फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   jain sant gyan sager mausoleum

आचार्यश्री का ललितपुर से रहा है गहरा नाता

Wed, 18 Nov 2020 01:23 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 18 Nov 2020 01:23 AM IST
विज्ञापन
jain sant gyan sager mausoleum
jain mandir.jpg - फोटो : jain mandir.jpg
ललितपुर। जैन धर्म के शीर्ष संतों में शुमार सारकोद्धारक राष्ट्रसंत आचार्य ज्ञानसागर महाराज का 15 नवंबर को समाधिमरण हो गया। आचार्यश्री राजस्थान के बारां शहर में चातुर्मास कर रहे थे। शाम छह बजे णमोकार मंत्र का जाप करते हुए उन्होंने देह का त्याग कर दिया। इससे जैन समाज में शोक की लहर फैल गई।
विज्ञापन

जैन पंचायत के अध्यक्ष अनिल अंचल ने बताया कि अहिंसा और शाकाहार को जन - जन में स्थापित करने हेतु उन्होंने अथक प्रयास किया है। आचार्यश्री का ललितपुर से गहरा नाता रहा है। उनका जाना गहरा आघात है। जैन पंचायत के महामंत्री डॉ अक्षय टडै़या ने कहा कि आचार्यश्री को क्षुल्लक गुणसागर के नाम से ललितपुर की पुरानी पीढ़ी परिचित है। संयोजक प्रदीप सतरवांस ने कहा कि आचार्यश्री का ललितपुर को अनेक बार सानिध्य मिला है, अनेक स्मृतियां भी उनसे जुड़ीं हैं।
विज्ञापन

डॉ. सुनील संचय ने बताया कि आचार्यश्री मेरे जीवन निर्माता थे, वह मेरे लिए भगवान से कम नहीं थे। 29 मार्च 2018 को महावीर जयंती के दिन पहली बार आचार्यश्री का 31वां दीक्षा दिवस मनाने का सौभाग्य ललितपुर को मिला था। स्याद्वाद शिक्षण परिषद के अध्यक्ष शीलचंद्र अनौरा ने बताया कि आचार्य सुमतिसागरजी महाराज के प्रिय शिष्य का जन्म मध्यप्रदेश के मुरैना में एक मई 1957 को हुआ था। आचार्यश्री के सानिध्य में गोशाला में संपन्न पंचकल्याणक महोत्सव को ललितपुर के लोग भूले नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

मंत्री अक्षय अलया ने बताया कि युवा चेतना को संस्कारित करने और उनकी प्रतिभा को प्रतिष्ठित करने की समाज को सदैव प्रेरणा प्रदान की है। सिरोनजी अतिशय क्षेत्र के अध्यक्ष हीरालाल खजुरिया, मंत्री गुलाबचंद जैन ने बताया कि सिरोनजी में एतिहासिक पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव हुआ था, जिसमें लाखों श्रद्धालु आए थे। जैन बैंक फोरम के अध्यक्ष सनत खजुरिया व मंत्री रमेश चंद्र ने बताया कि बैंक फोरम आचार्यश्री की प्रेरणा से संचालित है। श्रीश जैन ने बताया कि ज्ञानसागर महाराज ने अपने साधना काल में जितने भी कार्य किए, वे सभी देश और धर्म के उत्थान के लिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed