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मुख्यमंत्री के आदेश के बाद भी आइसोलेशन वार्ड तैयार नहीं
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ललितपुर। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद भी जिला अस्पताल में स्थित आइसोलेशन वार्ड को व्यवस्थित नहीं किया गया है। इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि कोराना वायरस से निपटने को लेकर जिले का स्वास्थ्य महकमा कितना गंभीर है।
चीन में फैले कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या बढ़कर 80 पहुंच गई है। इसके अलावा चीन में कई लोग इसकी चपेट में आ गए हैं। भारत में भी अब तक तीन लोगों को संदिग्ध मानते हुए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराकर जांच कराई जा रही है। वहीं, प्रदेश से सटे नेपाल बार्डर और एयरपोर्ट पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने सभी जिला अस्पतालों में दस बेड का आइसोलेशन वार्ड स्थापित करने के निर्देश दिए हैं, लेेकिन जिले में आइसोलेशन बार्ड को लेकर कोई सक्रियता नहीं है।
जिला अस्पताल में तृतीय तल पर आइसोलेशन वार्ड स्थापित किया गया है। जहां पर अस्पताल प्रबंधन द्वारा कक्ष के बाहर आइसोलेशन वार्ड की सूची तो चस्पा कर दी है, लेकिन सुविधाओं की अनदेखी की गई है। वार्ड में केवल पलंग डाल दिए गए हैं। गद्दों के ऊपर चादर तक नहीं डाली गई है। इतना ही नहीं संक्रमण नियंत्रण के इंतजाम नहीं किए गए हैं। पलंग खुले में अव्यवस्थित पड़े हैं। खिड़कियों में पर्दा भी नहीं लगाए गए हैं। कक्ष में दवाइयां नहीं हैं और न ही किसी प्रकार के उपयोग में आने वाली सामग्री को रखा गया है। इससे वार्ड में मिलने वाले उपचार की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
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यह है आइसोलेशन वार्ड
आइसोलेशन वार्ड में संक्रमित रोगियों को भर्ती किया जाता है। इस कक्ष में संक्रमण नियंत्रण की व्यवस्था होती है। प्रत्येक पलंग पर मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी लगाई जाती है। कक्ष को पूरी तरह से सुरक्षित रखा जाता है। इसमें किसी भी प्रकार की गंदगी नहीं होती है। वार्ड में प्रवेश करने वाले व्यक्ति को मॉस्क व सिर पर कैप लगाना होता है। इसमें चिकिन पॉक्स, डेंगू, स्वाइन फ्लू, कोरोना वायरस से पीड़ित मरीजों को भर्ती किया जाता है।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के आने के बाद वार्ड को व्यवस्थित किया जाएगा। वह मंगलवार को वापस आ रहे हैं।
- डा. राजेंद्र प्रसाद
प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
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चीन में फैले कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या बढ़कर 80 पहुंच गई है। इसके अलावा चीन में कई लोग इसकी चपेट में आ गए हैं। भारत में भी अब तक तीन लोगों को संदिग्ध मानते हुए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराकर जांच कराई जा रही है। वहीं, प्रदेश से सटे नेपाल बार्डर और एयरपोर्ट पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने सभी जिला अस्पतालों में दस बेड का आइसोलेशन वार्ड स्थापित करने के निर्देश दिए हैं, लेेकिन जिले में आइसोलेशन बार्ड को लेकर कोई सक्रियता नहीं है।
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जिला अस्पताल में तृतीय तल पर आइसोलेशन वार्ड स्थापित किया गया है। जहां पर अस्पताल प्रबंधन द्वारा कक्ष के बाहर आइसोलेशन वार्ड की सूची तो चस्पा कर दी है, लेकिन सुविधाओं की अनदेखी की गई है। वार्ड में केवल पलंग डाल दिए गए हैं। गद्दों के ऊपर चादर तक नहीं डाली गई है। इतना ही नहीं संक्रमण नियंत्रण के इंतजाम नहीं किए गए हैं। पलंग खुले में अव्यवस्थित पड़े हैं। खिड़कियों में पर्दा भी नहीं लगाए गए हैं। कक्ष में दवाइयां नहीं हैं और न ही किसी प्रकार के उपयोग में आने वाली सामग्री को रखा गया है। इससे वार्ड में मिलने वाले उपचार की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
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यह है आइसोलेशन वार्ड
आइसोलेशन वार्ड में संक्रमित रोगियों को भर्ती किया जाता है। इस कक्ष में संक्रमण नियंत्रण की व्यवस्था होती है। प्रत्येक पलंग पर मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी लगाई जाती है। कक्ष को पूरी तरह से सुरक्षित रखा जाता है। इसमें किसी भी प्रकार की गंदगी नहीं होती है। वार्ड में प्रवेश करने वाले व्यक्ति को मॉस्क व सिर पर कैप लगाना होता है। इसमें चिकिन पॉक्स, डेंगू, स्वाइन फ्लू, कोरोना वायरस से पीड़ित मरीजों को भर्ती किया जाता है।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के आने के बाद वार्ड को व्यवस्थित किया जाएगा। वह मंगलवार को वापस आ रहे हैं।
- डा. राजेंद्र प्रसाद
प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक