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Lalitpur News: मेडिकल कॉलेज में दो माह से बंद पड़ी जांच
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। मेडिकल कॉलेज में ट्रामा सेंटर के ऊपर बनी बीएसएल लैब लगभग दो माह से बंद पड़ी है। इससे न तो संक्रामक बीमारियों के मरीज चिह्नित हो पा रहे हैं और न ही सैंपल लेकर जांच के लिए बाहर भेजा जा पा रहा है।
कोरोना काल में बायोसेफ्टी लैब (बीएसएल) मेडिकल कॉलेज के ट्रामा सेंटर के प्रथम तल पर स्थापित की गई थी। शुरुआत में लैब से पर्याप्त मात्रा में कोरोना वायरस की जांच की गई। वहीं, अन्य जांच में एन्फ्लूएंजा, एलाईजा, चिकन पॉक्स, चिकनगुनिया समेत वायरस से फैलने वाली अन्य बीमारियों की जांच होती थी। इस जांच में बीमारी के साथ वायरस के प्रकार की भी जानकारी हो जाती थी।
लेकिन, लगभग दो माह से कोविड कर्मचारी के हटने के बाद लैब बंद हो गई है। इससे उक्त सभी प्रकार की जांच की सुविधा ठप हो गई है। अब हालात यह है कि न तो मरीजों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जा पा रहे हैं और न ही मरीज मिलने पर स्वास्थ्य विभाग को जानकारी दी जा रही है। ऐसे में मरीज तक चिह्नित नहीं हो पा रहे हैं।
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मेडिकल कॉलेज को संभावित मरीज मिलने की सूचना देने के लिए पत्र लिखा जाएगा, जिससे सैंपल लेकर जांच को भेजा जा सके। लैब में स्टॉफ के लिए पत्राचार किया जाएगा।
-डॉ. इम्तियाज अहमद, सीएमओ
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ललितपुर। मेडिकल कॉलेज में ट्रामा सेंटर के ऊपर बनी बीएसएल लैब लगभग दो माह से बंद पड़ी है। इससे न तो संक्रामक बीमारियों के मरीज चिह्नित हो पा रहे हैं और न ही सैंपल लेकर जांच के लिए बाहर भेजा जा पा रहा है।
कोरोना काल में बायोसेफ्टी लैब (बीएसएल) मेडिकल कॉलेज के ट्रामा सेंटर के प्रथम तल पर स्थापित की गई थी। शुरुआत में लैब से पर्याप्त मात्रा में कोरोना वायरस की जांच की गई। वहीं, अन्य जांच में एन्फ्लूएंजा, एलाईजा, चिकन पॉक्स, चिकनगुनिया समेत वायरस से फैलने वाली अन्य बीमारियों की जांच होती थी। इस जांच में बीमारी के साथ वायरस के प्रकार की भी जानकारी हो जाती थी।
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लेकिन, लगभग दो माह से कोविड कर्मचारी के हटने के बाद लैब बंद हो गई है। इससे उक्त सभी प्रकार की जांच की सुविधा ठप हो गई है। अब हालात यह है कि न तो मरीजों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जा पा रहे हैं और न ही मरीज मिलने पर स्वास्थ्य विभाग को जानकारी दी जा रही है। ऐसे में मरीज तक चिह्नित नहीं हो पा रहे हैं।
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मेडिकल कॉलेज को संभावित मरीज मिलने की सूचना देने के लिए पत्र लिखा जाएगा, जिससे सैंपल लेकर जांच को भेजा जा सके। लैब में स्टॉफ के लिए पत्राचार किया जाएगा।
-डॉ. इम्तियाज अहमद, सीएमओ