीय बजट के आधार पर कालोनी में विद्युतीकरण कराने का प्रस्ताव तैयार किया और विभाग द्वारा बनाए गए करीब 64 लाख रुपए के एस्टीमेट को विभागीय बजट से कालोनी में विद्युुतीकरण कराने के लिए दक्षिणांचल विद्युती वितरण निगम के प्रबंध निदेशक को प्रस्ताव भेजा। ऐसे में यदि प्रबंध निदेशक द्वारा स्वीकृति मिल जाती है तो शीघ्र ही कालोनी को रोशन करने के लिए विद्युतीकरण का कार्य शुरू किया जा सकता है।
कांशीराम कालोनी में बिजली पहुंचाने के लिए 64 लाख रुपये का एस्टीमेट तैयार किया गया है और विभागीय बजट से कालोनी में विद्युतीकरण के लिए एमडी को प्रस्ताव भेजा गया है। प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने पर कालोनी में विद्युतीकरण का कार्य कराया जाएगा।
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शैलेंद्र कुमार कटियार, अधिशासी अभियंता, विद्युत।
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शासन द्वारा हर घर बिजली, घर-घर बिजली के अंतर्गत सौभाग्य योजना लागू की गई है, जिसमें प्रत्येक गरीब व अन्य श्रेणी के सभी लोगों को बिजली पहुंचाकर वर्षों से अंधेरे में रहने वाले लोगों के जीवन को रोशन किए जाने का प्रयास किया जा रहा है। जो लोग छूट भी गए है या फिर इस योजना में अधिक खर्च भी आ रहा है, तो वहां अन्य माध्यम जैसे सोलर संयंत्रों से रोशन किया जा रहा है। सौभाग्य योजना में पूरे जनपद में करीब 75 हजार लोगों के घरों को रोशन करने का लक्ष्य है, जिसमें लगभग 60 हजार से अधिक घरों को रोशन भी कर दिया गया है, लेकिन शहर में ही स्थित राजकीय महाविद्यालय के सामने चंद मीटर की दूरी पर गरीबों के निवास के लिए बनाई गई कांशीराम कालोनी अब भी मूल भूत सुविधाओं से वंचित है। इस कालोनी का निर्माण करीब छह वर्ष पूर्व होकर यहां गरीबों को आवासों का आवंटन भी हो गया था और वर्तमान में करीब साढ़े चार सौ परिवार इस कालोनी में निवास करते हैं। कालोनी के निर्माण और आवंटन के छह वर्ष बीत जाने के बाद भी अब तक कालोनी में विद्युतीकरण नहीं हो सका है। ऐसे में यहां के वाशिंदों को अब तक अंधेरे में ही रहकर नारकीय जीवन जीने को मजबूर होना पड़ रहा है। कई बार यहां के लोगों ने आंदोलन भी किए और बिजली विभाग का घेराव कर बिजली की मांग की। यहां तक कि कालोनीवासियों ने जनप्रतिनिधियों व मंत्रियों को भी समस्या से अवगत कराया, लेकिन सिर्फ आश्वासन ही दिया जा सका, विद्युतीकरण के लिए कोई ठोस पहल नहीं की जा सकी। विगत तीन सप्ताह पूर्व ही कालोनी में निवासरत वृद्ध दंपति रात में मोमबत्ती जलाकर सो गए और देर रात में सोने के दौरान उनके कपड़ों में आग लग गई और वृद्ध दंपति उस आग में जलकर मर गए। बिजली के अभाव में मोमबत्ती की आग में वृद्ध दंपति की मौत के बाद शासन योजना की भी जमकर आलोचना हुई थी। इसके बाद प्रशासन कालोनी में विद्युतीकरण के लिए सक्रिय हो गया और डीएम ने मामले का संज्ञान लेते हुए विद्युत विभाग को विभागीय बजट के आधार पर कालोनी में विद्युतीकरण कराने का प्रस्ताव तैयार किया और विभाग द्वारा बनाए गए करीब 64 लाख रुपए के एस्टीमेट को विभागीय बजट से कालोनी में विद्युुतीकरण कराने के लिए दक्षिणांचल विद्युती वितरण निगम के प्रबंध निदेशक को प्रस्ताव भेजा। ऐसे में यदि प्रबंध निदेशक द्वारा स्वीकृति मिल जाती है तो शीघ्र ही कालोनी को रोशन करने के लिए विद्युतीकरण का कार्य शुरू किया जा सकता है।
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कांशीराम कालोनी में बिजली पहुंचाने के लिए 64 लाख रुपये का एस्टीमेट तैयार किया गया है और विभागीय बजट से कालोनी में विद्युतीकरण के लिए एमडी को प्रस्ताव भेजा गया है। प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने पर कालोनी में विद्युतीकरण का कार्य कराया जाएगा।
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शैलेंद्र कुमार कटियार, अधिशासी अभियंता, विद्युत।