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पचास लाख से होगा झूमरनाथ मंदिर का विकास
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- फोटो : mandir.jpg
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ललितपुर। पर्यटन स्थलों के विकास के तहत बार क्षेत्र के झूमरनाथ मंदिर केे लिए शासन द्वारा 50 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इससे सड़क, बिजली, पानी और श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाओं के इंतजाम किए गए जाएंगे। यहां प्रसिद्ध तांत्रिक चंद्रास्वामी ने पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव के लिए यज्ञ किया था। इसके अलावा सदर विधायक द्वारा करकरावल जलप्रपात और मानसरोवर तालाब के विकास के लिए भी प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है।
जिला मुख्यालय से करीब 45 किलोमीटर दूर बार क्षेत्र में रजपुरा गांव के पास प्राचीन प्रसिद्ध झूमरनाथ मंदिर स्थित है। यहां एक पत्थरों की गुफा के अंदर प्राकृतिक शिवलिंग स्थापित है। ऐसी मान्यता है कि यह 30 वर्ष पहले तक काफी छोटे आकार में था लेकिन समय के साथ-साथ शिवलिंग और गुफा का आकार लगातार बढ़ता गया और अब लोग गुफा के अंदर तक जाकर शिवलिंग को जल अर्पित करने लगे हैं। यहां प्रसिद्ध तांत्रिक चंद्रास्वामी ने पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव के लिए यज्ञ किया था। तब से इसकी प्रसिद्धि और ज्यादा बढ़ गई। लेकिन यहां अब तक बिजली, पानी और सड़क जैसे इंतजाम नहीं होने के कारण लोगों को काफी परेशानी भी होती है। अब जल्द ही इस मंदिर का विकास हो सकेगा। इसके लिए सदर विधायक के प्रस्ताव के तहत झूमरनाथ मंदिर के विकास के लिए प्रदेश शासन द्वारा 50 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत स्वीकृत कर दी गई है, जिससे अब यहां सड़क की मरम्मत, बिजली, पानी के साथ ही यहां श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए छायादार पक्के निर्माण के इंतजाम हो सकेंगे। इसके अलावा सदर विधायक द्वारा जखौरा क्षेत्र से करीब आठ किलोमीटर दूर बेतवा नदी के तट पर बना करकरावल जलप्रपात और तालबेहट के मानसरोवर तालाब पर पर्यटन के क्षेत्र में विकास के लिए भी प्रस्ताव शासन को भेजे गए हैं। लेकिन अभी शासन द्वारा सिर्फ झूमरनाथ मंदिर के विकास के लिए ही राशि स्वीकृत की गई है।
पर्यटन की दृष्टि से झूमरनाथ मंदिर के विकास के लिए शासन द्वारा 50 लाख रुपये की राशि बजट से पहले ही स्वीकृत कर दी गई है, जिसके तहत शीघ्र ही मंदिर परिसर में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को दृष्टिगत विकास कार्य किए जाएंगे। करकरावल जल प्रपात एवं मानसरोवर के विकास के लिए प्रस्ताव शासन को भेजे गए हैं।
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- रामरतन कुशवाहा, सदर विधायक।
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जिला मुख्यालय से करीब 45 किलोमीटर दूर बार क्षेत्र में रजपुरा गांव के पास प्राचीन प्रसिद्ध झूमरनाथ मंदिर स्थित है। यहां एक पत्थरों की गुफा के अंदर प्राकृतिक शिवलिंग स्थापित है। ऐसी मान्यता है कि यह 30 वर्ष पहले तक काफी छोटे आकार में था लेकिन समय के साथ-साथ शिवलिंग और गुफा का आकार लगातार बढ़ता गया और अब लोग गुफा के अंदर तक जाकर शिवलिंग को जल अर्पित करने लगे हैं। यहां प्रसिद्ध तांत्रिक चंद्रास्वामी ने पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव के लिए यज्ञ किया था। तब से इसकी प्रसिद्धि और ज्यादा बढ़ गई। लेकिन यहां अब तक बिजली, पानी और सड़क जैसे इंतजाम नहीं होने के कारण लोगों को काफी परेशानी भी होती है। अब जल्द ही इस मंदिर का विकास हो सकेगा। इसके लिए सदर विधायक के प्रस्ताव के तहत झूमरनाथ मंदिर के विकास के लिए प्रदेश शासन द्वारा 50 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत स्वीकृत कर दी गई है, जिससे अब यहां सड़क की मरम्मत, बिजली, पानी के साथ ही यहां श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए छायादार पक्के निर्माण के इंतजाम हो सकेंगे। इसके अलावा सदर विधायक द्वारा जखौरा क्षेत्र से करीब आठ किलोमीटर दूर बेतवा नदी के तट पर बना करकरावल जलप्रपात और तालबेहट के मानसरोवर तालाब पर पर्यटन के क्षेत्र में विकास के लिए भी प्रस्ताव शासन को भेजे गए हैं। लेकिन अभी शासन द्वारा सिर्फ झूमरनाथ मंदिर के विकास के लिए ही राशि स्वीकृत की गई है।
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पर्यटन की दृष्टि से झूमरनाथ मंदिर के विकास के लिए शासन द्वारा 50 लाख रुपये की राशि बजट से पहले ही स्वीकृत कर दी गई है, जिसके तहत शीघ्र ही मंदिर परिसर में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को दृष्टिगत विकास कार्य किए जाएंगे। करकरावल जल प्रपात एवं मानसरोवर के विकास के लिए प्रस्ताव शासन को भेजे गए हैं।
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- रामरतन कुशवाहा, सदर विधायक।