ललितपुर। जैन मुनि आचार्य विशुद्ध सागर महाराज व्यक्तित्व-कृतित्व विषय पर डॉ. सुनील जैन संचय द्वारा प्रकाशित पुस्तक का सागर स्थित मोरा मंदिर में विमोचन किया गया। इस मौके पर वक्ताओं ने जैन मुनि महाराज के व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डाला।
जैन मुनि सुप्रभ सागर महाराज एवं मुनि प्रणत सागर महाराज के सानिध्य में आयोजित भव्य विमोचन कार्यक्रम में श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर, जयपुर के निदेशक डॉ. शीतल चंद्र जैन, राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित प्रो. फूलचंद्र जैन, अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन शास्त्र परिषद के अध्यक्ष डॉ श्रेयांस कुमार जैन, काशी हिंदू विश्वविद्यालय वाराणसी में प्रोफेसर डॉ. अशोक जैन, ब्रम्हकुमार जय निशांत, डॉ. सुशील जैन, डॉ. सुरेंद्र जैन, पं. विनोद जैन, राजेंद्र महावीर, डॉ. शोभालाल जैन, डॉ. पंकज जैन, डॉ. ज्योति जैन, पं. मुकेश, पुण्यार्जक परिवार, दीक्षार्थी ब्रह्मचारीगणों आदि ने मुनिराज के जीवन शैली पर प्रकाश डालते हुए पुस्तक के संपादन की सराहना की। डॉ. विरधीचंद्र जैन, लक्ष्मी जैन, चंद्रकुमार, हंसराज, दीपक जैन, डॉ. विकास जैन, डॉ. विशाल आदि ने प्रथम प्रति मुनिश्री को प्रदान की। संचालन पं. विनोद जैन ने किया। डॉ. सुनील संचय ने बताया कि उक्त कृति में पूज्य मुनिसुप्रभ सागर महाराज एवं परम पूज्य मुनि प्रणत सागर महाराज के सानिध्य में 2019 में मड़ावरा में आयोजित आचार्य विशुद्ध सागर महाराज के व्यक्तित्व-कृतित्व विषय पर आयोजित राष्ट्रीय विद्वत संगोष्ठी में विद्वानों द्वारा प्रस्तुत शोधलेखों को प्रकाशित किया गया।